सेना दिवस : थलसेना प्रमुख ने दोहराया सेना का मूल मंत्र 'नाम, नमक और निशान'

IANS | January 15, 2026 12:52 PM

नई दिल्ली, 15 जनवरी (आईएएनएस)। सेना दिवस के अवसर पर भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सेना के मूल मंत्र 'नाम, नमक और निशान' को दोहराया है। यह भारतीय सेना का एक आदर्श वाक्य है। यह वाक्य देश के प्रति कर्तव्य को पूर्ण समर्पण व निष्ठा के साथ निभाने से जुड़ा है।

एंकल मूवमेंट: जोड़ों की अकड़न दूर कर बैलेंस सुधारे, यहां समझें टेक्नीक

IANS | January 15, 2026 11:42 AM

नई दिल्ली, 15 जनवरी (आईएएनएस)। घर या ऑफिस में कुर्सी पर घंटों एक ही पोस्चर पर बैठे रहने या अनियमित दिनचर्या की वजह से पीठ, कमर, कंधों और टखनों में जकड़न और दर्द आम समस्या बन गई है। छोटी-छोटी एक्सरसाइज से शरीर के लचीलापन और रक्त संचार में सुधार हो सकता है। टखनों की सरल मूवमेंट (एंकल मूवमेंट) ऐसी ही एक आसान और प्रभावी एक्सरसाइज है।

सेहत को बेहतर बना सकती हैं ये छोटी-छोटी आदतें, तन मन दोनों रहेंगे फिट

IANS | January 15, 2026 9:41 AM

मुंबई, 15 जनवरी (आईएएनएस)। कहते हैं स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है। तन और मन को स्वस्थ रखने के लिए बड़े बदलावों की जरूरत नहीं, बस छोटी-छोटी आदतें अपनाने से बहुत फर्क पड़ता है। भारत सरकार का आयुष मंत्रालय आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा के आधार पर सरल, प्रभावी उपाय सुझाता है।

16 जनवरी का पंचांग : माघ माह की त्रयोदशी तिथि, नोट कर लें शुभ-अशुभ समय

IANS | January 15, 2026 8:40 AM

नई दिल्ली, 15 जनवरी (आईएएनएस)। सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य या दिन की शुरुआत के लिए सही तिथि, नक्षत्र और मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। यह हिंदू पंचांग के आधार पर तय किया जाता है। 16 जनवरी को माघ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है, जो रात 10 बजकर 21 मिनट तक रहेगी। इसके बाद चतुर्दशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी।

अनिद्रा, माइग्रेन या तनाव, बेहद कारगर है शिरोधारा, सावधानी भी जरूरी

IANS | January 14, 2026 11:08 PM

नई दिल्ली, 14 जनवरी (आईएएनएस)। आज के समय में छोटे-बड़े कामों के लिए गैजेट्स पर बढ़ती निर्भरता और अनियमित दिनचर्या ने अनिद्रा, तनाव, माइग्रेन, चिंता और थकान जैसी समस्याओं को आम बना दिया है। ऐसे में आयुर्वेद प्राचीन और प्रभावी थेरेपी शिरोधारा की सलाह देता है, जो बेहद फायदेमंद है।

गुजरात : नवलपुर ग्राम पंचायत महिला नेतृत्व वाली शासन व्यवस्था का बनी आदर्श उदाहरण, विकास को मिल रही गति

IANS | January 14, 2026 8:46 PM

अहमदाबाद, 14 जनवरी (आईएएनएस)। गुजरात के साबरकांठा जिले का तलोद तालुका राज्यभर में आकर्षण का केंद्र बन रहा है। नवलपुर ग्राम पंचायत ने स्थानीय प्रशासन में महिला सशक्तीकरण का एक उल्लेखनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।

जम्मू-कश्मीर: कुपवाड़ा में ई-गवर्नेंस के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित, डिजिटली सशक्त हो रहे लोग

IANS | January 14, 2026 8:39 PM

कुपवाड़ा, 14 जनवरी (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने और नागरिकों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम पहल के तहत डीसी ऑफिस कॉम्प्लेक्स में ई-गवर्नेंस के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की गई है। इसके साथ ही जिले में संचालित कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) को भी सुदृढ़ किया गया है।

हिंदू धर्म के 5 प्रमुख पावन स्नान: मकर संक्रांति से कार्तिक पूर्णिमा तक का पूरा कैलेंडर

IANS | January 14, 2026 5:28 PM

नई दिल्ली, 14 जनवरी (आईएएनएस)। हिंदू धर्म में स्नान का बहुत बड़ा धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। खासकर गंगा, यमुना और अन्य पवित्र नदियों में किए जाने वाले स्नान को पापों से मुक्ति और पुण्य प्राप्ति का साधन बताया गया है। हर साल मकर संक्रांति से लेकर कार्तिक पूर्णिमा तक कुछ ऐसे विशेष स्नान पर्व आते हैं, जिनका इंतजार करोड़ों श्रद्धालु करते हैं।

वाराणसी में मणिकर्णिका घाट पर व्यापक विकास कार्य, शवदाह अधिक सुव्यवस्थित होगी : डीएम

IANS | January 14, 2026 4:42 PM

वाराणसी, 14 जनवरी (आईएएनएस)। वाराणसी के महा श्मशान के नाम से प्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट पर हर वर्ष लाखों की संख्या में शवदाह होते हैं। शवदाह की अधिक संख्या के कारण यहां जगह की कमी के साथ-साथ साफ-सफाई और व्यवस्थाओं को बनाए रखने में भी कई प्रकार की चुनौतियां सामने आती हैं। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए घाट पर एक व्यापक विकास परियोजना को लागू किया जा रहा है, ताकि व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित और सुचारू बनाया जा सके।

थल सेना दिवस : कैसे भारतीय सेनापति बना भारत का बेटा, और खत्म हुआ सेना पर अंग्रेजी नेतृत्व

IANS | January 14, 2026 3:13 PM

नई दिल्ली, 14 जनवरी (आईएएनएस)। अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ लंबे संघर्ष के बाद भारत आजाद तो हो चुका था, लेकिन स्वतंत्रता के बाद भी लगभग डेढ़ साल तक भारतीय सेना की कमान अंग्रेज अफसरों के हाथों में ही रही। यह स्थिति आगे भी बनी रह सकती थी, अगर लेफ्टिनेंट जनरल नाथू सिंह राजपूत योद्धा ने समय रहते तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को उस कड़वी सच्चाई से अवगत न कराया होता कि किसके पास भारत और भारतीय सेना का नेतृत्व करने की समझ व अनुभव है और किसके पास नहीं।