अहिंसा का हथियार बना 'असहयोग आंदोलन', गांधीजी ने दिखाई थी आजादी की नई राह
नई दिल्ली, 31 जुलाई (आईएएनएस)। 1 अगस्त 1920, यह वो साल था, जब भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया। देश के घर-घर तक पहुंचने वाले आजादी के आंदोलन को महात्मा गांधी ने एक नया रूप दिया। 1 अगस्त 1920 को उन्होंने 'असहयोग आंदोलन' की शुरुआत की। यह आंदोलन ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के खिलाफ एक अहिंसक प्रतिरोध का प्रतीक बना, जिसने भारतीय जनमानस को एकजुट कर स्वराज की मांग को और सशक्त किया।