स्मृति शेष : अरे गुरु, वाह कांठे महाराज बोलिए, तबले की थाप ने बनाया विशेष...
नई दिल्ली, 31 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय शास्त्रीय संगीत की दुनिया में कुछ नाम ऐसे हैं, जो समय की सीमाओं को लांघकर अमर हो जाते हैं। पंडित कांठे महाराज ऐसा ही एक नाम हैं, जिन्होंने तबले को न केवल एक वाद्य यंत्र, बल्कि भावनाओं और लय की अभिव्यक्ति का माध्यम बनाया।