कजरी से ध्रुपद तक में जादू डालने वाली बनारस की ‘मां’, जिन्हें केसरबाई केरकर ने दी ‘ठुमरी क्वीन’ की उपाधि
वाराणसी, 17 मार्च (आईएएनएस)। शिवनगरी काशी की संकरी गलियों में सदियों से संगीत की खुशबू बिखरी हुई है। इसी काशी में 8 अगस्त 1908 को एक ऐसी शख्सियत का जन्म हुआ, जिन्होंने ठुमरी को नया जीवन दिया और शास्त्रीय संगीत की ऊंचाइयों तक पहुंचाया। वह थीं सिद्धेश्वरी देवी, जिन्हें प्यार से ‘मां’ कहा जाता था और जिन्हें दिग्गज गायिका केसरबाई केरकर ने ‘ठुमरी क्वीन’ की उपाधि दी।