विश्व पुस्तक मेला: साहित्य, संस्कृति, ज्ञान-विज्ञान का सजेगा मंच, भारत मंडपम में 10 जनवरी से शुरुआत

IANS | January 9, 2026 5:11 PM

नई दिल्ली, 9 जनवरी (आईएएनएस)। डिजिटल दुनिया में जहां हर चीज मोबाइल, कंप्यूटर से लेकर आपकी मल्टी-फंक्शन टीवी स्क्रीन पर एक क्लिक में उपलब्ध हो जाती है। उस दौर में भी किताबों का अपना क्रेज है। आज भी किताबों के कद्रदान कम नहीं हैं। कहते हैं, 'किताबें बोलती हैं, आप बीती और जग बीती भी।' इस लिहाज से किताबों के शौकीनों, युवाओं, बच्चों-बूढ़ों से लेकर महिलाओं तक, सभी का इंतजार नई दिल्ली में 'विश्व पुस्तक मेले' में पूरा होने वाला है।

दिल्ली शब्दोत्सव 2026 : प्रतिभागियों ने कहा- शब्दों से जुड़ रहें युवा, हिंदी आज भी युवाओं की भाषा

IANS | January 2, 2026 4:28 PM

नई दिल्ली, 2 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित दिल्ली शब्दोत्सव 2026 का माहौल उत्साह और रचनात्मकता से भरा नजर आ रहा है। आयोजन स्थल पर साहित्य, संगीत और कला का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। शब्दों और सुरों के इस उत्सव में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पहुंचे और उन्होंने अपनी भागीदारी के अनुभव साझा किए।

यादों में अनवर : भगवद् गीता के उर्दू अनुवादक, मुशायरों के चहेते और सामाजिक सौहार्द के रहे पैरोकार

IANS | January 1, 2026 7:24 PM

नई दिल्ली, 1 जनवरी (आईएएनएस)। साल था 2018 और तारीख थी 2 जनवरी… जब उर्दू शायरी की दुनिया में अजीब सी खामोशी छा गई। इस दिन उस शख्स ने दुनिया को अलविदा कह दिया, जिसकी आवाज ने मुशायरों को रौशन किया, जिसकी कलम ने संस्कृत के श्लोकों को उर्दू के शेरों में ढाला। उस शख्स ने साहित्य को सामाजिक सौहार्द का जरिया बनाया और उनका नाम था अनवर जलालपुरी।

जयंती विशेष : ‘राग दरबारी’ से व्यंग्य को नई ऊंचाई देने वाले रचनाकार

IANS | December 31, 2025 6:59 PM

नई दिल्ली, 31 दिसंबर (आईएएनएस)। हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध व्यंग्यकार का नाम लिया जाए तो उसमें श्रीलाल शुक्ल का नाम जरूर आता है। साहित्यकार की 31 दिसंबर को जयंती है। उत्तर प्रदेश, लखनऊ के अतरौली गांव में जन्मे शुक्ल ने अपनी कलम से साबित किया कि व्यंग्य सिर्फ हंसाने का माध्यम नहीं, बल्कि गंभीर सामाजिक मुद्दों को हल्के और प्रभावी अंदाज में सामने लाने का मजबूत जरिया भी है।

यादों में दुष्यंत : 'मसान' की गुजरती रेल, शब्दों में थरथराता 'दिल', तड़प और पीड़ा के रचनाकार की कहानी

IANS | December 29, 2025 9:12 PM

नई दिल्ली, 29 दिसंबर (आईएएनएस)। साल 2015 में बॉलीवुड की फिल्म 'मसान' रिलीज हुई। बनारस, आज के युवाओं के लिए वाराणसी, के बैकड्रॉप पर सेट इस फिल्म के हर संवाद, सीन और गाने लोगों के कानों के रास्ते दिल तक पहुंच गए। एक गाना है, 'तू किसी रेल सी गुजरती है, मैं किसी पुल सा थरथराता हूं।' यह गाना दुष्यंत कुमार की गजल से लिया गया, जिसने हर उम्र को अपना दीवाना बना लिया।

जयंती विशेष: 'उल्टे चश्मे' से दुनिया देखने वाले तारक मेहता, जिनकी रचनाएं गुदगुदाती हैं

IANS | December 25, 2025 11:51 PM

मुंबई, 25 दिसंबर (आईएएनएस)। गुजराती साहित्य के प्रसिद्ध हास्यकार, कॉलमनिस्ट और नाटककार और एक ऐसे साहित्यकार, जो दुनिया को सीधे नहीं बल्कि उल्टे चश्मे से देखते थे। जी हां, बात हो रही है तारक जनुभाई मेहता की, जिनकी रचनाएं पाठकों, दर्शकों को आज भी खिलखिलाकर हंसने पर मजबूर करती हैं।

'मोदी युग में भारत का आर्थिक सशक्तीकरण' किताब का उपराष्ट्रपति ने किया विमोचन

IANS | December 24, 2025 3:37 PM

नई दिल्ली, 24 दिसंबर (आईएएनएस)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने हिमाचल के राज्यसभा सांसद प्रोफेसर (डॉ.) सिकंदर कुमार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले 11 साल के कार्यकाल के दौरान आर्थिक क्षेत्र में प्राप्त की गई उपलब्धियों पर लिखी पुस्तक 'मोदी युग में भारत का आर्थिक सशक्तीकरण' का बुधवार को उपराष्ट्रपति एन्क्लेव, नई दिल्ली में विमोचन किया। 

जैनेंद्र कुमार : भारत का मानचित्र बनाकर लिए थे 'फेरे', ठुकरा दिया था 'हिंदी सलाहकार' का पद

IANS | December 23, 2025 11:49 PM

नई दिल्ली, 23 दिसंबर (आईएएनएस)। हिंदी साहित्य के मनोवैज्ञानिक कथाकार जैनेंद्र कुमार की लेखनी ने हिंदी उपन्यास को नई दिशा दी। मनोविश्लेषण की गहराई से पात्रों के अंतर्मन को उन्होंने कलम के साथ कोरे कागज पर उकेरा। नई विचारधारा और मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण के कारण कुछ आलोचकों ने उन्हें विवादास्पद माना, लेकिन कई साहित्यकारों ने उन्हें 'मानव मन के मसीहा' या 'नए युग का प्रवर्तक' भी कहा।

'नौकर की कमीज' के रचनाकार विनोद कुमार शुक्ल का निधन, सीएम विष्णु देव साय ने जताया शोक

IANS | December 23, 2025 6:56 PM

रायपुर, 23 दिसंबर (आईएएनएस)। 'जो मेरे घर कभी नहीं आएंगे, मैं उनसे मिलने उनके पास चला जाऊंगा', कविता लिखने वाले कवि और हिंदी साहित्य के वरिष्ठ और प्रख्यात साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल का निधन हो गया है। उन्होंने रायपुर स्थित एम्स में अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और उनका इलाज एम्स रायपुर में जारी था।

जयंती विशेष : 'हम घिरे हैं गिरे नहीं' बताने वाले समकालीन शब्दकार

IANS | December 21, 2025 11:34 PM

नई दिल्ली, 21 दिसंबर (आईएएनएस)। हिंदी साहित्य के समकालीन कवियों में पंकज सिंह का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। उनकी कविताएं संघर्ष, विद्रोह और मानवीय संवेदनाओं से भरी हुई हैं। 'हम घिरे हैं गिरे नहीं' जैसी पंक्तियां उनके साहसी और बेबाक स्वभाव को दर्शाती हैं।