माघ माह में बढ़ जाता है तिल का महत्व, यहां समझें धर्म और आयुर्वेद का गणित

IANS | January 14, 2026 10:56 AM

नई दिल्ली, 14 जनवरी (आईएएनएस)। माघ मास में ठंड सबसे ज्यादा पड़ती है। लिहाजा, शीतजनित रोगों का प्रकोप भी बढ़ जाता है। ऐसे समय में गर्म तासीर वाली तिल का उपयोग धर्म और आयुर्वेद दोनों में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। मकर संक्रांति, तिल द्वादशी, गणेश चौथ जैसे त्योहारों में तिल से स्नान, दान, पूजा और भोजन करने का विशेष पुण्य मिलता है।

तिल द्वादशी : नारायण की कृपा प्राप्ति का विशेष दिन, तिल दान से अश्वमेध यज्ञ का फल

IANS | January 14, 2026 9:22 AM

नई दिल्ली, 14 जनवरी (आईएएनएस)। षटतिला एकादशी के अगले दिन मनाई जाने वाली तिल द्वादशी बहुत महत्वपूर्ण है। इस दिन तिल से स्नान, तिल का दान, तिल से हवन और तिल युक्त भोजन करने से बहुत लाभ मिलता है। हिंदू पंचांग के अनुसार द्वादशी तिथि है, जो रात 8:16 बजे तक रहेगी। इसके बाद त्रयोदशी शुरू हो जाएगी।

पुण्यतिथि विशेष : नींद में चलता था यह शायर, रात भर कुएं के पास बैठी रहती थी मां

IANS | January 13, 2026 11:26 PM

मुंबई, 13 जनवरी (आईएएनएस)। शायरी की दुनिया में मुनव्वर राणा की आवाज आज भी सबसे मकबूल और दिलकश मानी जाती है। उनकी शायरी के न जाने कितने प्रशंसक हैं। उन्होंने कई गहरी और भावुक रचनाएं दीं, लेकिन सबसे ज्यादा मशहूर शायरी 'मां' पर है। उनकी शायरी में मां के प्यार, बलिदान और ममता को सरल और मार्मिक शब्दों में बयां किया कि सुनने वाले की आंखें भर आती हैं।

जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज की वह चेतना, जिसने शास्त्र और राष्ट्र को दी नई रोशनी

IANS | January 13, 2026 10:34 PM

नई दिल्ली, 13 जनवरी (आईएएनएस)। यह सिर्फ एक संत की जीवनगाथा नहीं, बल्कि उस चेतना की कथा है जो खुद अंधकार में जीकर भी समूचे जगत को प्रकाश का मार्ग दिखाती है। यह कहानी है जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज की, जिनकी अंतर्दृष्टि ने शास्त्रों को जीवंत किया, जिनकी वाणी में वेदों की गूंज है और जिनका जीवन त्याग, तपस्या और दिव्य ज्ञान की अखंड साधना का प्रतीक है। शारीरिक दृष्टि से वंचित होकर भी उन्होंने ऐसी दिव्य दृष्टि प्राप्त की, जिसे देखकर सिर्फ हिंदू ही नहीं, बल्कि अन्य धर्मों से ताल्लुक रखने वाले कहने में हिचके नहीं हैं कि वे एक दिव्य शक्ति हैं।

उषापान से करें दिन की शुरुआत, मन हल्का, पाचन बेहतर और डिटॉक्स होगी बॉडी

IANS | January 13, 2026 9:21 PM

नई दिल्ली, 13 जनवरी (आईएएनएस)। सेहतमंद रहने के लिए बड़े-बड़े बदलावों की जरूरत नहीं, बस छोटी सी आदत काफी है। आयुर्वेद भी ऐसे ही एक छोटे लेकिन बेहद फायदेमंद उपाय की सलाह देता है, जिसे उषापान कहते हैं। सुबह उठकर सबसे पहले खाली पेट गुनगुना पानी पीना। यह आसान तरीका पूरे शरीर के लिए फायदेमंद है।

महाश्वेता देवी: आदिवासियों और दलितों की आवाज, जिन्होंने अपनी कलम से समाज को दिखाया आईना

IANS | January 13, 2026 9:00 PM

नई दिल्ली, 13 जनवरी (आईएएनएस)। आज हम एक ऐसी शख्सियत को याद कर रहे हैं, जिसने अपनी कलम और काम दोनों से समाज के हाशिए पर जी रहे लोगों को आवाज दी और भारतीय साहित्य तथा सामाजिक चेतना में अमिट छाप छोड़ी। उनकी रचनाओं ने सिर्फ साहित्य को समृद्ध नहीं किया, बल्कि उन लोगों की कहानी भी दुनिया के सामने लाई, जो अक्सर नजरअंदाज कर दिए जाते थे।

फल्गुनी, प्यार और दशरथ, 'जब तक तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं' वाले हौसले से पहाड़ में बनाया रास्ता

IANS | January 13, 2026 8:43 PM

नई दिल्ली, 13 जनवरी (आईएएनएस)। 'भगवान के भरोसे मत बैठिए, क्या पता भगवान हमारे भरोसे बैठा हो!' यह महज एक संवाद नहीं, बल्कि उस शख्स की जीवन दृष्टि है, जिसने दुनिया को सिखाया कि अगर इंसान ठान ले, तो पत्थर का सीना चीरकर भी रास्ता बनाया जा सकता है। हम बात कर रहे हैं 'माउंटेन मैन' दशरथ मांझी की।

मध्‍य प्रदेश : नीमच में महिला-बाल विकास को नई दिशा, 58 केंद्र बने ‘सक्षम आंगनवाड़ी’

IANS | January 13, 2026 8:33 PM

नीमच, 13 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्र सरकार के नेतृत्व में देशभर में महिला एवं बाल विकास को नई दिशा देने के लिए किए जा रहे नवाचारों में 'सक्षम आंगनवाड़ी' पहल एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरी है। इसी क्रम में मध्य प्रदेश के नीमच जिले में 58 आंगनवाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनवाड़ी के रूप में विकसित किया गया है।

बिहार : जीआई टैग वाला कतरनी चूड़ा लोगों की पहली पसंद, देश-विदेश में बढ़ी मांग

IANS | January 13, 2026 8:17 PM

भागलपुर, 13 जनवरी (आईएएनएस)। मकर संक्रांति पर्व को लेकर इन दिनों बिहार में दही-चूड़ा खरीदने की धूम है। खासकर राजनीतिक नेताओं के घरों में आयोजित होने वाले इस पारंपरिक भोज में जिस चूड़े का इस्तेमाल किया जा रहा है, वह भागलपुर का जीआई टैग प्राप्त प्रसिद्ध कतरनी चूड़ा है। अपनी विशिष्ट सुगंध, मुलायम बनावट और अनोखे स्वाद के कारण कतरनी चूड़ा न सिर्फ बिहार बल्कि देश-विदेश में भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026 : वडोदरा में दिखा वसुधैव कुटुंबकम का नजारा

IANS | January 13, 2026 4:25 PM

वडोदरा, 13 जनवरी (आईएएनएस)। वडोदरा के आसमान में मंगलवार को उत्सव के रंग छा गए। गुजरात टूरिज्‍म, जिला प्रशासन और वडोदरा महानगरपालिका के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव- 2026 में देश-विदेश से आए 160 से अधिक पतंगबाजों ने रंग-बिरंगी और अनोखी पतंगों के साथ शानदार करतब दिखाए। इस दौरान वसुधैव कुटुंबकम का नजारा देखने को मिला।