28 मई : मासिक धर्म और महिला स्वास्थ्य पर जागरूकता का प्रतीक, विशेषज्ञ से खास बातचीत

IANS | May 28, 2025 8:15 AM

नई दिल्ली, 28 मई (आईएएनएस)। हर वर्ष 28 मई को जब दुनिया 'मासिक धर्म स्वच्छता दिवस' और 'अंतर्राष्ट्रीय महिला स्वास्थ्य दिवस' के रूप में इस दिन को मनाती है, तब यह केवल एक कैलेंडर तिथि नहीं रह जाती, बल्कि यह एक ऐसी मुहिम का प्रतीक बन जाती है जो महिलाओं के स्वास्थ्य, स्वाभिमान और स्वच्छता के प्रति समाज की सोच में बदलाव लाने का प्रयास करती है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि मासिक धर्म कोई शर्म का विषय नहीं, बल्कि जैविक सत्य है और इसके प्रति जागरूकता, समझ और स्वच्छता ही स्त्री सशक्तिकरण की बुनियाद है।

प्राचीन प्रथाएं, वैज्ञानिक शक्ति : एक संत की बेस्टसेलर (लीड-1)

IANS | May 27, 2025 9:37 PM

नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। प्राचीन भारतीय कलाओं और विज्ञानों पर आधारित आंतरिक सद्भाव और मन की शांति के लिए गहराई से तैयार की गई किताब पाठकों की पसंद के रूप में तेजी से उभर रही है।

अकुम्स ड्रग्स एंड फार्मास्यूटिकल्स का मुनाफा चौथी तिमाही में करीब 33 प्रतिशत गिरा, आय भी घटी

IANS | May 27, 2025 6:50 PM

मुंबई, 27 मई (आईएएनएस)। अकुम्स ड्रग्स एंड फार्मास्यूटिकल्स ने मंगलवार को वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए। जनवरी-मार्च अवधि में कंपनी का मुनाफा तिमाही आधार पर 32.89 प्रतिशत गिरकर 27.58 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि दिसंबर तिमाही में 41.16 करोड़ रुपए था।

लक्ष्मी डेंटल का मुनाफा चौथी तिमाही में 40 प्रतिशत से अधिक गिरा, खर्च भी बढ़ा

IANS | May 27, 2025 4:17 PM

मुंबई, 27 मई (आईएएनएस)। लक्ष्मी डेंटल की ओर से वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही के नतीजे मंगलवार को जारी किए गए। जनवरी-मार्च अवधि में कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर करीब 44 प्रतिशत कम होकर 4.2 करोड़ रुपए रह गया है, जो कि पिछले साल की समान अवधि में यह 7.7 करोड़ रुपए था।

प्राचीन प्रथाएं, वैज्ञानिक शक्ति : एक संत की बेस्टसेलर

IANS | May 27, 2025 1:20 PM

नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। प्राचीन भारतीय कलाओं और विज्ञानों पर आधारित आंतरिक सद्भाव और मन की शांति के लिए गहराई से तैयार की गई किताब पाठकों की पसंद के रूप में तेजी से उभर रही है।

छाछ: गर्मी और तनाव को करता है दूर, जानें इसके जबरदस्त फायदे

IANS | May 27, 2025 10:46 AM

नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। छाछ न केवल स्वाद में लाजवाब है, बल्कि सेहत और सौंदर्य के लिए भी वरदान है। गर्मियों में शरीर को ठंडक देने से लेकर तनाव कम करने तक, छाछ के अनगिनत फायदे हैं। आइए, आसान भाषा में जानते हैं कि कैसे छाछ आपकी सेहत और खूबसूरती को निखार सकती है।

साइटिका हो या स्लिप डिस्क, हर दर्द की दवा है छोटी सी बूटी निर्गुंडी

IANS | May 27, 2025 10:18 AM

नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। प्रकृति ने हमें कई ऐसे औषधीय पौधे दिए हैं जो बिना किसी नुकसान के हमारे स्वास्थ्य की रक्षा करते हैं। आयुर्वेद में इन पौधों का विशेष महत्व बताया गया है। इन्हीं में से एक है निर्गुंडी। यह दिखने में छोटा सा पौधा है, लेकिन इसके गुण अद्भुत हैं। पुराने समय से लेकर आज तक लोग इस बूटी का घरेलू उपचार के रूप में इस्तेमाल करते आ रहे हैं। इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि यह आसानी से मिल जाता है और इसका उपयोग करना भी सरल होता है।

गुलाब की पंखुड़ियों से बने 'गुलकंद' को क्यों कहते हैं 'आयुर्वेदिक टॉनिक'

IANS | May 27, 2025 9:59 AM

नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। कब्ज, एसिडिटी, और पेट की जलन की समस्या को दूर करने के लिए गुलकंद का सेवन फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके साथ ही साथ नियमित तौर पर गुलकंद का सेवन करने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार होता है। गुलाब की पंखुड़ियों और चीनी से मिलाकर इसे तैयार किया जाता है इसके कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं। तभी तो इसे आयुर्वेदिक टॉनिक का नाम दिया गया है। ऐसा टॉनिक जो तन और मन दोनों का खास ख्याल रखता है!

पेट दर्द से लेकर माइग्रेन तक राहत, दादी-नानी के पिटारे में छिपी हींग करे अनेक बीमारियां ठीक

IANS | May 27, 2025 9:30 AM

नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। हींग एक ऐसी प्राकृतिक चीज है, जो खाने में स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ कई बीमारियों को ठीक करने में भी काम आती है। हींग में औषधीय गुण होते हैं जो पेट से जुड़ी समस्याओं जैसे अपच, गैस और पेट दर्द में राहत देते हैं। हींग के उपयोग से खाना जल्दी पचता है और पेट में होने वाली सूजन कम होती है। इसके अलावा, यह सर्दी-खांसी और सांस की बीमारियों में भी फायदेमंद होती है। छोटी सी हींग, दादी-नानी की ऐसी 'दवा' है जो सेहत के लिए बहुत काम आती है।

बारिश में बढ़ता है वात और पित्त दोष, जानें आयुर्वेदिक उपाय

IANS | May 26, 2025 1:35 PM

नई दिल्ली, 26 मई (आईएएनएस)। आयुर्वेद में बारिश के मौसम को स्वास्थ्य के लिए एक चुनौतीपूर्ण समय माना जाता है। इस मौसम में ठंडक बढ़ जाती है। लोग इस मौसम का लुत्फ उठाने के लिए तेल से बने खाद्य पदार्थ ज्यादा खाते हैं। ऐसे में शरीर की पाचन शक्ति यानी अग्नि कमजोर हो जाती है। वहीं वातावरण में नमी बढ़ जाने से वात दोष बढ़ जाता है और शरीर में सूखापन, दर्द और बेचैनी हो सकती है। साथ ही पित्त दोष भी जमा होता है, जो हमारे शरीर की गर्मी और पाचन से जुड़ा होता है। इससे शरीर में गर्मी, जलन और पेट की समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए इस मौसम में सही आहार, सही दिनचर्या और सतर्कता बहुत जरूरी होती है ताकि शरीर स्वस्थ और संतुलित रह सके।