कान की सेहत से आप भी तो नहीं कर रहे खिलवाड़? बड़े काम के हैं ये टिप्स

IANS | April 25, 2026 5:58 PM

नई दिल्ली, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। कान... शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, लेकिन अक्सर इसे लेकर लापरवाही की जाती है, जिसका परिणाम भी खतरनाक हो सकता है। दुनियाभर में 5 से 19 वर्ष की आयु के लगभग 95.1 मिलियन बच्चे श्रवण हानि के साथ जीवन यापन कर रहे हैं।

गर्मियों का एनर्जी बूस्टर, स्वाद में लाजवाब तो सेहत के लिए फायदेमंद शिकंजी

IANS | April 25, 2026 5:57 PM

नई दिल्ली, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। गर्मियों की चिलचिलाती धूप और लू से बचने के लिए ठंडी-ठंडी शिकंजी बेहतर विकल्प है। स्वाद में लाजवाब और सेहत के लिए वरदान साबित होने वाला यह पारंपरिक पेय गर्मी के मौसम में शरीर को तुरंत ऊर्जा, ठंडक और हाइड्रेशन प्रदान करता है।

मच्छरों के आतंक से बचने का आसान तरीका, डब्ल्यूएचओ ने बताया क्या करें, क्या नहीं

IANS | April 25, 2026 2:18 PM

नई दिल्ली, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। एक मच्छर भी आपके स्वास्थ्य के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है। विश्व मलेरिया दिवस के मौके पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने मलेरिया को पूरी तरह समाप्त करने के संकल्प को दोहराते हुए बताया कि मच्छरों के काटने से फैलने वाली बीमारी के बचाव के लिए हमें क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए।

हार्मोन बैलेंस कर पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है सर्वांगासन, ऐसे करें अभ्यास

IANS | April 25, 2026 9:34 AM

नई दिल्ली, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। क्या आप पाचन संबंधी परेशानियों जैसे कब्ज, अपच या हार्मोनल असंतुलन से जूझ रहे हैं? भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, सर्वांगासन या शोल्डर स्टैंड एक ऐसा मजबूत योगासन है, जो हार्मोन को बैलेंस करने के साथ-साथ पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में बेहद प्रभावी साबित होता है।

तन-मन की सेहत के लिए खामोश खतरा नींद की अनियमितता, इन आसान उपायों से संभव है बचाव

IANS | April 24, 2026 11:55 PM

नई दिल्ली, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। कहते हैं कि बेहतर और गहरी नींद कई समस्याओं की छुट्टी करने में कारगर है। वहीं, नींद की अनियमितता तन और मन की सेहत के लिए एक खामोश खतरा कही जाती है। व्यस्त जीवनशैली, काम का दबाव और गैजेट्स के ज्यादा उपयोग के कारण लोग नियमित नींद नहीं ले पा रहे हैं, जिसका गहरा असर उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।

मोटापा और बीमारियों की जड़ है अधिक तेल का सेवन, छोटी आदतों से पाएं बड़ा बदलाव

IANS | April 24, 2026 10:05 PM

नई दिल्ली, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और अनियमित दिनचर्या में खानपान की गलत आदतें सेहत को बड़ा नुकसान पहुंचा रही हैं। ऐसे में भोजन में अधिक तेल का इस्तेमाल सेहत के संग खिलवाड़ जैसा है। यह शरीर के लिए बेहद हानिकारक साबित होता है। हेल्थ एक्सपर्ट का मानना है कि ज्यादा तेल का सेवन न केवल मोटापा, बल्कि और भी कई गंभीर बीमारियों को पैदा करने में अहम भूमिका निभाता है।

अमेरिका ने ग्लोबल स्वास्थ्य फंडिंग में की भारी कटौती, फैमिली प्लानिंग के लिए मदद खत्म; महिलाओं पर पड़ा बुरा असर

IANS | April 24, 2026 3:19 PM

वाशिंगटन, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका ने 2025 और 2026 में स्वास्थ्य सुविधाओं की फंडिंग में काफी कटौती की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वापसी के बाद अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसी (यूएसएआईडी) ने 5300 से ज्यादा अनुदानों और अनुबंधों को समाप्त कर दिया। अमेरिकी मीडिया के अनुसार, इसका असर महिलाओं की स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी देखने को मिल रहा है। इसके अलावा, दक्षिण अफ्रीका में एचआईवी से संबंधित सेवाओं की फंडिंग में भी कटौती की है।

केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति के 75 लाख से अधिक लाभार्थियों को वित्त वर्ष 26 में जारी किए 7,981 करोड़ रुपए

IANS | April 24, 2026 12:09 PM

नई दिल्ली, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी) के 75 लाख से अधिक लाभार्थियों को 7,981.47 करोड़ रुपए जारी किए हैं। यह जानकारी शुक्रवार को सरकार की ओर से दी गई।

नी मूवमेंट : रोजाना कुछ मिनट का अभ्यास देगा बेहतर संतुलन और ताकत, जॉइंट्स की समस्या में भी राहत

IANS | April 24, 2026 11:07 AM

नई दिल्ली, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। बदलती जीवनशैली और अनियमित खानपान का असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर साफ दिखाई देने लगा है। खासतौर पर घुटनों और कूल्हों के जोड़ों में दर्द और कमजोरी की समस्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में योग का एक आसान अभ्यास ‘नी मूवमेंट’ या ‘समस्थिति’ इन समस्याओं से राहत दिलाने में प्रभावी साबित हो सकता है।

विश्व मलेरिया दिवस : 'अब हम कर सकते हैं… अब हमें करना ही होगा' मलेरिया का उन्मूलन

IANS | April 24, 2026 8:48 AM

नई दिल्ली, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। एक ऐसी लड़ाई, जो दशकों से जारी है और अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। 25 अप्रैल को मनाया जाने वाला विश्व मलेरिया दिवस इस बार सिर्फ जागरूकता का दिन नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक अवसर है, जहां विज्ञान, रणनीति और वैश्विक इच्छाशक्ति एक साथ खड़ी हैं। अभूतपूर्व गति से हो रही वैज्ञानिक प्रगति ने पहली बार यह भरोसा पैदा किया है कि हमारे ही जीवनकाल में मलेरिया का उन्मूलन संभव है।