पूरी सृष्टि में केवल पुष्कर में है ब्रह्मा जी का मंदिर, जानिए कारण

IANS | November 5, 2025 11:54 PM

पुष्कर, 5 नवंबर (आईएएनएस)। ब्रह्मा, विष्णु और महेश को सृष्टि का निर्माता, पालनकर्ता और संहारक माना गया है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि विष्णु और शिव जी के तो पूरे देश में कई मंदिर हैं और लोग घर में भी उनकी पूजा करते हैं, जबकि ब्रह्मा जी की पूजा लगभग कभी नहीं होती। उनका केवल एक ही मंदिर है जो पुष्कर में स्थित है।

कार्तिगाई दीपम : प्रकाश का महापर्व, दो पौराणिक कथाओं से जुड़ा तमिल उत्सव

IANS | November 5, 2025 11:45 PM

नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। मार्गशीर्ष के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि गुरुवार को मासिक कार्तिगाई है। यह पर्व मुख्य रूप से तमिलनाडु, श्रीलंका और तमिल बहुल क्षेत्रों में मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) की पूजा करने से जीवन में सुख-शांति और वैभव की प्राप्ति होती है।

जगन्नाथ पुरी मंदिर की रहस्यमयी रसोई, जहां रोजाना बनता है लाखों लोगों के लिए महाप्रसाद

IANS | November 5, 2025 11:01 PM

पुरी, 5 नवंबर (आईएएनएस)। ओडिशा के पुरी में स्थित भगवान जगन्नाथ का मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि यह श्रद्धा, भक्ति और रहस्यों का अद्भुत मिश्रण है। इसे भारत के चार धामों में से एक माना जाता है और यहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर की भव्यता, इसकी परंपराएं और यहां के चमत्कार लोगों को हमेशा हैरान कर देते हैं।

माउंट एवरेस्ट से कम ऊंचाई, फिर भी आज तक कोई क्यों नहीं चढ़ पाया कैलाश पर्वत पर?

IANS | November 5, 2025 9:34 PM

नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। कैलाश पर्वत दुनिया की सबसे रहस्यमयी और पवित्र चोटियों में से एक है। यह तिब्बत के न्गारी प्रांत में स्थित है और भारत, नेपाल और चीन की सीमाओं के पास पड़ता है।

सिटिंग इज द न्यू स्मोकिंग: लंबे समय तक बैठे रहने के खतरों पर नए शोध

IANS | November 5, 2025 7:06 PM

नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। आधुनिक जीवन की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि हम जितना तरक्की कर रहे हैं, उतना ही आरामतलब भी हो गए हैं। चल कर काम करने की बजाए काम का अधिकतर हिस्सा स्क्रीन के सामने पूरा होता है, यात्रा गाड़ियों में, और आराम कुर्सियों पर किया जा रहा है। नतीजा यह कि 'लंबे समय तक बैठे रहना' आज एक नई स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। पिछले कुछ वर्षों में कई शोध हुए थे, जिन्होंने यह साबित किया है कि लंबे समय तक बैठना सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि धीरे-धीरे शरीर के लिए उतना ही नुकसानदेह बनता जा रहा है जितना धूम्रपान। इसी कारण वैज्ञानिकों ने इसे नाम दिया है 'सिटिंग इज द न्यू स्मोकिंग।'

'मॉडरेट एक्सरसाइज' का एक ही सूत्र- 'फिटनेस, मतलब खुद को थकाना नहीं बल्कि एक्टिव रखना'

IANS | November 5, 2025 5:43 PM

नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में फिटनेस का मतलब कई लोगों के लिए जिम में घंटों पसीना बहाना बन गया है। लेकिन हाल ही में अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (एचएए) की एक रिपोर्ट ने इस सोच को चुनौती दी है। उनके अनुसार, लंबी और थकाऊ वर्कआउट से ज्यादा असरदार है। इसे मॉडरेट इंटेंसिटी एक्सरसाइज, यानी मध्यम गति की नियमित शारीरिक गतिविधि कहते हैं।

हर सात में से एक किशोर मानसिक विकार से जूझ रहा: डब्ल्यूएचओ

IANS | November 5, 2025 4:41 PM

नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। हाल ही में जयपुर से एक दिल दहलाने वाली खबर ने देश को झकझोर कर रख दिया। 9 साल की बच्ची ने स्कूल की चौथी मंजिल से कूद कर जान दे दी। वजह क्या थी इसको लेकर कई तरह की चर्चा है, लेकिन बच्ची के उठाए इस बेहद ही खतरनाक कदम ने डब्ल्यूएचओ की नई फैक्ट शीट की ओर ध्यान दिला दिया है जो 1 सितंबर 2025 को सामने आई।

जापान का एक प्रांत ऐसा जहां भालुओं को काबू में करने के लिए सेना तैनात

IANS | November 5, 2025 2:12 PM

टोक्यो, 5 नवंबर (आईएएनएस)। जापान के पहाड़ी प्रांत अकिता में भालुओं के आतंक से लोग खौफजदा हैं। हालात बेकाबू हो चले हैं और यही वजह है कि इनसे निपटने के लिए सरकार को सेना भेजनी पड़ी है। स्थानीय अधिकारियों के अनुरोध पर ये कदम उठाया गया है।

सौ समस्याओं का समाधान : आयुर्वेद के इन पांच सिद्धांतों को अपनाकर जीवनशैली को करें संतुलित

IANS | November 5, 2025 1:07 PM

नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल में तनाव, अनिद्रा समेत कई बीमारियों का बिन बुलाए मेहमान की तरह आना बेहद आम सी बात बन चुकी है। हालांकि, कुछ बातों का ध्यान रखकर इन समस्याओं को छूमंतर किया जा सकता है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने बेहतरीन स्वास्थ्य का संपूर्ण और सरल तरीका बताया है।

देशबंधु चित्तरंजन दास : वकालत छोड़ स्वराज की मशाल जलाने वाले जादूगर

IANS | November 5, 2025 12:14 AM

नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। ढाका के बिक्रमपुर के तेलिरबाग गांव में 5 नवंबर 1870 की सुबह, जब गंगा की लहरें अभी भी कोहरे में डूबी थीं, एक बालक ने जन्म लिया। नाम रखा गया- चित्तरंजन दास। लंदन से बैरिस्टर बनकर भारत लौटे देशबंधु ने जितनी मजबूती से अपने मुवक्किलों के केस लड़े, उतनी ही दृढ़ता से स्वराज की मांग को भी उठाया। गांधीजी के असहयोग आंदोलन से मोतीलाल नेहरू के साथ मिलकर स्वराज पार्टी बनाने में उनकी भूमिका अहम रही।