25 दिसंबर को क्यों मनाया जाता है सुशासन दिवस? जानें क्या है पूर्व पीएम से संबंध

IANS | December 24, 2025 11:17 PM

नई दिल्ली, 24 दिसंबर (आईएएनएस)। भारत में हर साल 25 दिसंबर को सुशासन दिवस मनाया जाता है। यह दिन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के रूप में विशेष महत्व रखता है। सुशासन के उच्च मानकों को स्थापित करने वाले राजनेता को यह दिन समर्पित है।

खरमास में कर सकते हैं शुभ कार्य, बस इन आसान नियमों का रखें ध्यान

IANS | December 24, 2025 9:38 PM

नई दिल्ली, 24 दिसंबर (आईएएनएस)। खरमास, नाम सुनते ही कई लोग घबरा जाते हैं। सोचते हैं कि अब तो शादी या गृह प्रवेश जैसी कोई भी शुभ चीज नहीं कर सकते, लेकिन सच्चाई यह है कि खरमास केवल मांगलिक कार्यों पर रोक लगाता है, बाकी शुभ काम और पुण्य के लिए यह महीना बहुत खास माना जाता है। अगर आप सही दिशा और नियम जान लें, तो इस समय आप हर काम बिना किसी परेशानी के कर सकते हैं।

अंक ज्योतिष 2026: मूलांक 6 के जातकों के लिए कैसा रहेगा नया साल? जानिए अपने भविष्य का हाल

IANS | December 24, 2025 9:32 PM

नई दिल्ली, 24 दिसंबर (आईएएनएस)। नया साल 2026 आने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। ऐसे में हर कोई जानना चाहता है कि आने वाला साल उसके लिए कैसा रहेगा? अगर आपका मूलांक 6 है तो तैयार हो जाइए, क्योंकि नया साल आपके लिए रिश्ते, घर और आराम का साल रहने वाला है। नए साल में सूर्य का प्रभाव आपके जीवन में नई ऊर्जा और नेतृत्व की ताकत लाएगा। वहीं, शुक्र ग्रह आपके मन-मस्तिष्क पर असर डालकर कई फैसलों में आपको सोचने पर मजबूर कर सकता है।

सर्दियों में क्यों बढ़ जाती है खर्राटों की समस्या? जानें इसके वैज्ञानिक कारण

IANS | December 24, 2025 9:28 PM

नई दिल्ली, 24 दिसंबर (आईएएनएस)। दुनियाभर में बड़ी संख्या में लोग खर्राटों की समस्या से जूझ रहे हैं। आमतौर पर लोग इसे हल्के में ले लेते हैं, लेकिन यह न सिर्फ नींद की गुणवत्ता खराब करते हैं, बल्कि धीरे-धीरे सेहत पर भी असर डालते हैं।

जब वाजपेयी ने 'अटल' फैसले से पोखरण में लिखा इतिहास, जिसने बदल दी भारत की ताकत और दुनिया की सोच

IANS | December 24, 2025 8:45 PM

नई दिल्ली, 24 दिसंबर (आईएएनएस)। 11 मई 1998, दोपहर के ठीक 3 बजकर 45 मिनट, राजस्थान के पोखरण की तपती रेत के नीचे इतिहास करवट ले रहा था। उस क्षण भारत सिर्फ एक परीक्षण नहीं कर रहा था, बल्कि अपनी सामरिक आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रहा था। प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भारत ने वह साहसिक कदम उठाया, जिसकी कल्पना तो वर्षों से थी, लेकिन निर्णय लेने का साहस कम ही दिखाया गया था।

सिंहावलोकन 2025: युद्ध और उथल-पुथल के बीच शीर्ष सैन्य अधिकारियों की मौत, दुनिया रह गई स्तब्ध

IANS | December 24, 2025 7:08 PM

नई दिल्ली, 24 दिसंबर (आईएएनएस)। साल 2025 की शुरुआत के साथ ही दुनिया के कई हिस्सों में सैन्य और भू-राजनीतिक तनाव खुलकर सामने आने लगे। यह वह वर्ष रहा जब युद्ध केवल सीमाओं और मोर्चों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सेनाओं का नेतृत्व करने वाले शीर्ष कमांडर स्वयं हिंसा, हमलों और रहस्यमय मौतों के केंद्र में आ गए।

शिशिर ऋतु : इन आयुर्वेदिक तरीकों से बढ़ेगी इम्यूनिटी, जानें क्या करें, क्या नहीं

IANS | December 24, 2025 2:58 PM

नई दिल्ली, 24 दिसंबर (आईएएनएस)। शिशिर ऋतु यानी दिसंबर से मध्य फरवरी तक का ठंडा मौसम शरीर के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। इस समय ठंडी हवाएं चलती हैं और शरीर को सामान्य दिनों से ज्यादा गर्माहट तथा ऊर्जा की जरूरत पड़ती है। ऐसे में सही खान-पान और दिनचर्या का ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है। आयुर्वेद बताता है कि शिशिर ऋतु में क्या करें और क्या नहीं।

सोल इनविक्टस से क्रिसमस तक: आस्था और परंपराओं का संगम, कैसे बना 25 दिसंबर खास?

IANS | December 24, 2025 11:01 AM

नई दिल्ली, 24 दिसंबर (आईएएनएस)। क्रिसमस ईसाई धर्म का सबसे प्रमुख और हर्षोल्लास भरा त्योहार है। यह हर साल 25 दिसंबर को मनाया जाता है और इसकी पूर्व संध्या यानी 24 दिसंबर की रात को क्रिसमस ईव के रूप में विशेष महत्व दिया जाता है।

जैनेंद्र कुमार : भारत का मानचित्र बनाकर लिए थे 'फेरे', ठुकरा दिया था 'हिंदी सलाहकार' का पद

IANS | December 23, 2025 11:49 PM

नई दिल्ली, 23 दिसंबर (आईएएनएस)। हिंदी साहित्य के मनोवैज्ञानिक कथाकार जैनेंद्र कुमार की लेखनी ने हिंदी उपन्यास को नई दिशा दी। मनोविश्लेषण की गहराई से पात्रों के अंतर्मन को उन्होंने कलम के साथ कोरे कागज पर उकेरा। नई विचारधारा और मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण के कारण कुछ आलोचकों ने उन्हें विवादास्पद माना, लेकिन कई साहित्यकारों ने उन्हें 'मानव मन के मसीहा' या 'नए युग का प्रवर्तक' भी कहा।

वर्षों तक अनदेखी, जब पत्र काफी नहीं था, 2014 में सरकार बदलते ही पीएम मोदी ने दिया था महान विभूतियों को सम्मान

IANS | December 23, 2025 9:41 PM

नई दिल्ली, 23 दिसंबर (आईएएनएस)। साल 2014 में जब नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल की शुरुआत की, तो उन्होंने एक नई दिशा और ऊर्जा के साथ शासन का तरीका बदलने की ठानी। उन पहले महीनों में ही यह स्पष्ट हो गया कि मोदी सरकार न सिर्फ नीतियों में बदलाव लाएगी, बल्कि देश की उन महान विभूतियों को भी सम्मानित करेगी, जिनका योगदान भारत की प्रगति में कभी न कभी अहम रहा था, लेकिन जिन्हें अब तक सही सम्मान नहीं मिला था। 2014 के अंत में, 24 दिसंबर को मोदी सरकार ने इस दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया।