रोज करें 'पद्मासन', इन समस्याओं से मिलेगी राहत

IANS | July 5, 2025 9:13 AM

नई दिल्ली, 5 जुलाई (आईएएनएस)। योग हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा है और पद्मासन इसका एक महत्वपूर्ण आसन है। इसे 'कमलासन' भी कहते हैं, क्योंकि इसकी मुद्रा कमल के फूल जैसी दिखती है। नियमित रूप से पद्मासन करने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को कई लाभ मिलते हैं।

हिंदी रंगमंच की शान है असगर वजाहत का नाटक ‘जिन लाहौर नइ वेख्या ओ जम्याइ नइ’

IANS | July 4, 2025 12:17 PM

नई दिल्ली, 4 जुलाई (आईएएनएस)। जब भी भारत-पाकिस्तान विभाजन के दर्द और उसकी साहित्यिक अभिव्यक्ति की बात होती है, तो असगर वजाहत का नाम खुद ही जेहन में उभरता है। उनका नाटक ‘जिन लाहौर नइ वेख्या ओ जम्याइ नइ’ हिंदी रंगमंच का एक ऐसा मील का पत्थर है, जो 1947 के विभाजन की त्रासदी को न केवल गहरी संवेदनशीलता के साथ उकेरता है, बल्कि मानवता और सांप्रदायिक सौहार्द का एक शक्तिशाली संदेश भी देता है।

त्रिनिदाद एंड टोबैगो: प्रधानमंत्री कमला ने स्वागत भाषण में पढ़ी पीएम मोदी की कविता

IANS | July 4, 2025 10:32 AM

पोर्ट ऑफ स्पेन, 4 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा के दूसरे चरण में त्रिनिदाद एंड टोबैगो पहुंचे। उन्होंने यहां त्रिनिदाद एंड टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला पर्साद-बिसेसर से मुलाकात की। वो पल खास रहा जब पीएम कमला ने पीएम मोदी की किताब ‘आंख आ धन्य छे’ में प्रकाशित एक कविता का उल्लेख किया।

स्वामी विवेकानंद की 123वीं पुण्यतिथि, पीएम मोदी ने किया नमन, बोले- उनके विचार हमारे लिए मार्गदर्शक

IANS | July 4, 2025 9:22 AM

नई दिल्ली, 4 जुलाई (आईएएनएस)। स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें नमन किया है। पीएम मोदी ने उनके विचारों को मार्गदर्शन करने वाला बताया।

सावन विशेष : महादेव को क्यों प्रिय है भांग, आक और धतूरा? ‘नीलकंठ’ से है कनेक्शन

IANS | July 3, 2025 6:56 PM

नई दिल्ली, 3 जुलाई (आईएएनएस)। सावन का महीना भगवान शिव और उनके भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। महादेव अपने भक्तों पर जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं, चाहे वह इंसान हो, देवता या असुर। शिव को प्रसन्न करने के लिए न तो महंगी मिठाइयों की जरूरत है न ही जटिल पूजा विधि की। बेलपत्र, भांग, आक, धतूरा और एक लोटा जल ही उनके लिए काफी है। लेकिन, क्या आपने कभी सोचा कि भगवान शिव को भांग, आक और धतूरा क्यों प्रिय है?

रावणेश्वर ज्योतिर्लिंग जो मशहूर है 'कामना लिंग' के नाम से, जहां बाबा मंदिर के शिखर पर 'त्रिशूल' नहीं लगा है 'पंचशूल'

IANS | July 3, 2025 6:03 PM

नई दिल्ली, 3 जुलाई (आईएएनएस)। महादेव के द्वादश ज्योतिर्लिंग में से पांचवें नंबर पर आता है बाबा बैद्यनाथ धाम। जिसे रावणेश्वर ज्योतिर्लिंग या फिर कामना लिंग के नाम से भी जाना जाता है। यह द्वादश ज्योतिर्लिंग में अकेला ऐसा शिवलिंग है, जहां माता पार्वती और महादेव एक साथ विराजते हैं। कहते हैं यहां माता सती का हृदय भाग गिरा था। ऐसे में यहां दर्शन-पूजन से भक्तों को महादेव के साथ माता पार्वती का भी आशीर्वाद मिलता है और उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसलिए इसे मनोकामना लिंग या कामना लिंग भी कहा जाता है।

राहत का दूसरा नाम ‘हरसिंगार’, एक-दो नहीं अनेक समस्याओं की करता है छुट्टी

IANS | July 3, 2025 11:27 AM

नई दिल्ली, 3 जुलाई (आईएएनएस)। हरसिंगार, जिसे पारिजात या ‘रात की रानी’ के नाम से भी जाना जाता है, एक ऐसा औषधीय वृक्ष है जो कई समस्याओं से लड़ने में हमारी मदद करता है। आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा में इसे विशेष महत्व दिया जाता है। इसके फूल, पत्ते और फल कई रोगों के उपचार में उपयोग किए जाते हैं।

जहां दो ज्योतिर्लिंग नदी के दो किनारों पर स्थित होकर एकलिंग नाथ के रूप में पूजे जाते हैं, वहां प्रवाहित पवित्र नदी का हर कंकड़ शंकर है

IANS | July 3, 2025 8:30 AM

नई दिल्ली, 3 जुलाई (आईएएनएस)। गंगा से भी ज्यादा पावन नदी नर्मदा, इसके किनारे से सटा ओंकार पर्वत और इस पर्वत पर निवास करते एकलिंगनाथ यानी महादेव। सचमुच यह स्थान देवताओं का निवास स्थान है। यहां नर्मदा नदी के दोनों किनारों पर दो प्रमुख मंदिर हैं ओंकारेश्वर और ममलेश्वर। यहां दोनों ज्योतिर्लिंग मिलकर एक होते हैं और कहलाते हैं ओंकारममलेश्वर। द्वादश ज्योतिर्लिंग में इसका स्थान चौथा है।

सावन विशेष : हरी चूड़ी, साड़ी और श्रृंगार... क्या है महादेव के प्रिय मास से 'हरे रंग' का कनेक्शन?

IANS | July 2, 2025 5:17 PM

नई दिल्ली, 2 जुलाई (आईएएनएस)। भोलेनाथ के प्रिय मास सावन का शुभारंभ 11 जुलाई से होने जा रहा है। सावन में न केवल प्रकृति हरे रंग की ओढ़नी ओढ़कर इतराती है, बल्कि पंरपराओं के अनुसार महिलाएं भी हरे रंग को अपने श्रृंगार में शामिल करती हैं, फिर वो चूड़ी हो या साड़ी, बिंदी या अन्य श्रृंगार प्रसाधन। हरे रंग का खास महत्व है और इस मास से खास कनेक्शन भी है।

एक मात्र दक्षिणमुखी शिवलिंग, जहां आकर काल के भी कांप जाते हैं पांव

IANS | July 2, 2025 8:50 AM

नई दिल्ली, 2 जुलाई (आईएएनएस)। कालों के काल महाकाल। द्वादश ज्योतिर्लिंग में तीसरे नंबर पर पूजे जाते हैं। कलयुग के कर्ता धर्ता और प्राणियों के काल हरने वाले महाकाल। यहां महादेव एक मात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग के तौर पर विराजते हैं। वास्तु में दक्षिण दिशा के स्वामी मृत्यु के देवता यमराज को माना गया है। मृत्यु से परे होने के कारण ही भगवान महाकाल को ये नाम दिया गया है। इसलिए यह भी मान्यता है कि जो भी सच्चे मन से भगवान महाकालेश्वर के दर्शन व पूजन करता है उसे मृत्यु उपरांत यमराज द्वारा दी जाने वाली यातनाओं से मुक्ति मिल जाती है।