एक गीत जिसने रात को 'पवित्र' बना दिया, ‘साइलेंट नाइट’ का ऐतिहासिक सफर
नई दिल्ली, 23 दिसंबर (आईएएनएस)। 1818 की क्रिसमस ईव पर (24 दिसंबर) की जर्मनी और ऑस्ट्रिया की सीमा से लगे ओबरनडोर्फ नामक छोटे से कस्बे के सेंट निकोलस चर्च में कुछ ऐसा हुआ, जिसने क्रिसमस के इतिहास को हमेशा के लिए बदल दिया। इसी दिन पहली बार प्रसिद्ध क्रिसमस कैरल “साइलेंट नाइट” (स्टिले नाख्त) को सार्वजनिक तौर पर गाया गया। उस समय किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि यह सरल-सा गीत आने वाले दो सौ वर्षों में दुनिया के सबसे अधिक गाए जाने वाले धार्मिक गीतों में शामिल हो जाएगा।