ग्रेट मार्च: जब अन्याय के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका में महात्मा गांधी ने जलाई सत्याग्रह की ज्वाला
नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। 1900 के शुरुआती दशक में भारत के अंदर आजादी के लिए ज्वाला और तेजी से धधकी रही थी। कुछ समूहों ने ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंकने के लिए क्रांतिकारी हिंसा का सहारा लिया। उसी दौर में विदेशों में भी भारत की आजादी के दीवाने उठ खड़े हुए थे। 'गदर आंदोलन' जैसे मोर्चे विदेश की धरती पर निकाले जा रहे थे।