एआई की इस सदी पर होगा भारत का प्रभाव, इंफ्रास्ट्रक्चर और संप्रभुता रहेगी सर्वोपरि: जीत अदाणी

IANS | February 19, 2026 6:09 PM

नई दिल्ली, 19 फरवरी (आईएएनएस)। अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के निदेशक जीत अदाणी ने गुरुवार को कहा कि अब सवाल यह नहीं है कि भारत एआई सदी में भाग लेगा या नहीं, बल्कि असली सवाल यह है कि क्या एआई की इस सदी पर भारत की छाप होगी - "उसकी बुद्धिमत्ता, उसके मानकों और सबसे महत्वपूर्ण, उसके मूल्यों के साथ।"

समिट में नन्हे वक्ता रणवीर ने खींचा सबका ध्यान, भारत के शाश्वत विचारों से एआई का भविष्य गढ़ने की बात कही

IANS | February 19, 2026 5:28 PM

नई दिल्ली, 19 फरवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित एआई सम्मेलन में एक बेहद प्रेरणादायक क्षण देखने को मिला, जब सबसे कम उम्र के मुख्य वक्ताओं में शामिल छात्र रणवीर सिंह सचदेवा ने अपने विचारों से सभी का ध्यान आकर्षित किया।

रिलायंस ग्रुप एआई में 10 लाख करोड़ रुपए का निवेश करेगा, हाई-स्किल नौकरियों के अवसर पैदा होंगे: मुकेश अंबानी

IANS | February 19, 2026 3:51 PM

नई दिल्ली, 19 फरवरी (आईएएनएस)। अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी ने गुरुवार को घोषणा की कि जियो और रिलायंस इंडस्ट्रीज अगले सात वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में संयुक्त रूप से 10 लाख करोड़ रुपए तक का निवेश करेंगे।

जुड़े हुए इकोसिस्टम से ही आएगी भारत की एआई में असली ताकत: दीपक बागला

IANS | February 18, 2026 6:08 PM

नई दिल्ली, 18 फरवरी (आईएएनएस)। नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) के निदेशक दीपक बागला ने बुधवार को कहा कि भारत की एआई में असली ताकत अलग-अलग उपलब्धियों से नहीं, बल्कि जुड़े हुए इकोसिस्टम से आएगी।

इतिहास की पहली 911 कॉल: अमेरिका के हैलीविल शहर से हुई थी शुरुआत

IANS | February 15, 2026 7:54 PM

नई दिल्ली, 15 फरवरी (आईएएनएस)। वो 16 फरवरी 1968 का ही दिन था जब अमेरिका के अलबामा राज्य के हैलीविल शहर में इतिहास रचा गया। इस दिन दोपहर 2 बजे, हैलीविल के मेयर ऑफिस से पहली 911 कॉल की गई। कॉल करने वाले थे अलबामा हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के स्पीकर रैंकिन फाइट, जो मेयर जेम्स व्हिट के ऑफिस से कॉल कर रहे थे। कॉल रिसीव हुई पुलिस स्टेशन में, जहां यूएस रिप्रेजेंटेटिव टॉम बेविल ने फोन उठाया और सिर्फ "हैलो" कहा। यह एक औपचारिक कॉल थी, जिसमें कोई असली इमरजेंसी नहीं थी, बल्कि सिर्फ सिस्टम का टेस्ट था।

'देश की सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक पहल', मोरन बाईपास पर इमरजेंसी लैंडिंग फैसेलिटी के उद्घाटन पर स्थानीय लोगों ने जताया गर्व

IANS | February 14, 2026 3:26 PM

नई दिल्ली, 14 फरवरी (आईएएनएस)। असम के मोरन बाईपास पर शनिवार को उस समय गर्व और उत्साह का माहौल देखने को मिला, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर आपातकालीन लैंडिंग फैसेलिटी (ईएलएफ) का उद्घाटन किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए अकल्पनीय और गौरव का क्षण बताया।

'कूटनीतिक ताकत बढ़ाने के लिए भारत को तकनीक में बड़ी छलांग लगानी होगी'

IANS | February 12, 2026 3:34 PM

नई दिल्ली, 12 फरवरी (आईएएनएस)। एक लेख के अनुसार, भारत को कूटनीतिक स्तर पर अपनी ताकत (दूसरे देशों पर प्रभाव) बढ़ाने के लिए नई और उन्नत तकनीकों में बड़ी प्रगति करनी होगी। खास तौर पर दुर्लभ खनिज (रेयर अर्थ) प्रोसेसिंग, उन्नत दवाओं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सस्ती सैटेलाइट लॉन्च सेवाओं जैसे क्षेत्रों में अमेरिकी मॉडल से सीख लेते हुए भारत को अपनी रणनीति तैयार करनी चाहिए। इससे भारत ऐसी रणनीतिक निर्भरता पैदा कर सकेगा, जिसका इस्तेमाल वह अंतरराष्ट्रीय संबंधों में अपने हितों के लिए कर सकता है।

मध्य प्रदेश: आत्मनिर्भर भारत अभियान से प्रेरित होकर हुनर सीख रहीं आदिवासी बालिकाएं

IANS | February 10, 2026 9:21 PM

बुरहानपुर, 10 फरवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर से महज 10 किलोमीटर दूर ग्राम दरियापुर स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय बालिका छात्रावास आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को जमीनी स्तर पर साकार करता नजर आ रहा है।

साहित्य के 'सुदामा': रोटी से सत्ता और सरकार को चुनौती, संसद के मौन पर भी उठाए सवाल

IANS | February 9, 2026 8:29 PM

नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। 10 फरवरी की तारीख हिंदी कविता के एक सशक्त और असाधारण आवाज को याद करने की है, जो इस दिन शांत हो गया था। महज 39 वर्ष की उम्र में सुदामा पांडेय का ब्रेन ट्यूमर से निधन हो गया, लेकिन इतने छोटे जीवन में उन्होंने हिंदी कविता को जो तेवर, भाषा और दृष्टि दी, उसने उन्हें साठोत्तरी कविता के सबसे प्रभावशाली कवियों में शामिल कर दिया।

चौरी चौरा दिवस : इतिहास की वो घटना, जिसने आजादी की लड़ाई की दिशा बदल दी

IANS | February 3, 2026 1:07 PM

नई दिल्ली, 3 फरवरी (आईएएनएस)। भारत के इतिहास में चार फरवरी की तारीख की गूंज आज भी उतनी ही तेज है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के पास उस वक्त स्थित एक छोटा-सा कस्बा, चौरी चौरा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सबसे निर्णायक और विवादास्पद अध्याय का साक्षी बना। यही वह जगह है, जहां 1922 में भड़की चिंगारी ने पूरे राष्ट्रीय आंदोलन की राह बदल दी।