शनि जन्मोत्सव : सूर्य पुत्र को समर्पित 12वीं शताब्दी का दिव्य धाम, जहां राजा नल को मिली श्राप से मुक्ति
कराईकल, 15 मई (आईएएनएस)। सूर्य पुत्र शनिदेव के भक्तों के लिए शनिवार का दिन खास मायने रखता है। हालांकि, ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि और भी खास हो जाती है क्योंकि इस दिन शनि जन्मोत्सव मनाया जाता है। ऐसे में 16 मई (शनि जन्मोत्सव) को लेकर भक्तों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। देश भर में शनिदेव के कई दिव्य धाम हैं, जहां दर्शन-पूजन से उनकी कृपा प्राप्त होती है। ऐसा ही एक दिव्य धाम पुडुचेरी के कराईकल जिले में स्थित है, जहां राजा नल को शनि के श्राप से मुक्ति मिली थी।