दीपोत्सव-2026 में दमकेगी रामनगरी, प्रमुख मार्गों से घाट तक दिखेगी आस्था की भव्य तस्वीर

IANS | October 7, 2026 3:24 PM

अयोध्या, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। दीपों की रोशनी से निखरने वाली रामनगरी इस बार कलात्मक सजावट और रचनात्मक आकृतियों से भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगी। दीपोत्सव-2026 में अयोध्या के प्रमुख चौराहों से लेकर प्रवेश मार्ग, रामकथा पार्क, राम की पैड़ी और सरयू तट तक रामायण की थीम पर भव्य सज्जा नजर आएगी। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने इसके लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। रामनगरी में सजावटी द्वार, वे-फाइंडर, सेल्फी प्वाइंट और मंच के साथ राम रथ व पुष्पक विमान की झलक भी दिखाई देगी।

हाथी, डोली या मुर्गा? मां दुर्गा के आगमन और प्रस्थान का वाहन क्या होगा, जानिए मान्यता

IANS | October 7, 2026 2:05 PM

नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। शारदीय नवरात्र का इंतजार अब खत्म होने वाला है। मां दुर्गा की भक्ति और आराधना का यह पावन पर्व इस साल 11 अक्टूबर 2026, रविवार से शुरू होगा। नवरात्र के नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करेंगे, व्रत रखेंगे और देवी से सुख-शांति व समृद्धि की कामना करेंगे। लेकिन नवरात्र की तारीखों और पूजा के अलावा देवी के आगमन और प्रस्थान के वाहन का भी विशेष महत्व है।

कब से शुरू हो रहे हैं शारदीय नवरात्र? जानिए कलश स्थापना का सबसे शुभ मुहूर्त

IANS | October 7, 2026 9:31 AM

नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्र का विशेष महत्व माना जाता है। मां दुर्गा की आराधना का यह पावन पर्व पूरे देश में बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। नवरात्र के नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करते हैं और घरों व मंदिरों में विशेष पूजा-अनुष्ठान किए जाते हैं।

सप्तश्रृंगी शक्तिपीठ को क्यों कहा जाता है 'अर्धशक्तिपीठ'? 18 हाथों से भक्तों को मां देती हैं आशीर्वाद

IANS | October 6, 2026 3:10 PM

नासिक, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। देशभर में नवरात्र की तैयारी शुरू हो गई है। इस वर्ष 11 अक्टूबर, रविवार से शारदीय नवरात्र शुरू हो जाएगा। इस दौरान मां के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाएगी। वहीं, श्रद्धालु शक्तिपीठों में जाकर माता के दर्शन करेंगे। 51 शक्तिपीठों में और महाराष्ट्र के 'साढ़े तीन शक्तिपीठों' में से एक के रूप में अत्यंत पवित्र सप्तश्रृंगी शक्तिपीठ में भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में आते हैं।

हज 2027 की तैयारियों को लेकर भारतीय राजदूत और सऊदी उपमंत्री ने की समीक्षा

IANS | October 4, 2026 9:57 PM

जेद्दा, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। सऊदी अरब में भारत के राजदूत विपुल ने रविवार को सऊदी अरब के हज एवं उमरा मामलों के उपमंत्री अब्दुलफत्ताह बिन सुलेमान अल-मशात से मुलाकात कर हज 2027 की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। इस दौरान दोनों पक्षों ने भारतीय हज मिशन और सऊदी हज एवं उमरा मंत्रालय के बीच आगामी हज के लिए निरंतर समन्वय बनाए रखने पर चर्चा की।

गया जी के देवघाट पर विदेशी तीर्थयात्रियों ने किया पिंडदान, पितरों की मोक्ष की कामना

IANS | October 2, 2026 1:16 PM

गया, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। मोक्ष की भूमि के रूप में विख्यात गया में चल रहे पितृ पक्ष मेले का आकर्षण अब सात समुंदर पार तक पहुंच गया है। इस वर्ष पितृ पक्ष 2026 के पावन अवसर पर रूस, जर्मनी, इटली, स्पेन, पुर्तगाल नीदरलैंड समेत कई देशों से आए 48 विदेशी तीर्थयात्रियों ने देवघाट पर अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मुक्ति के लिए पूरे विधि-विधान के साथ पिंडदान किया।

जितिया व्रत कब है? शिप्रा सचदेव से जानिए नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय और महत्व

IANS | October 1, 2026 10:51 AM

प्रयागराज, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। सनातन धर्म में जीवित्पुत्रिका व्रत यानी जितिया व्रत का विशेष महत्व है। यह तीन दिनों का अत्यंत कठिन और पवित्र उपवास है, जिसे माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और विघ्नों से रक्षा के लिए रखती हैं। इस साल यह व्रत 2 अक्टूबर से शुरू होकर 4 अक्टूबर को समाप्त होगा।

2 अक्टूबर का पंचांग : पश्चिम दिशा में यात्रा करने से बचें, सुबह 11:52 से दोपहर 12:39 बजे तक अभिजीत मुहूर्त

IANS | October 1, 2026 7:43 AM

नई दिल्ली, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है।

औरंगाबाद के पुनपुन तट पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब, पितृ मोक्ष के लिए हजारों श्रद्धालुओं ने किया पिंडदान

IANS | September 30, 2026 3:20 PM

औरंगाबाद, 30 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार के औरंगाबाद जिले में स्थित ऐतिहासिक पुनपुन घाट पर इन दिनों आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। 15 दिवसीय पितृपक्ष मेले के अवसर पर देश-विदेश के कोने-कोने से हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन आदिगंगा के नाम से विख्यात पुनपुन नदी के तट पर पहुंच रहे हैं। यहां अपने पितरों की आत्मा की शांति और मोक्ष की प्राप्ति के लिए पिंडदान कर श्रद्धालु गया जी के लिए प्रस्थान कर रहे हैं।

पितृपक्ष में कद्दू की सब्जी बनाना क्यों है जरूरी? जानिए पितरों से जुड़ी सदियों पुरानी मान्यता

IANS | September 28, 2026 5:41 PM

नई दिल्ली, 28 सितंबर (आईएएनएस)। हर साल 29 सितंबर को 'विश्व कद्दू दिवस' मनाया जाता है। अमेरिका में जन्मा कद्दू आज भारतीय रसोई की शान है। इसे काशीफल, कुम्हड़ा और पेठा भी कहते हैं। इसे आयुर्वेद में औषधीय फल माना गया है। वहीं, पितृपक्ष में कद्दू का महत्व कई गुना बढ़ जाता है, क्योंकि इस दौरान कई घरों में खास तौर पर बिना प्याज-लहसुन के कद्दू की खट्टी-मीठी सब्जी बनाई जाती है।