हिंडनबर्ग विवाद और अमेरिकी केस से परे गौतम अदाणी ने राष्ट्र निर्माण में विश्वास को बताया सबसे बड़ी पूंजी

IANS | August 12, 2026 3:44 PM

अहमदाबाद, 12 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिका की न्यूयॉर्क ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट द्वारा अमेरिकी न्याय विभाग (डीओजे) के आपराधिक मामले को स्थायी रूप से खारिज किए जाने के दो दिन बाद अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा कि पिछले लगभग दो वर्षों के अनुभव ने उन्हें और अधिक विनम्र बनाया है। उन्होंने कहा कि इस पूरे दौर ने उनके इस विश्वास को और मजबूत किया कि व्यक्ति को अपनी सच्चाई पर दृढ़ रहना चाहिए और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए धैर्य एवं गरिमा के साथ उसे पूरा होने देना चाहिए।

इंसानों के चेहरे पढ़ लेते हैं कुत्ते! डर, गुस्से और उदासी में भी कर सकते हैं फर्क

IANS | August 11, 2026 5:59 PM

लंदन, 11 अगस्त (आईएएनएस)। इंसानों के सबसे वफादार दोस्त माने जाते हैं कुत्ते। हाल के एक नए वैज्ञानिक अध्ययन से संकेत मिले हैं कि ये सच्चे दोस्त हाव-भाव पढ़ने में भी माहिर होते हैं। इतना ही नहीं ये इंसानों के चेहरे पर छिपी भावनाओं को हमारी अपेक्षा से कहीं बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। यहां तक कि उनका दिमाग डर, गुस्से और उदासी जैसे नकारात्मक भावों में भी अंतर महसूस कर सकता है।

बराक ओबामा लेकर आ रहे हैं नया पॉडकास्ट, बताएंगे किन छह किताबों ने बदल डाली उनकी सोच

IANS | August 11, 2026 11:48 AM

वॉशिंगटन, 11 अगस्त (आईएएनएस)। किताबों को यूं ही इंसानों का सच्चा दोस्त नहीं कहा जाता। जिंदगी जहां अटकती है, भटकाव आता है वहां ये संभालने का पूरा प्रयास करती हैं। ऐसा शायद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा भी सोचते हैं। तभी तो अब राजनीति से इतर अपने एक और पसंदीदा शगल के जरिए लोगों से जुड़ने का मन बना चुके हैं। ओबामा एक नया पॉडकास्ट शुरू करने वाले हैं, जिसमें वे उन किताबों पर चर्चा करेंगे जिन्होंने उनके सोचने के तरीके, उनके विश्वास और दुनिया को देखने के नजरिए को प्रभावित किया।

विश्व हाथी दिवस : हाथियों को यूं ही नहीं कहते धरती के सबसे बड़े 'क्लाइमेट हीरो' और 'इकोसिस्टम इंजीनियर'

IANS | August 11, 2026 9:49 AM

नई दिल्ली, 11 अगस्त (आईएएनएस)। हाथी अपने पैरों और सूंड के जरिए धरती में 20 हर्ट्ज से भी कम फ्रीक्वेंसी वाले इंफ्रासाउंड पैदा करते हैं। इन्हें सेस्मिक वाइब्रेशन कहा जाता है। ये कंपन 32 किलोमीटर दूर तक महसूस किए जा सकते हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक, हाथियों के पैरों में 'पैसिनियन कॉर्पसल्स' नाम की विशेष कोशिकाएं होती हैं। ये कोशिकाएं जमीन के कंपनों को पकड़कर हड्डियों के रास्ते सीधे कानों तक पहुंचा देती हैं।

विश्व आदिवासी दिवस : धरती, जंगल और परंपराओं के रखवाले… जानें 'प्रकृति के प्रहरियों' की कहानी

IANS | August 8, 2026 6:10 PM

नई दिल्ली, 8 अगस्त (आईएएनएस)। आदिवासी समाज सदियों से प्रकृति के बेहद करीब रहकर अपनी जिंदगी जीता आया है। जंगल, पहाड़, नदियां और जमीन उनके लिए सिर्फ संसाधन नहीं, बल्कि जीवन और संस्कृति का हिस्सा हैं। विश्व आदिवासी दिवस भी इसी बात पर जोर देता है कि दुनिया की विविधता सिर्फ बड़े शहरों और आधुनिक जीवनशैली से नहीं बनती। जंगलों, पहाड़ों और गांवों में सदियों से अपनी संस्कृति को संजोकर रखने वाले समुदाय भी इस विविधता का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से कश्मीर की महिलाएं बन रहीं सशक्त और उद्यमी

IANS | August 8, 2026 2:13 PM

अंवतीपोरा, 8 अगस्त (आईएएनएस)। महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यम का एक बेहतरीन उदाहरण जम्मू-कश्मीर के अवंतीपोरा में देखा जा रहा है, जहां एक स्वयं-सहायता समूह ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की मदद से एक सफल फूड-प्रोसेसिंग उद्यम स्थापित किया है और आजीविका के एक प्रयास को एक अच्छे बिजनेस में बदला है।

सोना इस हफ्ते 6 हजार रुपए से अधिक महंगा हुआ, चांदी 2.3 लाख के पार

IANS | August 8, 2026 12:26 PM

नई दिल्ली, 8 अगस्त (आईएएनएस)। डॉलर इंडेक्स पर दबाव और महंगाई कम होने की संभावना के चलते सोने और चांदी में इस हफ्ते तेजी देखने को मिली, जिससे सोना और चांदी क्रमशः 6 हजार रुपए और 13 हजार रुपए से अधिक महंगे हो गए हैं।

हर घर तिरंगा अभियान: जौनपुर में 300 महिलाओं ने संभाली झंडा बनाने की जिम्मेदारी

IANS | August 8, 2026 11:27 AM

जौनपुर, 8 (आईएएनएस)। स्वतंत्रता दिवस नजदीक आने के साथ ही जौनपुर के ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की महिलाएं 'हर घर तिरंगा' अभियान में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। केंद्र प्रायोजित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत 62 स्वयं सहायता समूहों की लगभग 300 महिलाओं ने 'हर घर तिरंगा' और 'तिरंगा यात्रा' अभियान में सरकार के विशाल राष्ट्रव्यापी ध्वजारोहण अभियान से पहले राष्ट्रीय ध्वज बनाने का कार्य अपने हाथ में लिया है।

एमएस स्वामीनाथन: 1960 का अकाल, खाली थालियां और एक शख्स, जिसने कैम्ब्रिज से लौटकर खेतों को चुना और बचा लिया देश

IANS | August 6, 2026 9:25 AM

नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)। 1960 के दशक में भारत में भयंकर अकाल पड़ा था और लोग बड़े पैमाने पर भुखमरी का शिकार हो रहे थे। पश्चिम से मिलने वाली खाद्य सहायता ही हमारी जीवन रेखा थी। संकट के उस दौर में एक नाम सामने आया डॉ. एमएस स्वामीनाथन। उनकी दूरदर्शिता और अथक प्रयासों ने पूरे हिंदुस्तान की किस्मत बदल डाली। उन्होंने किसानों के जीवन में सुधार करने और कृषि की उन्नति में युगांतरकारी भूमिका निभाई, जहां से भारत में 'हरित क्रांति' का सिलसिला शुरू हुआ।

'हम उसे 1-2 साल भी रखेंगे', वो कहानी जब सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान में फंसी उजमा को 'मौत के कुएं' से निकाला

IANS | August 5, 2026 5:02 PM

नई दिल्ली, 5 अगस्त (आईएएनएस)। "अगर आप मंगल ग्रह पर भी फंस गए हैं तो वहां भारतीय दूतावास आपकी मदद करेगा।" मुस्कराते हुए अपने देश के नागरिकों के लिए हर पल मदद को तत्पर रहने वाली वो शख्सियत सुषमा स्वराज थीं। चेहरे पर तेज, वाणी में ओज और जिह्वा पर सरस्वती, भारतीय राजनीति की स्तंभ प्रखर वक्ता सुषमा स्वराज ने अपने कुशल नेतृत्व से इस देश के लोगों के जीवन में बदलाव लाने की पहल की। उन्होंने विदेश मंत्रालय का दरवाजा जिस तरह देश-विदेश के भारतीयों के लिए खोला वह अभूतपूर्व कदम था, जो हमेशा याद किया जाता रहेगा।