भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था सभी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा कर रही है: रिपोर्ट

भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था सभी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा कर रही है: रिपोर्ट

नई दिल्ली, 18 मार्च (आईएएनएस)। भारत में बेरोजगारी दर फरवरी में घटकर 4.9 प्रतिशत हो गई है, जो यह दिखाता है कि देश में नौकरी मिलने की रफ्तार में सुधार हो रहा है। अब रोजगार के अवसर सिर्फ कुछ बड़े शहरों या चुनिंदा सेक्टर तक सीमित नहीं रह गए हैं।

इंडिया नैरेटिव में प्रकाशित एक लेख के अनुसार, फरवरी में मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन, रिटेल, लॉजिस्टिक्स और कृषि जैसे कई सेक्टर में रोजगार बढ़ा है। इससे साफ है कि आर्थिक सुधार का फायदा अब शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों तक भी पहुंच रहा है।

सरकार द्वारा बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर किया जा रहा खर्च और कारोबार में बढ़ता भरोसा अब वास्तविक नौकरी के अवसरों में तब्दील होता दिख रहा है।

'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसे कार्यक्रमों के तहत मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के प्रयास रंग लाते दिख रहे हैं। साथ ही, पीएलआई (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) स्कीम के जरिए इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में विदेशी निवेश बढ़ रहा है। इन सेक्टर में सिर्फ फैक्ट्री में ही नहीं, बल्कि लॉजिस्टिक्स, कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में भी रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं।

लेख में कहा गया है कि अब कई ग्लोबल कंपनियां भारत को अपना प्रोडक्शन बेस बना रही हैं, जिससे नौकरी के अवसर ज्यादा स्थिर हो रहे हैं और मौसमी उतार-चढ़ाव का असर कम पड़ रहा है।

युवाओं के रोजगार को लेकर भी सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। टेक्नोलॉजी और डिजिटल सर्विस सेक्टर तेजी से बढ़ रहे हैं, जहां सॉफ्टवेयर, डेटा एनालिटिक्स और क्लाउड जैसी फील्ड में लाखों लोगों को नौकरी मिल रही है।

इसके अलावा, भारत का बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम — जैसे फिनटेक, ई-कॉमर्स और ग्रीन एनर्जी — भी युवाओं के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है। सरकार की पीएम कौशल विकास योजना जैसी स्कीम युवाओं को नए स्किल्स सिखाकर उन्हें नौकरी के लिए तैयार कर रही हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ने से यह भी संकेत मिलता है कि विकास का फायदा छोटे शहरों और गांवों तक पहुंच रहा है, जिससे लोगों की आय स्थिर हो रही है और मांग भी बढ़ रही है।

लेख में यह भी कहा गया है कि सिर्फ आर्थिक सुधार ही नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रहे बदलाव भी असर दिखा रहे हैं। खासकर, महिलाओं की श्रम भागीदारी दर में बढ़ोतरी हो रही है, जो कई सालों से स्थिर थी।

अब ज्यादा महिलाएं हेल्थकेयर, एजुकेशन, छोटे बिजनेस और डिजिटल सर्विस सेक्टर में काम कर रही हैं, जिससे रोजगार के ढांचे में बड़ा बदलाव आ रहा है।

जैसे-जैसे डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ रही है, वैसे-वैसे वर्क फ्रॉम होम और पार्ट-टाइम जैसी नई नौकरी के विकल्प भी सामने आ रहे हैं, जिससे पहले बाहर रह गए लोगों को भी काम के मौके मिल रहे हैं।

--आईएएनएस

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