तस्लीमा नसरीन 19 साल बाद आईं कोलकाता, बताया- 'यहां दोबारा आकर बहुत अच्छा लग रहा है'
कोलकाता, 31 जुलाई (आईएएनएस)। बांग्लादेश की प्रसिद्ध लेखिका और कवयित्री तस्लीमा नसरीन शुक्रवार को लगभग 19 साल बाद कोलकाता लौटीं।
कोलकाता, 31 जुलाई (आईएएनएस)। बांग्लादेश की प्रसिद्ध लेखिका और कवयित्री तस्लीमा नसरीन शुक्रवार को लगभग 19 साल बाद कोलकाता लौटीं।
नई दिल्ली, 30 जुलाई (आईएएनएस)। हिंदी और उर्दू साहित्य का इतिहास जब भी लिखा जाएगा, उसमें मुंशी प्रेमचंद का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा। उन्हें केवल एक उपन्यासकार या कहानीकार कहना उनके साहित्यिक व्यक्तित्व को सीमित करना होगा। प्रेमचंद ने अपनी लेखनी के माध्यम से भारतीय समाज के उस यथार्थ को शब्द दिए, जिसे उस दौर में बहुत कम लेखक इतनी संवेदनशीलता और निर्भीकता के साथ प्रस्तुत कर पाए।
नई दिल्ली, 11 जुलाई (आईएएनएस)। पत्रकार अमृता त्रिपाठी द्वारा स्थापित 'से अगेन प्रेस' ने शनिवार को नई दिल्ली में अपनी नई प्रकाशन शाखा का शुभारंभ किया। इस दौरान साहित्यिक और प्रकाशन जगत की जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं।
जकार्ता/नई दिल्ली, 5 जुलाई (आईएएनएस)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को इंडो-पैसिफिक मिशन की शुरुआत इंडोनेशिया से करेंगे। 6 जुलाई से 8 जुलाई तक उनका यहां कार्यक्रम है। पीएम को चौथी बार स्वागत करने को जकार्ता तैयार है। मुख्य सड़कों और इमारतों पर इंडोनेशिया-भारत के मजबूत संबंधों की झलक देखी जा सकती है। प्रधानमंत्री के व्यस्त कार्यक्रम में भारतीय समुदाय से मुलाकात भी शामिल है।
वियना, 2 जुलाई (आईएएनएस)। 'रंगा सियार,' 'मूर्ख शेर और चालाक खरगोश,' 'प्यासा कौवा' और ऐसी ही भारत की मिट्टी में रची बसी और नेक नियती का पाठ पढ़ाती 'पंचतंत्र की कहानियां' ऑस्ट्रिया के बच्चे पढ़ पाएंगे। इस अभूतपूर्व पहल का अगुवा वियना स्थित भारतीय दूतावास है। भारतीय संस्कृति और मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की सोच वाली इस कोशिश को 'गुरुकुल डिप्लोमेसी' नाम दिया गया है। इसी पहल के तहत ऑस्ट्रिया में भारत के राजदूत शंभू कुमारन ने वियना के एक स्कूल में बच्चों को प्राचीन भारतीय ग्रंथ 'पंचतंत्र' की कहानियां सुनाईं।
नई दिल्ली, 16 जून (आईएएनएस)। वरिष्ठ पत्रकार जोया अहमद हुसैन की पहली पुस्तक 'वाह री जिंदगी' का विमोचन किया गया। यह पुस्तक वास्तविक जीवन के अनुभवों पर आधारित कहानियों का एक भावनात्मक, विविध और रोचक संग्रह है। पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में मीडिया, साहित्य, कला और सार्वजनिक जीवन से कई प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल हुईं।
नई दिल्ली, 29 मई (आईएएनएस)। पत्रकारिता एक ऐसा शब्द, जो समाज के सबसे कमजोर व्यक्ति को भी आगे बढ़ने, लड़ने की ताकत या हौसला दे सकता है। हर साल 30 मई को देशभर में ‘हिन्दी पत्रकारिता दिवस’ मनाया जाता है। यह दिन हिंदी पत्रकारिता के इतिहास में बेहद खास माना जाता है, क्योंकि इसी दिन वर्ष 1826 में हिंदी का पहला समाचार पत्र ‘उदन्त मार्तण्ड’ प्रकाशित हुआ था।
नई दिल्ली, 28 मई (आईएएनएस)। उर्दू अदब का एक नरम लहजा हमेशा के लिए खामोश हो गया। अपनी सादगी भरी शायरी से करोड़ों दिलों में जगह बनाने वाले शायर बशीर बद्र अब इस दुनिया में नहीं रहे। पद्मश्री से सम्मानित बशीर बद्र ने गुरुवार को भोपाल स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन के साथ ही उर्दू शायरी का एक ऐसा खूबसूरत और नरम लहजा खामोश हो गया, जिसने आम आदमी की भावनाओं को बेहद आसान शब्दों में दुनिया के सामने रखा। उनके निधन से प्रशंसक कसक के साथ बस इतना ही कह पाए "फिर से खुदा बनाएगा कोई नया जहां, दुनिया को यूं मिटाएगी इक्कीसवीं सदी...।"
मुंबई, 20 मई (आईएएनएस)। हिंदी साहित्य और व्यंग्य लेखन की दुनिया में शरद जोशी एक ऐसा नाम हैं, जिन्होंने अपनी प्रभावशाली लेखनी से समाज, राजनीति और व्यवस्था पर गहरी चोट की। सरकारी नौकरी की सुरक्षित जिंदगी छोड़कर उन्होंने साहित्य सृजन को अपना जीवन बना लिया। शरद जोशी मानते थे कि “लिखना जिंदगी जी लेने की एक तरकीब है” और इसी सोच के साथ उन्होंने जीवनभर लेखन किया।
अहमदाबाद, 20 मई (आईएएनएस)। पद्म पुरस्कार से सम्मानित गुजराती साहित्यकार और शिक्षाविद् रतिलाल बोरिसागर ने कहा कि उन्हें कभी उम्मीद नहीं थी कि लिखने और पढ़ाने के उनके साधारण कार्य को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।