कर्पूरी ठाकुर: असहाय लोगों के महायोद्धा, जिनके लिए मुख्यमंत्री दफ्तर में लगती थी गरीबों की भीड़
नई दिल्ली, 23 जनवरी (आईएएनएस)। "दंगा रोकने में मौजूदा सरकार विफल रही है। जहां तक हरिजनों, आदिवासियों और कमजोर वर्गों पर आफत की बात है, कुछ पूछिए मत। जैसे 32 दांतों के बीच में बेचारी जीभ रहती है, वे लोग इस राज में रह रहे हैं।" समाज में शोषण और दोहन की लंबी परंपरा रही है, लेकिन असहाय और शोषित वर्ग के हितों के महायोद्धा कर्पूरी ठाकुर के ये विचार आज भी सामाजिक न्याय की नींव हैं। उनके ये शब्द बिहार के मुसहर टोली से लेकर विधानसभा तक लगभग आधी सदी तक गूंजते रहे।