यादों में जयशंकर प्रसाद, आज भी प्रासंगिक 'कामायनी' के मनु और श्रद्धा?

IANS | January 29, 2026 8:28 PM

नई दिल्ली, 29 जनवरी (आईएएनएस)। यदि जयशंकर प्रसाद ने केवल 'कामायनी' ही लिखी होती, तब भी वे अमर रहते। 1936 में प्रकाशित यह महाकाव्य मनु (मानव) और श्रद्धा (भावना) की पौराणिक कथा के माध्यम से आधुनिक मनुष्य के मानसिक अंतर्द्वंद्व की कहानी है। चिंता से शुरू होकर आनंद तक की यह यात्रा हमें सिखाती है कि बुद्धि और हृदय के समन्वय के बिना मनुष्य कभी पूर्ण नहीं हो सकता।

जब प्रकाश जावड़ेकर को लोग मान बैठे थे मुस्लिम चेहरा, 'जावेद भाई' मिला नाम, भाजपा के वरिष्ठ नेता का दिलचस्प किस्सा

IANS | January 29, 2026 2:40 PM

नई दिल्ली, 29 जनवरी (आईएएनएस)। एक बेदाग और कर्मठ कार्यकर्ता , जिसने भाजपा के जन्म से लेकर शिखर तक पहुंचने का सफर साथ तय किया है। एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में उनकी यात्रा अभी जारी है। बात हो रही है केंद्रीय मंत्री रह चुके भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रकाश जावड़ेकर की। उन्होंने पार्टी और सरकार में कई भूमिकाएं निभाईं और सभी जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी व लगन से निभाया।

कंप्यूटर-लैपटॉप पर काम करने वालों को हर 30-45 मिनट में ब्रेक क्यों जरूरी? जान लें

IANS | January 29, 2026 11:03 AM

नई दिल्ली, 29 जनवरी (आईएएनएस)। आज के दौर में अधिकांश लोग लैपटॉप या कंप्यूटर पर घंटों काम करते हैं, जिससे गर्दन दर्द, सर्वाइकल की समस्या और पीठ दर्द आम हो गया है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, सही पोस्चर अपनाकर और कुछ आसान एक्सरसाइज से इन समस्याओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

शुक्र प्रदोष व्रत: महादेव-माता पार्वती की कृपा प्राप्ति का विशेष दिन, नोट कर लें शुभ मुहूर्त

IANS | January 29, 2026 8:21 AM

नई दिल्ली, 29 जनवरी (आईएएनएस)। सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है, क्योंकि यह शुभ-अशुभ मुहूर्त, व्रत और पूजा के लिए मार्गदर्शन करता है। शुभ-अशुभ समय का विचार कर किया गया कोई भी काम फलित होता है और बाधाएं नहीं आती हैं। 30 जनवरी को माघ माह का अंतिम प्रदोष व्रत पड़ रहा है। यह व्रत विशेष रूप से भगवान शिव को समर्पित है और शुक्रवार को होने के कारण इसे शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाता है।

हिमाचल से आंध्र प्रदेश तक: 4 महा-शक्तिपीठ, जहां विराजमान हैं आदिशक्ति

IANS | January 28, 2026 7:50 PM

नई दिल्ली, 28 जनवरी (आईएएनएस)। सनातन धर्म में देवी के 51 शक्ति पीठों को विशेष महत्व दिया गया है। मान्यता है कि ये वही स्थान हैं, जहां देवी सती के शरीर के अलग-अलग अंग और आभूषण गिरे थे। इन्हीं स्थानों पर शक्ति पीठों की स्थापना हुई। हालांकि शास्त्रों में कहीं-कहीं 52 शक्ति पीठों का भी उल्लेख मिलता है, लेकिन आम तौर पर 51 शक्ति पीठ ही माने जाते हैं।

यादों में हुसैन: इरफान के कार्टून में प्रधानमंत्री तक पर 'निशाना,' ऐसे कलाकार के लिए अखबारों ने किया अनोखा काम

IANS | January 28, 2026 7:43 PM

नई दिल्ली, 28 जनवरी (आईएएनएस)। 1986 का साल था, जब नागपुर से आए इस लड़के ने 'हिंदुस्तान टाइम्स' की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में दिग्गज नेता वीपी सिंह का ऐसा कैरिकेचर बनाया कि जूरी दंग रह गई। वह लड़का कोई और नहीं, इरफान हुसैन थे। एक ऐसा कलाकार, जिसकी रेखाएं हंसाती भी थीं और सत्ता के जमीर को कचोटती भी थीं।

ताली बजाने से मिलेंगे कई लाभ, बच्चे हों या बड़े सभी के लिए फायदेमंद 'फ्लावर क्लैप'

IANS | January 28, 2026 10:49 AM

नई दिल्ली, 28 जनवरी (आईएएनएस)। अनियमित दिनचर्या और खानपान में गड़बड़ी कई शारीरिक और मानसिक समस्याओं को दावत के समान है। ऐसे में कई योगासन हैं, जिनके अभ्यास से शारीरिक और मानसिक समस्याओं को कोसो दूर भेजा जा सकता है। ऐसा ही एक अभ्यास ताली बजाने से प्रेरित है, जिसे फ्लावर क्लैप या पुष्प ताली कहते हैं।

जया एकादशी : नारायण की कृप्रा प्राप्ति का उत्तम दिन, नोट कर लें भद्रा और राहुकाल

IANS | January 28, 2026 9:08 AM

नई दिल्ली, 28 जनवरी (आईएएनएस)। सनातन धर्म में एकादशी तिथि को भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त करने का सबसे उत्तम दिन माना जाता है। 29 जनवरी को जया एकादशी है, जो नारायण की कृपा प्राप्ति और अत्यंत फलदायी सिद्ध होती है। यह व्रत पापों का नाश करने, मनोकामनाओं की पूर्ति और मोक्ष प्राप्ति में सहायक माना जाता है।

संगीत के 'मार्तण्ड': जब बड़े गुलाम अली खां को पंडित जसराज ने कहा था 'ना', रो पड़े थे खां साहब

IANS | January 27, 2026 11:40 PM

नई दिल्ली, 27 जनवरी (आईएएनएस)। शास्त्रीय संगीत की दुनिया में कुछ नाम ऐसे हैं, जिनकी चमक समय के साथ कम नहीं होती, बल्कि और निखरती जाती है। शास्त्रीय संगीत जगत के 'मार्तण्ड' पंडित जसराज भी ऐसा ही एक नाम है। मेवाती घराने की परंपरा को उन्होंने न केवल संजोया, बल्कि विश्व भर में नई पहचान दी।

आदेशों से ऊपर देश, केएम करियप्पा ने साहस नहीं दिखाया होता तो लेह भारत से अलग हो सकता था

IANS | January 27, 2026 11:09 PM

नई दिल्ली, 27 जनवरी (आईएएनएस)। भारत के सैन्य इतिहास में कुछ फैसले ऐसे होते हैं, जो सिर्फ युद्ध नहीं, बल्कि देश की भौगोलिक किस्मत तय कर देते हैं। ऐसा ही एक ऐतिहासिक फैसला लिया था केएम करियप्पा ने, जिन्होंने 1948 में अद्भुत साहस और दूरदृष्टि का परिचय दिया था, तो आज शायद लेह भारत का हिस्सा नहीं होता।