कश्मीरी केसर से बनारसी साड़ी तक, परंपरा और संस्कृति के साथ देश की पहचान बने उत्तर भारत के ये 'जीआई' उत्पाद

IANS | May 27, 2026 3:04 PM

नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। उत्तर भारत के पारंपरिक उत्पाद आज देश की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर नई मजबूती दे रहे हैं। कश्मीर का केसर, हिमाचल की कुल्लू शॉल, उत्तर प्रदेश की बनारसी साड़ी, राजस्थान की ब्लू पॉटरी और उत्तराखंड की लोक कलाएं अब केवल स्थानीय उत्पाद नहीं रह गए, बल्कि गांव और छोटे शहरों से निकलकर ये जीआई (ज्योग्राफिकल इंडिकेशन) उत्पाद ग्लोबल मंच पर अपनी चमक बिखेर रहे हैं।

मिथिला मखाना से चांदी तरकाशी तक, भारत की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दे रहे पूर्वी और मध्य भारत के 'जीआई' उत्पाद

IANS | May 26, 2026 12:02 PM

नई दिल्ली, 26 मई (आईएएनएस)। भारत की असली पहचान उसकी विविधता, परंपराओं और स्थानीय उत्पादों में बसती है। देश के अलग-अलग राज्यों में सदियों से तैयार हो रहे पारंपरिक उत्पाद आज दुनिया भर में अपनी अलग छाप छोड़ रहे हैं। इन उत्पादों को मिलने वाला जीआई टैग यानी ‘जियोग्राफिकल इंडिकेशन’ न केवल उनकी विशिष्ट पहचान को सुरक्षित करता है, बल्कि स्थानीय किसानों, बुनकरों और कारीगरों की मेहनत को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का काम भी करता है।

आंध्र प्रदेश की सिम्हाचलम पहाड़ी पर स्थित वह मंदिर, जहां भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए नारायण ने लिया था अवतार

IANS | May 25, 2026 10:41 PM

नई दिल्ली, 25 मई (आईएएनएस)। वर्तमान में भगवान विष्णु को प्रिय पुरुषोत्तम मास चल रहा है। इस महीने में दान-पुण्य के साथ ही नारायण के दर्शन-पूजन का भी विशेष विधान है। इस महीने में भगवान विष्णु के दर्शन-पूजन की विशेष मान्यता है। देश -दुनिया में नारायण के कई मंदिर हैं, जो श्रद्धा और इतिहास के साथ वास्तुकला का अद्भुत संगम भी दिखाते हैं। ऐसा ही एक भव्य मंदिर आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम के सिम्हाचलम पहाड़ी पर बना श्री वराह लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर है। राज्य के प्रमुख तीर्थ स्थलों में शामिल मंदिर को लेकर मान्यता है कि भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए भगवान नरसिंह इसी स्थान पर प्रकट हुए थे।

मिट्टी, मेहनत और पहचान : गांवों से निकलकर दुनिया को अपनी कहानी सुना रहे पश्चिमी भारत के 'जीआई' उत्पाद

IANS | May 25, 2026 3:12 PM

नई दिल्ली, 25 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान के बाद से देश में जीआई टैग (जियोग्राफिकल इंडिकेशन) को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है। उनका मानना है कि हर क्षेत्र की खास कला, परंपरा और उत्पादों को दुनिया में पहचान मिलनी चाहिए। जीआई टैग स्थानीय उत्पादों को नई पहचान और बाजार दिलाने में मदद कर रहा है।

मार्को रूबियो ने पत्नी जेनेट के साथ किया ताजमहल का दीदार

IANS | May 25, 2026 2:59 PM

नई दिल्ली, 25 मई (आईएएनएस)। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो भारत दौरे के तीसरे दिन दुनिया के सात अजूबों में शामिल ताज महल का दीदार करने पहुंचे। उनके साथ पत्नी जेनेट डी. रूबियो, अमेरिका के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट गैब्रियल और भारत स्थित अमेरिकी दूतावास के राजदूत सर्जियो गोर भी थे।

पुरुषोत्तम मास विशेष: दक्षिण भारतीय और ओडिशा शैली में निर्मित नारायण का भव्य मंदिर, दर्शन मात्र से दूर होते हैं कष्ट

IANS | May 24, 2026 9:29 PM

जगदलपुर, 24 मई (आईएएनएस)। पुरुषोत्तम मास को भगवान विष्णु की आराधना का सबसे पवित्र और खास समय माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस महीने में भगवान विष्णु की पूजा और दर्शन करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन के कष्ट दूर होते हैं। ऐसे में आपको छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्थित नारायण के भव्य मंदिर के बारे में बताते हैं, जो दक्षिण भारतीय और ओडिशा शैली में निर्मित है।

मूगा सिल्क से नागा मिर्च तक, दुनिया के मंच पर चमक रहा पूर्वोत्तर भारत का 'जीआई' गौरव

IANS | May 24, 2026 3:03 PM

नई दिल्ली, 24 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया इटली यात्रा केवल राजनीतिक और आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इस दौरे ने भारत की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक कला और स्थानीय उत्पादों को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाई। दुनिया के बड़े नेताओं को भारत के अलग-अलग राज्यों से चुने गए जीआई टैग प्राप्त उत्पाद भेंट कर प्रधानमंत्री ने यह संदेश दिया कि भारत की असली ताकत उसकी विविधता, परंपरा और स्थानीय हुनर में बसती है।

पुरुषोत्तम मास विशेष: नारायण के पदचिन्हों पर बना 18वीं शताब्दी का यह मंदिर, पितरों को मिलती है शांति

IANS | May 23, 2026 9:44 PM

गया, 23 मई (आईएएनएस)। भगवान विष्णु को प्रिय पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) चल रहा है। इस महीने में दान-पुण्य के साथ ही नारायण के दर्शन-पूजन का भी विशेष विधान है। दुनियाभर में भगवान विष्णु को समर्पित कई देवालय हैं, जो अध्यात्म के साथ ही चमत्कारी कथा के साथ भी जुड़े हुए हैं। ऐसा ही एक दिव्य मंदिर बिहार के गया जिले में स्थित है, जो नारायण के पदचिन्हों पर बना है और मंदिर का संबंध पितरों से भी है।

रेशम, मसाले और हस्तशिल्प... दक्षिण भारत राज्यों की पहचान बने ये 'जीआई' उत्पाद

IANS | May 23, 2026 3:25 PM

नई दिल्ली, 23 मई (आईएएनएस)। भारत की सांस्कृतिक विविधता जितनी विशाल है, उतनी ही समृद्ध उसकी पारंपरिक उत्पादों की विरासत भी है। दक्षिण भारत के गांवों, खेतों और कारीगर बस्तियों में सदियों से तैयार हो रहे कई उत्पाद आज वैश्विक बाजार में अपनी खास पहचान बना चुके हैं। यहां की मिट्टी में बसा स्वाद, कला और परंपरा आज विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। गांवों की छोटी-छोटी कार्यशालाओं और खेतों से निकलकर ये उत्पाद अब अमेरिका, यूरोप, जापान और मध्य पूर्व तक पहुंच रहे हैं।

झारखंड: मां भगवती का दिव्य मंदिर, जहां 9 नहीं 16 दिनों की होती है नवरात्रि

IANS | May 22, 2026 10:09 PM

लातेहार, 22 मई (आईएएनएस)। देश-दुनिया में आदिशक्ति के कई भव्य व चमत्कारी कथा से जुड़े मंदिर हैं, जहां कि कथा श्रद्धालुओं के विश्वास और भक्ति को और भी शक्ति देती है। देवी का ऐसा ही प्राचीन मंदिर झारखंड राज्य के लातेहार जिले में एक है, जहां आस्था की गहराई और आध्यात्मिक रहस्य एक साथ देखने को मिलते हैं।