कोपिनेश्वर मंदिर : ठाणे में मौजूद भगवान शिव लाएंगे प्रलय, जुड़ा है बड़ा रहस्य
नई दिल्ली, 15 दिसंबर (आईएएनएस)। भारत के कोने-कोने में भगवान शिव अलग-अलग रूपों में विराजमान हैं और अपने हर रूप से भक्तों के कष्ट हरते हैं।
नई दिल्ली, 15 दिसंबर (आईएएनएस)। भारत के कोने-कोने में भगवान शिव अलग-अलग रूपों में विराजमान हैं और अपने हर रूप से भक्तों के कष्ट हरते हैं।
कोयंबटूर, 14 दिसंबर (आईएएनएस)। गौरी पुत्र के दर्शन मात्र से जीवन की तमाम परेशानियों और दुख-दर्द के साथ ही बाधाओं का भी नाश होता है। तमिलनाडु के कोयंबटूर शहर से महज 12 किलोमीटर दूर भगवान गणेश को समर्पित प्राचीन और अद्भुत ईचनारी विनायगर मंदिर है।
नई दिल्ली, 14 दिसंबर (आईएएनएस)। अपनी परेशानियों और दुख से मुक्ति के लिए भक्त पूजनीय देवी-देवताओं के पास आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल में एक ऐसा मंदिर है, जहां खुद मां भक्तों के संकट निवारण के लिए मंदिर से बाहर निकलती हैं।
नई दिल्ली, 14 दिसंबर (आईएएनएस)। बीमारियों और समस्याओं से हर कोई मुक्ति पाना चाहता है। इन सभी परेशानियों से मुक्ति पाने के लिए लोग अलग-अलग मंदिरों की चौखट पर हाजिरी लगाते हैं।
नई दिल्ली, 13 दिसंबर (आईएएनएस)। दक्षिण भारत में तिरुपति बालाजी मंदिर की महिमा बहुत ज्यादा है, हर भक्त अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए इस मंदिर की चौखट पर जरूर आता, लेकिन क्या आप जानते हैं कि तिरुपति बालाजी मंदिर से अधिक पुराना मंदिर आंध्र प्रदेश में मौजूद है?
वाराणसी, 13 दिसंबर (आईएएनएस)। काशी या वाराणसी प्राचीन समय से भारत के सबसे प्रमुख हस्तशिल्प केंद्रों में से एक रहा है। इस शहर की पहचान विश्व प्रसिद्ध बनारसी साड़ी से है, जो न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व में अपनी भव्यता और बारीक कारीगरी के लिए पसंद की जाती है। अखिल भारतीय हस्तशिल्प सप्ताह का आयोजन 8 से 14 दिसंबर तक चलता है। इस मौके पर बनारसी साड़ी और उसकी बुनाई के बारे में जानते हैं।
चिकमंगलूर, 12 दिसंबर (आईएएनएस)। भारत में ऐसे कई मंदिर हैं, जो सिर्फ भक्ति का ही नहीं, बल्कि कला, इतिहास और शांति का भी केंद्र हैं। कर्नाटक के चिकमंगलूर जिले से मात्र 67 किमी दूर, भद्रा नदी के किनारे बसे छोटे-से गांव अमृतपुरा में चालुक्य साम्राज्य वास्तुकला का अनमोल रत्न अमृतेश्वर मंदिर है।
तिरुवनंतपुरम, 12 दिसंबर (आईएएनएस)। केरल के हरे-भरे कोट्टायम जिले में बसा एट्टुमानूर महादेव मंदिर केवल एक तीर्थस्थल नहीं, बल्कि जीवंत आस्था, प्राचीन कला, भक्ति और शाही चित्रण का अनुपम संगम है। कथा मिलती है कि यहां महादेव आठ अलग-अलग दिव्य रूपों में प्रकट हुए थे।
नई दिल्ली, 12 दिसंबर (आईएएनएस)। देवों के देव महादेव, भगवान शिव अनेक रूपों में विराजमान हैं। पूरी पृथ्वी के सृजनकर्ता और विनाशक के रूप में पूजे जाने वाले भगवान शिव को पवित्र शिवलिंग के रूप में पूजा जाता है।
नई दिल्ली, 12 दिसंबर (आईएएनएस)। विवेकानंद एजुकेशन सोसाइटी (वीईएस) ने शुक्रवार को मुंबई विश्वविद्यालय के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की है, जिसके तहत सिंधी भाषा, विरासत और सांस्कृतिक अध्ययन के लिए एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) की स्थापना की जाएगी।