शाला प्रवेशोत्सव: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वह विरासत जो आज ‘प्रगति का प्रवेशोत्सव’ बन गई
अहमदाबाद, 23 जून (आईएएनएस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि इतिहास की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वह अक्सर उन क्षणों में रचा जाता है जिन्हें उस वक्त कोई असाधारण नहीं समझता। एक बच्चे का पहली बार विद्यालय में प्रवेश भी देखने में एक साधारण सी गतिविधि लगती है, किंतु जो आंखें थोड़ा गहरा देखती हैं, वे जानती हैं कि उस एक कदम में कितनी पीढ़ियों का भाग्य समाया होता है। वह द्वार केवल एक बच्चे के लिए नहीं खुलता बल्कि उसके साथ उस परिवार की संभावनाएं खुलती हैं, उस समाज की आकांक्षाएं खुलती हैं और आने वाले कल की अनगिनत संभावनाएं भी उस क्षण जन्म लेती हैं।