100 करोड़ से अधिक लोगों के दिलों में बसी, सिर्फ भाषा नहीं, भावों की अभिव्यक्ति है हिंदी
नई दिल्ली, 9 जनवरी (आईएएनएस)। "हिंदी भाषा ही नहीं भावों की अभिव्यक्ति है, सदियों से हर भारतीय के शब्दों की शक्ति है।" भारत की अनेकता को एकता के सूत्र में पिरोने वाली हिंदी आज मात्र देश तक सीमित नहीं है। यह विश्व में तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है, जो हमारे पारंपरिक ज्ञान, प्राचीन सभ्यता और आधुनिक प्रगति के बीच एक सेतु भी है। हर साल 10 जनवरी को 'विश्व हिंदी दिवस' हर भारतीय को हिंदी भाषा की सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक महत्व पर गर्व के साथ हिंदी के विस्तार के लिए और आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।