चंद्रशेखर आजाद पुण्यतिथि: अल्फ्रेड पार्क में अंतिम गोली से निभाया ‘आजाद’ रहने का प्रण
नई दिल्ली, 26 फरवरी (आईएएनएस)। "दुश्मन की गोलियों का सामना करेंगे, आजाद ही रहे हैं, आजाद ही रहेंगे।" यह चंद्रशेखर आजाद के शब्द मात्र नहीं थे, बल्कि यह भारत भूमि के लिए मर मिटने का प्रण था। फौलाद सा शरीर, मूंछों पर ताव और चेहरे पर तेज वाले चंद्रशेखर आजाद की आंखों में आजादी का सपना था। वे ऐसे वीर सपूत थे, जिन्होंने अपनी बहादुरी और साहस की कहानी खुद लिखी।