महाशिवरात्रि स्पेशल : यहां पानी के कुंड में डूबे हैं बाबा भोलेनाथ, प्राकृतिक जलधारा करती है जलाभिषेक
नई दिल्ली, 13 फरवरी (आईएएनएस)। 'गोमुख भरे निर्भयानाथ की ठोर, करोड़ों वर्ष तपस्या करे, जब पावे गढ़ चितौड़,' ये कहावत चितौड़गढ़ दुर्ग के लिए बिल्कुल सटीक बैठती है। यहां कई ऐसे धार्मिक स्थल हैं, जो किसी को भी हैरान कर सकते हैं।