पितृपक्ष में पिहोवा तीर्थ पर उमड़ रहे श्रद्धालु, अकाल मृत्यु वाले पितरों से जुड़ी है मान्यता
पिहोवा, 26 सितंबर (आईएएनएस)। पितृपक्ष में अपने दिवंगत परिजनों को श्रद्धापूर्वक याद करने और उनकी आत्मा की शांति के लिए देशभर में श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किए जा रहे हैं। हरियाणा के पिहोवा तीर्थ का पितृकर्म की दृष्टि से विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। सरस्वती नदी के तट पर स्थित इस तीर्थ को मान्यताओं में 'आदि गया तीर्थ' कहा जाता है। यहां सालभर श्रद्धालु अपने पितरों के निमित्त तर्पण और पिंडदान के लिए पहुंचते हैं, लेकिन पितृपक्ष के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है।