कभी ऐशो-आराम, फिर खाली जेब, कृश्न चंदर ने कठिन दौर के बाद फिर से बनाई अपनी पहचान
नई दिल्ली, 22 नवंबर (आईएएनएस)। उर्दू कथा-साहित्य में अपनी अनूठे लेखन से दिलों में घर बनाने वाले कहानीकार कृश्न चंदर को आज लोग उनकी बेहतरीन कहानियों और इंसानियत से लबरेज नजरिए के लिए याद करते हैं। लेकिन उनकी जिंदगी में एक ऐसा मोड़ भी आया था, जब आर्थिक तंगी ने उन्हें अपनी कारें बेचने पर मजबूर कर दिया, नौकरों को हटाना पड़ा और बंबई जैसे शहर में दोबारा पांव जमाने के लिए उन्हें शून्य से शुरुआत करनी पड़ी।