'देश की सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक पहल', मोरन बाईपास पर इमरजेंसी लैंडिंग फैसेलिटी के उद्घाटन पर स्थानीय लोगों ने जताया गर्व

IANS | February 14, 2026 3:26 PM

नई दिल्ली, 14 फरवरी (आईएएनएस)। असम के मोरन बाईपास पर शनिवार को उस समय गर्व और उत्साह का माहौल देखने को मिला, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर आपातकालीन लैंडिंग फैसेलिटी (ईएलएफ) का उद्घाटन किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए अकल्पनीय और गौरव का क्षण बताया।

'कूटनीतिक ताकत बढ़ाने के लिए भारत को तकनीक में बड़ी छलांग लगानी होगी'

IANS | February 12, 2026 3:34 PM

नई दिल्ली, 12 फरवरी (आईएएनएस)। एक लेख के अनुसार, भारत को कूटनीतिक स्तर पर अपनी ताकत (दूसरे देशों पर प्रभाव) बढ़ाने के लिए नई और उन्नत तकनीकों में बड़ी प्रगति करनी होगी। खास तौर पर दुर्लभ खनिज (रेयर अर्थ) प्रोसेसिंग, उन्नत दवाओं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सस्ती सैटेलाइट लॉन्च सेवाओं जैसे क्षेत्रों में अमेरिकी मॉडल से सीख लेते हुए भारत को अपनी रणनीति तैयार करनी चाहिए। इससे भारत ऐसी रणनीतिक निर्भरता पैदा कर सकेगा, जिसका इस्तेमाल वह अंतरराष्ट्रीय संबंधों में अपने हितों के लिए कर सकता है।

मध्य प्रदेश: आत्मनिर्भर भारत अभियान से प्रेरित होकर हुनर सीख रहीं आदिवासी बालिकाएं

IANS | February 10, 2026 9:21 PM

बुरहानपुर, 10 फरवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर से महज 10 किलोमीटर दूर ग्राम दरियापुर स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय बालिका छात्रावास आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को जमीनी स्तर पर साकार करता नजर आ रहा है।

साहित्य के 'सुदामा': रोटी से सत्ता और सरकार को चुनौती, संसद के मौन पर भी उठाए सवाल

IANS | February 9, 2026 8:29 PM

नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। 10 फरवरी की तारीख हिंदी कविता के एक सशक्त और असाधारण आवाज को याद करने की है, जो इस दिन शांत हो गया था। महज 39 वर्ष की उम्र में सुदामा पांडेय का ब्रेन ट्यूमर से निधन हो गया, लेकिन इतने छोटे जीवन में उन्होंने हिंदी कविता को जो तेवर, भाषा और दृष्टि दी, उसने उन्हें साठोत्तरी कविता के सबसे प्रभावशाली कवियों में शामिल कर दिया।

चौरी चौरा दिवस : इतिहास की वो घटना, जिसने आजादी की लड़ाई की दिशा बदल दी

IANS | February 3, 2026 1:07 PM

नई दिल्ली, 3 फरवरी (आईएएनएस)। भारत के इतिहास में चार फरवरी की तारीख की गूंज आज भी उतनी ही तेज है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के पास उस वक्त स्थित एक छोटा-सा कस्बा, चौरी चौरा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सबसे निर्णायक और विवादास्पद अध्याय का साक्षी बना। यही वह जगह है, जहां 1922 में भड़की चिंगारी ने पूरे राष्ट्रीय आंदोलन की राह बदल दी।

एसटीटी में बढ़ोतरी से घरेलू बचत को सट्टेबाजी से बचाया जा सकेगा : सीईए अनंत नागेश्वरन

IANS | February 2, 2026 4:39 PM

नई दिल्ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी. अनंत नागेश्वरन ने सोमवार को कहा कि केंद्रीय बजट 2026–27 में डेरिवेटिव ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) बढ़ाने का मकसद सरकार की कमाई बढ़ाना नहीं है, बल्कि लोगों की मेहनत से कमाई गई बचत को ज्यादा सट्टेबाजी वाले सौदों से बचाना है।

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए भेदभाव नियमों पर फिलहाल लगाई रोक, 2012 के नियम जारी रहेंगे

IANS | January 29, 2026 1:37 PM

नई दिल्ली, 29 जनवरी (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और यूजीसी को नोटिस जारी किया। इसके साथ ही, शीर्ष अदालत ने फिलहाल यूजीसी के नए रेगुलेशन पर रोक लगा दी है और स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि तब तक 2012 के यूजीसी रेगुलेशन ही लागू रहेंगे।

मां से सीखी कांथा कला ने दिलाया पद्मश्री, तृप्ति मुखर्जी ने हजारों महिलाओं को बनाया आत्मनिर्भर

IANS | January 27, 2026 8:18 PM

कोलकाता, 27 जनवरी (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के सूरी की प्रसिद्ध हस्तशिल्प कलाकार तृप्ति मुखर्जी ने कांथा सिलाई की पारंपरिक कला के माध्यम से न केवल अपनी एक अलग पहचान बनाई है, बल्कि हजारों ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का रास्ता भी दिखाया है।

बांग्लादेश की सियासत को महिला 'नापसंद', आगामी चुनाव में महज 4.24 फीसदी उम्मीदवार

IANS | January 23, 2026 8:34 PM

नई दिल्ली, 23 जनवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश में राजनीति से महिलाओं की भागीदारी लगातार गायब होती जा रही है। बांग्लादेश के सियासी इतिहास के पन्नों पर दो ऐसे नाम दर्ज हैं, जिन्होंने देश को एक नई दिशा दी है। बांग्लादेश की सियासत का इतिहास खालिदा जिया और शेख हसीना के नाम के बिना अधूरा है। बावजूद इसके, आज यहां पर महिलाओं की भागीदारी गिरती जा रही है। बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले चुनाव में महिला उम्मीदवारों की संख्या नहीं के बराबर है।

कृषि और ग्रामीण श्रमिकों के लिए खाद्य महंगाई दर दिसंबर में नकारात्मक रही

IANS | January 21, 2026 5:21 PM

नई दिल्ली, 21 जनवरी (आईएएनएस)। कृषि श्रमिकों के लिए अखिल भारत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई-एल) दिसंबर में सालाना आधार पर 0.04 प्रतिशत और ग्रामीण श्रमिकों के के लिए अखिल भारत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई-आरएल) दिसंबर में सालाना आधार पर 0.11 प्रतिशत रहा है। यह जानकारी श्रम और रोजगार मंत्रालय की ओर से बुधवार को दी गई।