ब्रह्मा का एक मात्र मंदिर, पुष्कर सरोवर पितरों के मोक्ष का स्थान, जहां भगवान राम ने पिता दशरथ का किया था श्राद्ध
नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। हिंदू सनातन परंपरा में पितृ पक्ष का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। श्राद्ध पक्ष के दौरान श्रद्धालु अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके निमित्त तर्पण, पिंडदान एवं विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। देशभर में कई तीर्थस्थल श्राद्ध और तर्पण के लिए प्रसिद्ध हैं, लेकिन राजस्थान के पुष्कर को पितृ कर्म के लिए विशेष तीर्थ माना जाता है। मान्यता है कि यहां श्रद्धालु अपने 7 कुलों और 5 पीढ़ियों तक के पूर्वजों के निमित्त श्राद्ध कर्म कर सकते हैं।