बांके बिहारी के चरण दर्शन से जगन्नाथ रथ निर्माण शुरू तक, अक्षय तृतीया पर मंदिरों में होते हैं खास आयोजन
नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। सनातन धर्म में अक्षय तृतीया को सबसे पवित्र और शुभ तिथि में से एक माना जाता है। बैसाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि नारायण को समर्पित है। संस्कृत में ‘अक्षय’ शब्द का अर्थ है ‘जो कभी खत्म न हो’, इसलिए इस दिन किए गए दान, पुण्य, नए कार्य शुरू करना और घर-मंदिर का निर्माण हमेशा फलदायी माना जाता है। इस दिन पूरे 24 घंटे शुभ रहते हैं। किसी भी शुभ काम के लिए अलग से मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं पड़ती।