पुण्यतिथि विशेष: 'चित्रलेखा' से अमर हुए भगवतीचरण वर्मा, वकालत छोड़ी और बन गए हिंदी के कालजयी उपन्यासकार
नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। 5 अक्टूबर 1981 को हिंदी साहित्य ने अपने सबसे बड़े कथाकारों में से एक को खो दिया था। भगवतीचरण वर्मा की पुण्यतिथि पर उनके जीवन और साहित्य को याद करना आज भी प्रासंगिक है क्योंकि उन्होंने प्रेमचंद के बाद के उपन्यास को एक नई दिशा दी।