अगस्त क्रांति : वह अदम्य ज्वाला जिसने हिला दी थी ब्रिटिश साम्राज्य की नींव
नई दिल्ली, 8 अगस्त (आईएएनएस)। यह बात 8 अगस्त 1942 की शाम की है, जब मुंबई का गोवालिया टैंक मैदान (जिसे आज अगस्त क्रांति मैदान कहा जाता है) लाखों की भीड़ से भरा था। इसी ऐतिहासिक मंच से महात्मा गांधी ने 'करो या मरो' का एक ऐसा उद्घोष किया जिसने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की दिशा हमेशा के लिए बदल दी।