नई दिल्ली, 6 मार्च (आईएएनएस)। संगीत जगत में ऐसी कई हस्तियां हैं, जिनके गाए गाने आज भी मंत्रमुग्ध कर देते हैं। ऐसी ही एक गायिका हैं साधना सरगम, जिन्हें 'संगीत की साधना' भी कहा जाता है। हिंदी के साथ ही मराठी, गुजराती, बंगाली, तमिल, और तेलुगू सहित कई भाषाओं में गाने वाली साधना ने करियर की शुरुआत में ही कई यादगार गीत दिए हैं।
हालांकि, कम ही लोग जानते हैं कि लंदन में एक कार्यक्रम में परफॉर्मेंस के दौरान वह मंच पर श्रोताओं की बड़ी संख्या में भीड़ और अमिताभ बच्चन को सामने देखकर नर्वस हो गई थीं। एक इंटरव्यू में उन्होंने लंदन में हुए शो का दिलचस्प किस्सा साझा किया था, जो उनके शुरुआती दिनों की नर्वसनेस और आत्मविश्वास की कहानी बयां करता है। 7 मार्च को साधना सरगम का जन्मदिन है।
साधना सरगम ने बताया कि लंदन में अमिताभ बच्चन और संगीतकार कल्याणजी-आनंदजी के साथ उनके शो थे। उस समय वह नई उभरती सिंगर थीं। शो में फिल्म 'ईमानदार' का एक क्लासिकल गाना गाने का मौका मिला। मंच एक बड़ा राउंड एरिना था और दर्शक अमिताभ बच्चन को देखने के लिए पागल हो रहे थे। लोग उनके लिए जोर-शोर से तालियां बजा रहे थे। जब साधना का क्लासिकल गाना गाने का समय आया तो वह काफी घबरा गईं।
साधना ने कहा, “वहां काफी डर लग रहा था कि यह क्लासिकल गाना है, मुश्किल है। लोग कहीं हूटिंग तो नहीं कर देंगे, लेकिन कल्याणजी-आनंदजी को पूरा भरोसा था। अमिताभ बच्चन ने ही सलाह दी थी कि गाना बहुत अच्छा है और इसे जरूर लेना चाहिए। जब गाना शुरू हुआ तो शुरुआती डर के बावजूद दर्शकों ने जबरदस्त तालियां बजाईं।
साधना ने बताया, “इतनी तालियां बजीं कि लगा हमारा क्लासिकल म्यूजिक बिल्कुल कमजोर नहीं है। गाने की कंपोजिशन इतनी खूबसूरत और कॉम्पैक्ट थी कि फास्ट शो में भी लोगों ने इसे बहुत पसंद किया और सराहा।” इस अनुभव ने सिखाया कि प्रस्तुति और आत्मविश्वास कितना महत्वपूर्ण है।
साधना सरगम ने आगे कहा कि वे हमेशा ऐसे गाने गाना चाहती हैं, जो सुनने वालों को सुकून दे और उनकी तनाव और परेशानियां भुला दे। उनका मानना है कि संगीत के जरिए दूसरों की मदद करना उनका लक्ष्य है। वह खुद को बेहतर इंसान बनाने और समझ बढ़ाने पर भी फोकस करती हैं।
--आईएएनएस
एमटी/डीकेपी