नई दिल्ली, 23 जनवरी (आईएएनएस)। गुप्त नवरात्रि का पावन पर्व जारी है, जो भगवती दुर्गा और दस महाविद्याओं की गोपनीय आराधना को समर्पित है। यह नवरात्रि मुख्य रूप से तांत्रिक साधकों द्वारा मनाई जाती है। शनिवार को गुप्त नवरात्रि का छठा दिन है, इस दिन माता के छठे रूप की पूजा-अर्चना की जाती है। इसके साथ ही शनिवार को स्कंद षष्ठी भी है।
दृक पंचांग के अनुसार, शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि 24 जनवरी की देर रात 12 बजकर 39 मिनट से अगले दिन 25 जनवरी तक रहेगी, उसके बाद सप्तमी शुरू हो जाएगी। नक्षत्र उत्तर भाद्रपद दोपहर 2 बजकर 16 मिनट तक रहेगा, फिर रेवती नक्षत्र शुरू हो जाएगा। करण कौलव दोपहर 1 बजकर 15 मिनट तक और फिर तैतिल रहेगा। वहीं, चंद्रमा मीन राशि में संचार करेंगे। सूर्योदय 7 बजकर 13 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 54 मिनट पर होगा।
माघ माह, शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 26 मिनट से 6 बजकर 20 मिनट तक, अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 12 मिनट से 12 बजकर 55 मिनट तक, विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 20 मिनट से 3 बजकर 3 मिनट तक रहेगा। अमृत काल सुबह 9 बजकर 31 मिनट से 11 बजकर 6 मिनट तक, रवि योग सुबह 7 बजकर 13 मिनट से 10 बजकर 56 मिनट तक रहेगा।
अशुभ समय भी नोट कर लें। राहुकाल सुबह 9 बजकर 53 मिनट से 11 बजकर 13 मिनट तक, यमगंड दोपहर 1 बजकर 53 मिनट से 3 बजकर 13 मिनट तक रहेगा। शनिवार को पूरे दिन पंचक है, इसलिए नए या शुभ कार्य करने से बचें।
शनिवार को स्कंद षष्ठी भी है, जो भगवान कार्तिकेय (स्कंद या मुरुगन) को समर्पित विशेष दिन है, यह हर महीने शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर पड़ती है। यह दिन भगवान स्कंद की पूजा, व्रत और कवच पाठ के लिए समर्पित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भक्ति भाव से की गई पूजा से भगवान प्रसन्न होते हैं और इससे साहस, विजय सुख-समृद्धि के आशीर्वाद के साथ नकारात्मकता से मुक्ति मिलती है।
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