वी. शांताराम ने सबसे पहले पहचानी थी प्रतिभा, हारमोनियम की धुनों संग शुरू हुआ वसंत देसाई का सफर
मुंबई, 8 जून (आईएएनएस)। भारतीय सिनेमा के महान संगीतकारों में गिने जाने वाले वसंत देसाई का जीवन संघर्ष, प्रतिभा और समर्पण का अद्भुत उदाहरण है। एक समय ऐसा था जब वह दिनभर फिल्म कंपनी में सामान्य काम किया करते थे और रात में अपने शौक के लिए हारमोनियम बजाते थे लेकिन उनकी यही लगन एक दिन उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ बन गई। उनकी धुनों से प्रभावित होकर फिल्म निर्माता-निर्देशक वी. शांताराम ने उन्हें संगीत विभाग में काम करने का मौका दिया और यहीं से उनके शानदार संगीत सफर की शुरुआत हुई।