नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस)। इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी भी डीपफेक और एआई के गलत इस्तेमाल का निशाना बनी हैं। इस पर चिंता जताते हुए मेलोनी ने कहा कि उनकी कई नकली तस्वीरें एआई की मदद से बनाकर सोशल मीडिया पर असली बताकर फैलाई जा रही हैं।
मेलोनी ने इसे सिर्फ उनके खिलाफ हमला नहीं, बल्कि एक बड़ी समस्या बताया, जो किसी को भी निशाना बना सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी चीज पर भरोसा करने और उसे शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांच लें।
जियोर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''आजकल, मेरी कई नकली तस्वीरें सर्कुलेट हो रही हैं, जिन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनाया गया है और कुछ कट्टर विरोधी उन्हें असली बताकर फैला रहे हैं। मुझे यह मानना पड़ेगा कि जिसने भी इन्हें बनाया है, कम से कम इस मामले में तो उसने मुझे काफी बेहतर भी बना दिया है। लेकिन, सच तो यह है कि सिर्फ हमला करने और झूठी बातें गढ़ने के लिए, आजकल किसी भी चीज का इस्तेमाल किया जा रहा है।''
मेलोनी ने कहा, ''यह बात सिर्फ मुझसे जुड़ी नहीं है। डीपफेक एक खतरनाक हथियार है, क्योंकि ये किसी को भी धोखा दे सकते हैं, मैनिपुलेट कर सकते हैं और उन पर हमला कर सकते हैं। मैं तो अपना बचाव कर सकती हूं, लेकिन बहुत से दूसरे लोग ऐसा नहीं कर सकते।''
मेलोनी ने अपील करते हुए कहा कि डीपफेक के बढ़ते खतरे की वजह से एक नियम हमेशा लागू होना चाहिए: यकीन करने से पहले जांचें, और शेयर करने से पहले यकीन करें। क्योंकि आज यह मेरे साथ हुआ है, कल किसी के भी साथ हो सकता है।
डीपफेक के लगातार बढ़ते खतरे दुनियाभर में चिंता का विषय बने हुए हैं। भारत में डीपफेक के कई चर्चित और विवादित मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें ज्यादातर सेलिब्रिटी और राजनेता लोग इसका शिकार हुए हैं।
भारत में अभिनेत्री रश्मिका मंदाना डीपफेक का शिकार हो चुकी हैं। एक वायरल वीडियो में एक लड़की के चेहरे पर रश्मिका मंदाना का चेहरा लगा दिया गया था। विवाद बढ़ने के बाद पता चला कि यह वीडियो असली नहीं था, बल्कि एआई से बनाया गया था।
अभिनेता आमिर खान का डीपफेक वीडियो भी विवाद की वजह बना। वीडियो में आमिर खान को किसी राजनीतिक पार्टी का समर्थन करते दिखाया गया था। बाद में उनकी टीम ने सामने आकर इसे फर्जी बताया।
--आईएएनएस
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