द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी : गौरी पुत्र गणपति को प्रसन्न करने का उत्तम दिन, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल
नई दिल्ली, 4 फरवरी (आईएएनएस)। सनातन धर्म में पंचांग का बेहद महत्व है। नया काम, पूजा-पाठ हो या दिन की शुरुआत पंचांग का विचार महत्वपूर्ण है। फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी 5 फरवरी, गुरुवार, को है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन गणपति की उपासना से संकट का नाश होता है और सुख-समृद्धि आती है।