जमशेदपुर में 'जगत की अधिष्ठात्री' का भव्य मंदिर: 64 फीट ऊंचा राजगोपुरम, दर्शन मात्र से दूर होते हैं कष्ट

IANS | May 19, 2026 10:32 PM

जमशेदपुर, 19 मई (आईएएनएस)। देवाधिदेव महादेव की अर्धांगिनी माता पार्वती व उनके कई रूपों के देश-दुनिया में कई भव्य व भक्ति से भरपूर मंदिर हैं। ऐसे में स्टील सिटी के नाम से प्रसिद्ध जमशेदपुर जो न सिर्फ औद्योगिक नगरी है, बल्कि आध्यात्मिक स्थलों की दृष्टि से भी समृद्ध है। इस शहर के खरंगाझार बाजार से मात्र 500 मीटर की दूरी पर पहाड़ी पर जगत की अधिष्ठात्री का मंदिर स्थित है, जहां मान्यता है कि दर्शन मात्र से भक्तों के दूर हो जाते हैं और पाप कट जाते हैं।

हिमाचल की गोद में बसा महर्षि वशिष्ठ का पवित्र गांव, जहां 'औषधीय कुंड' में स्नान करने से दूर होती है रोग-व्याधि

IANS | May 19, 2026 9:22 PM

मनाली, 19 मई (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियों में बसा वशिष्ठ गांव न सिर्फ प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि अपनी आध्यात्मिक विरासत के लिए भी जाना जाता है। मनाली के मुख्य बाजार से मात्र 3 किलोमीटर दूर, ब्यास नदी के किनारे स्थित यह गांव पर्यटकों और तीर्थयात्रियों दोनों के लिए बेहद खास जगह है।

बिलासपुर में महादेव और नंदी को समर्पित 7वीं सदी का रहस्यमयी मंदिर, यहां गायब हो जाता है भोलेनाथ को चढ़ाया जल

IANS | May 18, 2026 11:20 PM

बिलासपुर, 18 मई (आईएएनएस)। कहते हैं कि भक्ति भाव से भगवान को तुलसी दल समर्पित करो या केवल जल वह जरूर से स्वीकार करते हैं। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में भी महादेव और उनके नंदी को समर्पित ऐसा ही एक प्राचीन और रहस्यमयी मंदिर है, जहां मान्यता है कि शिवलिंग पर चढ़ाए जल को महादेव स्वीकार कर लेते हैं, इसी वजह से जल दिखता भी नहीं है।

कश्मीर: विरासत की तलाश में, यादों से वतन वापस लौटने का सफर

IANS | May 18, 2026 8:08 AM

वाशिंगटन, 18 मई (आईएएनएस)। 36 साल तक शीरिन रैना के लिए कश्मीर सिर्फ टुकड़ों में बसी यादों जैसा था। न्यू जर्सी में खाने की मेज पर सुनी गई कहानियां, पुरानी पड़ चुकी तस्वीरें, मंदिरों के नाम और माता-पिता की वे यादें, जो एक रात अचानक कश्मीर छोड़कर चले गए थे और फिर कभी वास्तव में लौट नहीं पाए।

तारे के आकार का नारायण को समर्पित विशेष मंदिर, देवालय में विराजमान 'सुंदर केशव'

IANS | May 17, 2026 10:00 PM

मैसूर, 17 मई (आईएएनएस)। दुनिया भर में नारायण को समर्पित कई देवालय हैं, जिनकी बनावट मनमोहक है तो भक्ति से भरी कथा भक्तों के विश्वास को और भी मजबूत बनाती है। ऐसा ही एक देवालय कर्नाटक राज्य के मैसूर में है। तारे के आकार के नारायण को समर्पित मंदिर का निर्माण 1258 ईस्वी में हुआ है। मंदिर में तीन गर्भगृह हैं।

मैसूर में है महादेव को प्रिय नंदी महाराज का भव्य देवालय, यहीं पर गौतम ऋषि को मिला था आशीर्वाद

IANS | May 16, 2026 10:15 PM

मैसूर, 16 मई (आईएएनएस)। देश-दुनिया में देवाधिदेव महादेव को समर्पित कई मंदिर हैं, जहां उनके वाहन नंदी महाराज उनके साथ में विराजमान रहते हैं, लेकिन कर्नाटक के मैसूर में नंदी देव को समर्पित एक अलग ही भव्य मंदिर है, जो पूरी तरह उनके नाम से जाना जाता है। चामुंडी पहाड़ी की तलहटी में स्थित यह मंदिर न सिर्फ अपनी विशाल नंदी प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहीं पर गौतम ऋषि ने तपस्या की थी और उन्हें महादेव का आशीर्वाद मिला था।

पीएम मोदी ने नीदरलैंड्स में भारतीय संस्कृति को सराहा, बोले- दुनिया में बढ़ रही परंपराओं की पहचान

IANS | May 16, 2026 7:59 PM

एम्स्टर्डम, 16 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नीदरलैंड्स यात्रा के दौरान भारतीय संस्कृति और परंपराओं की शानदार प्रस्तुति की सराहना की। उन्होंने कहा कि वैश्विक मंच पर भारत की सांस्कृतिक विरासत लगातार नई पहचान बना रही है।

शनि जन्मोत्सव : सूर्य पुत्र को समर्पित 12वीं शताब्दी का दिव्य धाम, जहां राजा नल को मिली श्राप से मुक्ति

IANS | May 15, 2026 9:15 PM

कराईकल, 15 मई (आईएएनएस)। सूर्य पुत्र शनिदेव के भक्तों के लिए शनिवार का दिन खास मायने रखता है। हालांकि, ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि और भी खास हो जाती है क्योंकि इस दिन शनि जन्मोत्सव मनाया जाता है। ऐसे में 16 मई (शनि जन्मोत्सव) को लेकर भक्तों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। देश भर में शनिदेव के कई दिव्य धाम हैं, जहां दर्शन-पूजन से उनकी कृपा प्राप्त होती है। ऐसा ही एक दिव्य धाम पुडुचेरी के कराईकल जिले में स्थित है, जहां राजा नल को शनि के श्राप से मुक्ति मिली थी।

शिव के नटराज स्वरूप को समर्पित 10वीं शताब्दी का अद्भुत मंदिर, पर्यटकों का भी पसंदीदा स्थल

IANS | May 14, 2026 11:41 PM

जयपुर, 14 मई (आईएएनएस)। देश के कोने-कोने में देवाधिदेव महादेव के कई भव्य व दिव्य मंदिर स्थित हैं। राजस्थान राज्य में भी कई मंदिर हैं, जिनकी खूबसूरती के साथ ही निर्माण की कथा भी हैरत में डालती है। ऐसा ही एक भव्य मंदिर शिव के नटराज स्वरूप को समर्पित है, जिसका निर्माण 10वीं शताब्दी में हुआ था।

नारायण के 'सहस्रबाहु' अवतार को समर्पित राजस्थान का 1000 साल पुराना भव्य मंदिर, क्यों पड़ा 'सास-बहू' नाम?

IANS | May 13, 2026 9:29 PM

उदयपुर, 13 मई (आईएएनएस)। देश-दुनिया में नारायण के दशावतार को समर्पित कई भव्य व प्राचीन मंदिर मिल जाएंगी, लेकिन राजस्थान के उदयपुर से मात्र 22 किलोमीटर दूर नागदा गांव में स्थित नारायण के 'सहस्रबाहु' अवतार को समर्पित एक ऐसा प्राचीन मंदिर है, जिसका नाम भी मजेदार है और हैरत में डालता है। ‘सास-बहू मंदिर’ न सिर्फ अपनी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि अपने अनोखे नाम के कारण भी लोगों की जिज्ञासा का विषय बना हुआ है।