रंगों वाली भक्ति: जानिए नवरात्रि के नौ रंग और उनका देवी स्वरूपों से संबंध

IANS | September 20, 2025 3:15 PM

नई दिल्ली, 20 सितंबर (आईएएनएस)। नवरात्रि सिर्फ व्रत और पूजा का पर्व नहीं है। यह आत्मा के रंगों को देवी के रूप में देखने और उन्हें अपने जीवन में उतारने का समय भी है। हर दिन एक देवी, हर देवी एक भाव, और हर भाव का एक रंग। यही है 'रंगों वाली नवरात्रि' की असली आत्मा। हालांकि देवी पुराण या धार्मिक ग्रंथों में इसका कोई उल्लेख नहीं मिलता, लेकिन जब प्रश्न आस्था का हो और मां के गुणों का हो, तो भक्त खुद को कैसे अलग रख पाएगा?

जीएसटी रेट में कटौती से आवास और निर्माण क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा

IANS | September 19, 2025 3:22 PM

नई दिल्ली, 19 सितंबर (आईएएनएस)। प्रमुख निर्माण सामग्री और सेवाओं पर जीएसटी रेट में कटौती से आवास अधिक किफायती होने, इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत कम होने और अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। यह जानकारी शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान में दी गई।

गयाजी में अनोखी परंपरा, मंगलागौरी के पास जनार्दन स्वामी मंदिर में स्वयं करें पिंडदान, पाएं मोक्ष

IANS | September 18, 2025 1:39 PM

गयाजी, 18 सितंबर (आईएएनएस)। पितरों के उद्धार और श्राद्ध कर्म के लिए देशभर में कई तीर्थस्थल हैं, लेकिन बिहार का गयाजी हमेशा से ही मोक्षस्थली के रूप में पूजनीय रहा है। मान्यता है कि यहां पिंडदान करने से 108 कुल और सात पीढ़ियों का उद्धार होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

डॉ. प्रीति अदाणी ने हांगकांग समिट में दुनिया भर के परोपकारियों से की 'बदलाव का सह-निर्माता' बनने की अपील

IANS | September 9, 2025 5:16 PM

हांगकांग, 9 सितंबर (आईएएनएस)। हांगकांग में एशियन वेंचर फिलैंथ्रोपी नेटवर्क (एवीपीएन) समिट में अदाणी फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. प्रीति अदाणी ने परोपकार को दान से आगे बढ़कर जिम्मेदारी पर आधारित एक सहयोगात्मक मिशन बनाने का आह्वान किया।

विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस : चुप्पी तोड़ने और उम्मीद जगाने का दिन

IANS | September 9, 2025 3:27 PM

नई दिल्ली, 9 सितंबर (आईएएनएस)। अगर आपको इस आर्टिकल को पढ़ने में पांच मिनट लगते हैं, तो इस दौरान दुनियाभर में कम से कम सात लोगों ने आत्महत्या जैसे रास्ते को चुन लिया होगा। यह हम नहीं कह रहे हैं। आत्महत्या जोखिम से जुड़े एक वैश्विक आकलन के मुताबिक, हर 43 सेकंड में एक व्यक्ति आत्महत्या करता है, और यह सबसे अधिक संभावना है कि वह पुरुष हो।

विश्व साक्षरता दिवस : डिजिटल युग में शिक्षा के नए मायने, लर्निंग और जीवन कौशल पर विशेष बल

IANS | September 7, 2025 9:53 AM

नई दिल्ली, 7 सितंबर (आईएएनएस)। सिर्फ पढ़ना-लिखना और सीखना ही साक्षरता नहीं है, बल्कि यह इंसान के जीवन की गरिमा, समानता और अवसरों से भी जुड़ी है। यही वजह है कि हर साल 8 सितंबर को 'विश्व साक्षरता दिवस' मनाया जाता है। 1967 से शुरू हुई यह परंपरा हमें याद दिलाती है कि साक्षरता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि एक न्यायपूर्ण, शांतिपूर्ण और टिकाऊ समाज की नींव है।

किसी ने बढ़ाई विज्ञान में रुचि तो किसी ने स्कूल को बनाया पॉल्यूशन फ्री, राष्ट्रपति से सम्मान पाकर शिक्षक गदगद

IANS | September 5, 2025 5:38 PM

नई दिल्ली, 5 सितंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को शिक्षक दिवस पर देश के 45 शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया। दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में शिक्षकों के योगदान को सराहा गया। सम्मान पाने के बाद शिक्षकों ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात की।

जीएसटी में बदलाव से प्रक्रियाएं होंगी सरल, मध्यम वर्ग और गरीबों का बोझ होगा कम : संजीव सान्याल

IANS | September 4, 2025 6:42 PM

नई दिल्ली, 4 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी) के सदस्य संजीव सान्याल ने गुरुवार को कहा कि नई जीएसटी 2.0 व्यवस्था न केवल व्यवसायों का बोझ कम करते हुए प्रक्रियाओं को सरल बनाएगी, बल्कि रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की लागत के मामले में मध्यम वर्ग और गरीबों को सशक्त भी बनाएगी।

'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम' मरीजों के लिए बना वरदान, फ्री में हो रहा इलाज

IANS | September 1, 2025 8:43 PM

शेखपुरा, 1 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार के शेखपुरा सदर अस्पताल का डायलिसिस सेंटर गरीब मरीजों के लिए वरदान साबित हो रहा है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम (पीएमएनडीपी) के तहत मुफ्त सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके साथ ही यह केंद्र, शेखपुरा के साथ-साथ लखीसराय, जमुई, नवादा और नालंदा जैसे इलाकों के आस पास रहने वाले मरीजों को भी लाभ पहुंचा रहा है।

13 वर्ष में संन्यास, 33 वर्ष में इतिहास: मुनि तरुण सागर का अद्वितीय जीवन

IANS | August 31, 2025 7:51 PM

नई दिल्ली, 31 अगस्त (आईएएनएस)। जब कभी समाज सुधार, आध्यात्मिक क्रांति और निडर वक्तृत्व की बात होती है, तो जैन धर्म की दिगंबर परंपरा के तेजस्वी संत मुनि तरुण सागर जी महाराज का नाम सबसे पहले लिया जाता है। 26 जून 1967 को मध्यप्रदेश के दमोह जिले के गहंची गांव में पवन कुमार जैन के रूप में जन्मे तरुण सागर ने मात्र 13 वर्ष की आयु में संन्यास की राह चुन ली। यही वह निर्णय था, जिसने आगे चलकर उन्हें न सिर्फ जैन समाज का, बल्कि संपूर्ण भारत का राष्ट्रसंत बना दिया।