डॉ. एसजी सुशीलम्मा को पद्म सम्मान, कहा- यह सफर केवल 15 रुपए, एक दोस्त और तीन बच्चों के साथ शुरू हुआ था

IANS | January 26, 2026 7:17 PM

बेंगलुरु, 26 जनवरी (आईएएनएस)। पद्म पुरस्कार से सम्मानित डॉ. एसजी सुशीलम्मा ने जीवन की संघर्षपूर्ण यात्रा और समाज सेवा के संकल्प को साझा करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए बेहद भावुक और संतोष देने वाला पल है।

तंजावुर के पशु चिकित्सक पुन्नियामूर्ति ने पद्म श्री मिलने पर कहा- 25 साल की सेवा का है यह सम्मान

IANS | January 26, 2026 6:01 PM

तंजावुर, 26 जनवरी (आईएएनएस)। तमिलनाडु के तंजावुर के प्रसिद्ध पशु चिकित्सक और प्रोफेसर पुन्नियामूर्ति को वर्ष 2026 के लिए पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इस सम्मान को लेकर उन्होंने कहा कि यह सिर्फ उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उन सभी लोगों की सामूहिक मेहनत और विश्वास का परिणाम है, जिन्होंने वर्षों से उनके साथ काम किया और उनके प्रयासों को समर्थन दिया।

कमलेश्वर: वह साहित्यकार जिसने दूरदर्शन को 'आम आदमी' की आवाज बनाया

IANS | January 26, 2026 2:13 PM

नई दिल्ली, 26 जनवरी (आईएएनएस)। 6 जनवरी 1932 को उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में जन्मे कमलेश्वर प्रसाद सक्सेना को केवल लेखक कह देना उनके व्यक्तित्व को सीमित करना होगा। वे साहित्य की दुनिया में एक जीवंत आंदोलन थे, दूरदृष्टि से भरे चिंतक थे और भारतीय टेलीविजन में रचनात्मक क्रांति की नींव रखने वालों में अग्रणी भूमिका निभाने वाले व्यक्तित्व थे।

अनुशासन में छिपी है सेहत की 'आजादी', अपनाएं हेल्दी आदतें

IANS | January 26, 2026 9:26 AM

नई दिल्ली, 26 जनवरी (आईएएनएस)। गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने स्वास्थ्य और आत्म-अनुशासन को 'आजादी' से जोड़ते हुए एक प्रेरणादायक संदेश साझा किया है। मंत्रालय के अनुसार, सेहत के लिए 'आजादी' का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति स्वच्छंद हो, बल्कि यह अनुशासन है कि वह अपने शरीर के लिए जो सही है, वही चुने।

गुप्त नवरात्रि : नवमी पर सर्वार्थ सिद्धि योग का अद्भुत संयोग, नोट कर लें राहुकाल

IANS | January 26, 2026 8:31 AM

नई दिल्ली, 26 जनवरी (आईएएनएस)। सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग का ध्यान रखना बेहद जरूरी माना जाता है। माघ मास की शुक्ल पक्ष नवमी तिथि इस बार खास महत्व रखती है, क्योंकि यह गुप्त नवरात्रि का नौवां दिन है और साथ ही इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग भी है।

गुजरात की मानभट्ट लोककला का सम्‍मान, धार्मिक लाल चुन्‍नीलाल पांड्या को पद्मश्री

IANS | January 25, 2026 11:10 PM

वडोदरा, 25 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने रविवार को गणतंत्र दिवस की पूर्ण संध्या पर पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री विजेताओं के नामों की घोषणा की। इस सूची में गुजरात की 'मानभट्ट' लोककला के कलाकार धार्मिक लाल चुन्‍नीलाल पांड्या का नाम शामिल है।

पद्मश्री को लेकर कैलाश चंद्र पंत ने कहा, 'यह साहित्यिक और सामाजिक जीवन की यात्रा का सम्मान'

IANS | January 25, 2026 8:28 PM

भोपाल, 25 जनवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की तीन प्रतिष्ठित हस्तियों का इस वर्ष पद्मश्री सम्मान के लिए चयन किया गया है, जिनमें साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कैलाश चंद्र पंत का नाम भी शामिल है।

सूडान में जारी गृहयुद्ध में महिलाएं बड़ी संख्या में बन रहीं शिकार, यौन हिंसा के मामले सबसे ज्यादा

IANS | January 25, 2026 7:21 PM

नई दिल्ली, 25 जनवरी (आईएएनएस)। सूडान में दो साल से भी ज्यादा लंबे समय से गृह युद्ध छिड़ा हुआ है, लेकिन इस लड़ाई में औरतें सबसे ज्यादा शोषण का शिकार हैं। सूडान की महिलाओं को दुनिया की सबसे बुरी यौन हिंसा और दूसरे जुर्मों का सामना करना पड़ रहा है। यह जानकारी सेना के समर्थन वाली सरकार की सामाजिक मामलों की मंत्री बनी एक कार्यकर्ता सुलेमा इसहाक अल-खलीफा ने दी है।

'कॉमन मैन' के 'हीरो' आरके लक्ष्मण, जिन्होंने अपनी कला से छुआ आम आदमी का दिल

IANS | January 25, 2026 6:25 PM

नई दिल्ली, 25 जनवरी (आईएएनएस)। 26 जनवरी, सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि हमारे देश की आजादी और लोकतंत्र की एक मिसाल है। इस दिन हमें अपना संविधान मिला था, जिस वजह से हम हर साल इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं, लेकिन 2015 में इसी दिन भारत ने एक ऐसे महान कलाकार को भी खो दिया, जिन्होंने अपनी कला के माध्यम से आम आदमी की आवाज को दुनिया तक पहुंचाया और कभी सत्ता से सवाल पूछने से भी नहीं कतराए।

गणतंत्र दिवसः पूर्ण स्वराज से संविधान लागू होने तक भारत के गणराज्य बनने की कहानी, बाबासाहेब को बड़ी जिम्मेदारी सौंपने की ये थी वजह

IANS | January 25, 2026 6:09 PM

नई दिल्ली, 25 जनवरी (आईएएनएस)। 1947 में हिंदुस्तान को ब्रिटिश हुकूमत से आजादी तो मिल चुकी थी, लेकिन कानून अभी भी अंग्रेजों वाले ही लागू थे। भारत के पास अपनी सरकार तो थी, मगर व्यवस्थाओं के लिए खुद का संविधान नहीं बना था। हालांकि इसकी कमी आजादी मिलने के साथ-साथ महसूस होने लगी थी। इसीलिए कमी को पूरा करने की पहल में 9 दिसंबर 1946 को संविधान सभा का गठन हुआ।