राजस्थान में भगवान देव नारायण की आस्था से जुड़ा अनोखा गांव, जहां नहीं लगते घरों में ताले

IANS | April 12, 2026 5:59 PM

नई दिल्ली, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। देश-दुनिया के कोने-कोने में कई खूबसूरत और आस्था को प्रगाढ़ करते देवालय हैं, जिनके शिखर मात्र से भक्तों का मन प्रसन्न हो जाता है। मात्र देवालय या शिखर ही नहीं बल्कि मंदिर के आस पास की जगह भी बेहद खूबसूरत और उससे जुड़ी कथा हैरत में डालती है। ऐसा ही नारायण को समर्पित राजस्थान में एक खूबसूरत गांव है, जो नारायण को समर्पित है।

नागराज मंदिर: यहां भक्तों को प्रसाद में मिलती है जादुई रेत, दर्शन मात्र से दूर होता है काल सर्प दोष

IANS | April 11, 2026 4:58 PM

नई दिल्ली, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत की हर दिशा में 33 कोटि देवी-देवताओं के निवास स्थान और चमत्कारों से भरे मंदिर देखने को मिल जाएंगे। उत्तर से लेकर दक्षिण में जहां भगवान भोलेनाथ के अलग-अलग मंदिर और ज्योतिर्लिंग स्थापित हैं, वहीं नागराज के मंदिर भी देखने को मिल जाते हैं। जहां भक्त काल सर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए आते हैं, लेकिन हम कन्याकुमारी के ऐसे मंदिर के बारे में बताएंगे, जहां भक्तों को प्रसाद के रूप में रेत दिया जाता है।

जोग फॉल्स: गर्मियों में एडवेंचर के शौकीनों के लिए खास जगह,1400 सीढ़ियां उतरकर मिलता है रोमांचक अनुभव

IANS | April 11, 2026 3:37 PM

नई दिल्ली, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत देश में प्रकृति से भरे स्थलों की कमी नहीं है, लेकिन कौन स्थल ज्यादा शांति और सुकून देने वाला है, इसको लेकर संशय हमेशा बना रहता है।

11वीं सदी में हुआ था इस सीढ़ीदार कुएं का निर्माण, उल्टे मंदिर जैसा दिखता है जल वास्तुकला का बेमिसाल प्रमाण, सौ के नोटों पर भी अंकित

IANS | April 11, 2026 3:16 PM

पाटन, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत एक ऐसा देश है, जिसके कोने-कोने में खूबसूरती है, वह प्रकृति की हो या मानव रचित सभी बेमिसाल हैं। बात प्राचीन वास्तुकला की हो तो उसके लिए दुनिया भर में मशहूर है। गुजरात राज्य में भी एक ऐसी अनोखी धरोहर है, जो सीढ़ीदार कुएं सा दिखता है और इसका निर्माण 11वीं सदी में हुआ था। यह सीढ़ीदार कुआं उल्टे मंदिर जैसा दिखता है और जल वास्तुकला का बेमिसाल नमूना है। यह इतना खास है कि भारतीय 100 रुपए के नोट पर भी इसकी तस्वीर अंकित है।

सलाउलिम बांध: सिर्फ समंदर ही नहीं, 'रंगीन सिंक होल' के लिए फेमस है गोवा, शांति और सुकून का मिलता है अनुभव

IANS | April 10, 2026 11:04 PM

नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। गोवा का नाम आते ही सबसे पहले बीच और समंदर का नजारा आंखों के सामने आता है, लेकिन गोवा सिर्फ बीच और समंदर की लहरों तक ही सीमित नहीं है।

पाप, रोग और परेशानियों से मुक्ति दिलाएंगे उज्जैन के सप्तसागर, पुराणों में भी जिक्र

IANS | April 10, 2026 5:57 PM

नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। हमारे देश में मंदिर से लेकर सरोवर तक का पौराणिक महत्व है। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में जितना महत्व महादेव के मंदिरों का है, उतना ही सप्त सागर का है।

सीढ़ीदार भूलभुलैया में एक बावड़ी : 9वीं शताब्दी में बना राजस्थान का हैरत में डालता कुआं, 'प्रसन्नता की देवी' को है समर्पित

IANS | April 10, 2026 1:46 PM

जयपुर, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। देश के कोने-कोने में ऐसे कई खूबसूरत वास्तुशिल्प के साथ बने आध्यात्मिक स्थल हैं, जो न केवल आंखों को राहत देते हैं बल्कि उसकी कथा उसके पीछे का विज्ञान हैरत में भी डालता है। ऐसा ही एक स्थल राजस्थान की राजधानी जयपुर से करीब 90 किलोमीटर दूर स्थित है। 9वीं शताब्दी में बना यह कुआं 'प्रसन्नता की देवी' को है समर्पित है, इस स्थल को सीढ़ीदार भूलभुलैया में बनी एक बावड़ी भी कहा जाता है।

जब बेगम अख्तर से पहली बार मिलने पहुंची थीं शांति हीरानंद, ‘कल आना’ कहकर शुरू हुई 25 साल की गुरु-शिष्या परंपरा

IANS | April 9, 2026 11:53 PM

मुंबई, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। संगीत की दुनिया में गुरु-शिष्या परंपरा का अपना एक खास महत्व है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है पद्मश्री सम्मानित शास्त्रीय गायिका शांति हीरानंद की, जो दिवंगत बेगम अख्तर की प्रमुख शिष्या रही हैं। एक इंटरव्यू के दौरान शांति हीरानंद ने बेगम अख्तर से अपनी पहली मुलाकात का मजेदार किस्सा सुनाया था।

लखीमपुर खीरी की कुलदेवी: महाभारत के बाद श्रीकृष्ण ने खुद स्थापित की थी विष्णुप्रिया की प्रतिमा, रुक्मिणी ने यहीं की आराधना

IANS | April 9, 2026 11:21 PM

लखीमपुर खीरी, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। धन, वैभव, सुख और शांति की देवी माता लक्ष्मी का देश भर में कई दिव्य मंदिर है, जहां दर्शन मात्र से भक्तों का कल्याण हो जाता है। ऐसा ही एक पावन मंदिर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी शहर में स्थित है। यहां माता लक्ष्मी को शहर की कुलदेवी माना जाता है। लोक मान्यता है कि महाभारत युद्ध के बाद भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं यहां माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित की थी। रुक्मिणी ने इसी स्थान पर माता की आराधना की थी।

वेलियानाडु गांव: तन और मन को करना है रीसेट, केरल के इस गांव में शांति और प्रकृति का है अनोखा संगम

IANS | April 9, 2026 10:25 PM

नई दिल्ली, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। गर्मियों की शुरुआत के साथ सभी लोग जून की छुट्टियों का इंतजार करते हैं क्योंकि पूरे साल की थकान को उतारने के लिए शांति और सुकून भी जरूरी है।