विश्व भूगर्भ जल दिवस: क्या बूंद-बूंद सिमटता भूगर्भ जल भविष्य का संकट बनेगा?
नई दिल्ली, 9 जून (आईएएनएस)। जरा कल्पना कीजिए कि एक ऐसी सुबह हो, जब आप नल खोलें और उसमें से पानी की एक बूंद भी न निकले और फिर आपको पता चले कि छत पर लगी टंकी में नहीं, आपके बोरवेल में ही पानी खत्म हो गया है। यह दिन उस वास्तविकता की आहट है जिसकी तरफ हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। धरती के गर्भ में सदियों से संचित वह अमूल्य जल, जिसने मानव सभ्यता को जीवन दिया, आज हमारे अनियंत्रित दोहन और लापरवाह विकास की कीमत चुका रहा है। यही कारण है कि हर वर्ष 10 जून को विश्व भूगर्भ जल दिवस मनाकर लोगों को इस अदृश्य संसाधन के महत्व, आवश्यकता और संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाता है।