युद्ध का स्वरूप बदल रहा है, हमारी सोच को भी लगातार बदलना होगाः सेना प्रमुख
नई दिल्ली, 27 सितंबर (आईएएनएस)। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का अर्थ केवल देश में हथियार और सैन्य उपकरण बनाना नहीं है। भारत के पास ऐसी क्षमता होनी चाहिए जिससे वह लंबे समय तक चलने वाले युद्ध में अपनी सैन्य ताकत को बनाए रख सके। रविवार को यह बात थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने कही। उन्होंने कहा कि ऐसी क्षमता होनी चाहिए जिससे बदलती जरूरतों के अनुसार सैन्य ताकत को ढाल सके और लगातार मजबूत कर सके।