चेट्ट्येनचेरी महेश्वर मंदिर : यहां शक्ति के रूप में भगवान शिव पूजित, देवताओं के अवतार मनुष्य

IANS | April 9, 2026 9:41 PM

नई दिल्ली, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। देवाधिदेव महादेव को शिवलिंग के रूप में पूजा जाता है, जबकि कुछ स्थानों पर उन्हें साक्षात और स्वयंभू प्रतिमा के रूप में भी पूजा जाता है।

केरल के खूबसूरत नजारों के बीच 65 एकड़ में फैला अनोखा डेस्टिनेशन, जहां मिलती है 'जटायु' की कहानी

IANS | April 9, 2026 2:11 PM

कोल्लम, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। केरल की हरी-भरी वादियों और खूबसूरत नजारों के बीच एक ऐसा अनोखा पर्यटन स्थल है, जहां पौराणिक कथाएं, रोमांच और प्रकृति का सुंदर संगम देखने को मिलता है। यह है जटायु अर्थ सेंटर, जिसे जटायु नेचर पार्क या जटायु रॉक के नाम से भी जाना जाता है।

श्रीरामदूत का अद्भुत मंदिर, जहां मोदक खाते, पानी पीते हैं बजरंगबली, कोई नहीं भर सका मुखारविंद

IANS | April 8, 2026 5:55 PM

इटावा, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। देश-दुनिया में श्रीराम दूत हनुमान के कई मंदिर हैं, जहां भक्ति की शक्ति के साथ ही उनकी निराली लीला भी देखने को मिलती है। उत्तर प्रदेश के इटावा में बजरंगबली का ऐसा ही मंदिर है, जहां वह मोदक खाते और पानी पीते हैं। मान्यता है कि आज तक उनके मुखारविंद को कोई नहीं भर सका है और मंदिर का यह रहस्य आज तक बना हुआ है।

नेरियमंगलम: प्रकृति की गोद में छिपा है रहस्यमयी गांव, वाटरफॉल और मसालेदार पेड़-पौधे का ले पाएंगे अनुभव

IANS | April 8, 2026 4:08 PM

नई दिल्ली, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। जून की छुट्टियों का मौसम शुरू होने वाला है और अगर आप एक साथ सुकून और प्रकृति की मनमोहक छटा का नजारा लेना चाहते हैं, तो हम आपके लिए केरल की ऐसी जगह की जानकारी लेकर आए हैं, जो अपनी प्रकृति, वाटरफॉल, और मसालेदार पेड़-पौधों के लिए मशहूर है।

शास्त्रीय संगीत जगत के 'गंधर्व कुमार': बीमारी को मात देकर मंच पर वापसी करने वाले 'शिवपुत्र', 'धुनुगम राग' के साथ लाई क्रांति

IANS | April 7, 2026 11:19 PM

नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय शास्त्रीय संगीत जगत कई शानदार सितारों से जगमग है। खास बात है कि कई सितारे आज के समय में भले ही इस दुनिया में नहीं हैं, मगर उनकी कला और उनकी रचना प्रशंसकों के बीच खास बनी हुई है। ऐसे ही कलाकार थे बीमारी को मात देकर मंच पर शानदार वापसी करने वाले ‘शिवपुत्र’ पंडित कुमार गंधर्व।

काशी के इस प्राचीन मंदिर में विराजती हैं मां महिषासुर मर्दिनी, दिन में तीन बार बदलता है 'स्वप्नेश्वरी' का रुप

IANS | April 6, 2026 11:51 PM

नई दिल्ली, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में असंख्य प्राचीन मंदिर हैं। इन मंदिरों की महिमा अनोखी और चमत्कारिक है। काशी में हर कोने में भक्ति और चमत्कार की कहानियां बसी हुई हैं। असंख्य देवी-देवताओं के मंदिर यहां की आस्था को और गहरा बनाते हैं। इन्हीं में से एक प्राचीन और अद्भुत मंदिर है मां महिषासुर मर्दिनी का, इस मंदिर की खासियत यह है कि यहां माता स्वप्नेश्वरी का स्वरूप दिन में तीन बार बदलता है।

तिरुवरप्पु श्री कृष्ण मंदिर: यहां एक दिन में 10 बार लगता है भोग, देर होने पर कमजोर हो जाती है 'रहस्यमयी प्रतिमा'

IANS | April 6, 2026 8:25 PM

नई दिल्ली, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। देशभर में कई प्राचीन मंदिर हैं, जहां भगवान श्री कृष्ण अलग-अलग अवतारों में भक्तों के कष्टों को हरते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि केरल की धरती पर ऐसा मंदिर मौजूद है, जो साल के 365 दिन दर्शन के लिए खुला रहता है और ग्रहण लगने पर भी मंदिर में पूजा-पाठ बंद नहीं होता। हम बात कर रहे हैं केरल के तिरुवरप्पु श्री कृष्ण मंदिर की।

काशी का अद्भुत 17वीं शताब्दी का शिवालय, जहां रावण वध के बाद श्रीरामचंद्र ने किए थे महादेव के दर्शन

IANS | April 5, 2026 11:55 PM

वाराणसी, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी के कण-कण में उनका वास माना जाता है। छोटे-बड़े हर एक मंदिर की अपनी एक दिव्यता और अद्भुत भक्ति में लिपटी मान्यता है। महादेव को समर्पित ऐसा ही एक मंदिर है, जो उनके अराध्य मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीरामचंद्र से भी जुड़ा है।

खल्लारी माता मंदिर : निसंतान दंपति की झोली भरती है मां, महाभारत काल से जुड़ा है इतिहास

IANS | April 5, 2026 10:33 PM

नई दिल्ली, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। देशभर में कई शक्तिपीठ और सिद्धपीठ मां जगदम्बा के मंदिर के रूप में मौजूद हैं, जहां भक्त अपने कष्टों से मुक्ति के लिए आते हैं। छत्तीसगढ़ के महासमुन्द की पहाड़ी पर ऐसा प्रसिद्ध और चमत्कारी मंदिर है, जहां निसंतान दंपति को संतान सुख मिलता है।

शिवनगरी काशी में विराजते हैं 'बटुक भैरव', प्रसाद में चढ़ता है टॉफी- बिस्किट और खिलौने, दर्शन से दूर होते संतान के कष्ट

IANS | April 4, 2026 7:50 PM

वाराणसी, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। मान्यता है कि देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी के कण-कण में उनका वास है। बाबा विश्वनाथ की नगरी में स्थित छोटे-बड़े हर एक मंदिर की अपनी एक अद्भुत कथा और मान्यता है, जो भक्तों के विश्वास और भक्ति को और भी मजबूत करता है। ऐसा ही एक मंदिर वाराणसी की तंग गलियों में हैं, जहां भैरव बाबा बाल या बटुक रूप में विराजते और दर्शन मात्र से संतान संबंधी समस्याओं के साथ ही अन्य कष्टों को भी दूर करते हैं।