नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस)। भारत के पूर्व सॉलिसिटर जनरल और वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल के राजनीतिक हालात पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देने पर कोई संवैधानिक संकट पैदा नहीं होगा।
आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी का चुनाव हारने के बाद भी मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा न देना कोई बड़ा संवैधानिक संकट नहीं पैदा करेगा, क्योंकि कानून में ऐसी स्थिति से निपटने के पर्याप्त प्रावधान हैं।
हरीश साल्वे ने कहा कि राज्यपाल के पास यह विकल्प होता है कि मौजूदा मुख्यमंत्री को कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में काम करने की अनुमति दें या केंद्र सरकार को राष्ट्रपति शासन लगाने की सलाह दें।
उन्होंने कहा, ''उम्मीद है कि वह कोलकाता में कैपिटल जैसी स्थिति पैदा करने की योजना नहीं बना रही हैं।''
साल्वे यहां डोनाल्ड ट्रंप के उस मामले का जिक्र कर रहे थे, जब उन्होंने 2021 में चुनाव हारने के बाद इस्तीफा देने से पहले अपने समर्थकों को वॉशिंगटन डीसी स्थित कैपिटल पर हमला करने के लिए उकसाया था।
साल्वे ने कहा कि पिछले 10-12 सालों में एक तरह की सोच फैल रही है, जिसमें लोग 'सच' की जगह 'मेरा सच और तुम्हारा सच' की बात करने लगे हैं। ममता बनर्जी द्वारा चुनाव आयोग को 'विलेन' कहना दुर्भाग्यपूर्ण है और यह दिखाता है कि कुछ नेता संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं। यह लोकतांत्रिक सिद्धांतों का अपमान है।
साल्वे ने आगे कहा कि एक मुख्यमंत्री, जिसने संविधान का पालन करने की शपथ ली है, वही उसका पालन करने से इनकार कर रही हैं।
पश्चिम बंगाल चुनाव की निष्पक्षता पर उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह संवैधानिक रूप से वैध चुनाव है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने इससे जुड़े मामलों को खारिज कर दिया था।
उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी का रवैया अरविंद केजरीवाल के उस हालिया बयान जैसा है, जिसमें उन्होंने एक हाई कोर्ट जज पर पक्षपात का आरोप लगाया था। ऐसे बयान संस्थाओं पर हमला करने और उन्हें डराने की कोशिश हैं। संदेश यह होता है कि अगर फैसला हमारे पक्ष में नहीं आया तो हम आपकी पृष्ठभूमि खंगालेंगे।
गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में गड़बड़ी और 'वोट चोरी' के आरोप लगाए हैं और उन्होंने अगली सरकार के शपथ ग्रहण से पहले इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है।
उन्होंने मीडिया से कहा, ''मैं अभी इस्तीफा क्यों दूं? हम वास्तव में हारे नहीं हैं। नतीजे असली जनादेश को नहीं दिखाते, बल्कि गड़बड़ी और 'वोट चोरी' के परिणाम हैं।''
--आईएएनएस
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