करमा-धरमा की कथा से शुरू होता है 'करम पर्व' : पर्यावरण संतुलन के इस त्योहार में छिपा है इकोलॉजी का पुराना ज्ञान

IANS | September 22, 2026 1:03 PM

नई दिल्ली, 22 सितंबर (आईएएनएस)। 'करमा' पर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि मनुष्य और प्रकृति के बीच सदियों पुरानी अटूट मित्रता, कृषि संस्कृति और भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का जीवंत उत्सव है। मुंडा, उरांव, संथाल और गोंड सहित तमाम जनजातीय तथा सदान समुदायों के जीवन में रचा-बसा यह पर्व सिखाता है कि जब हम प्रकृति का सम्मान करते हैं, तो जीवन स्वयं एक सुंदर उत्सव बन जाता है।

पहले दिन लालबागचा राजा के चरणों में चढ़ाया गया 48 लाख 50 हजार का दान

IANS | September 15, 2026 11:26 PM

मुंबई, 15 सितंबर (आईएएनएस)। पूरे देश में गणेश उत्सव की धूम है। पहले दिन लालबागचा राजा के चरणों में 48 लाख 50 हजार रुपए का दान श्रद्धालुओं ने किया। इसमें स्टेज बॉक्स में 27,50,00 रुपए का दान, जबकि कलर बॉक्स में 21 लाख रुपए का दान किया गया है। पिछले वर्ष गणेश उत्सव के पहले दिन 46 लाख रुपए का दान चढ़ाया गया था।

जेनजी का गणपति सेलिब्रेशन, हंगामा और हुड़दंग नहीं, सांस्कृतिक मूल्य और धार्मिक अनुष्ठान सबसे पहले

IANS | September 15, 2026 9:03 PM

नई दिल्ली, 15 सितंबर (आईएएनएस)। सोशल मीडिया, इंटरनेट और वर्चुअल वर्ल्ड में 'जेनजी' शब्द अचानक नहीं आया। इसका एक लंबा अरसा रहा है। देश-दुनिया में पिछले कुछ महीनों में ऐसी घटनाएं हुईं, जिसने जेनजी को मेनस्ट्रीम मीडिया, चर्चा और बयानों में भी शामिल कर दिया।

हिंदी दिवस विशेष: लेखिका अंकिता जैन बोलीं- फोन या लैपटॉप के एक सिस्टम की तरह भाषा हमेशा अपग्रेड हो रही है

IANS | September 15, 2026 3:07 PM

नई दिल्ली, 15 सितंबर (आईएएनएस)। ब्रज, अवधी, मैथिली, राजस्थानी और भोजपुरी जैसी समृद्ध लोक बोलियों की विरासत को अपने साथ जोड़ने वाली हिंदी भाषा ने देश की बहुसंख्यक आबादी तक अपनी पहुंच बनाई। हिंदी दिवस पर आईएएनएस ने लेखिका अंकित जैन से बातचीत की।

हिंदी दिवस विशेष: नई हिंदी को जन्मे 13-14 वर्ष हो गए हैं, वह अपने किशोरावस्था में है- शैलेश भारतवासी

IANS | September 15, 2026 1:57 PM

नई दिल्ली, 15 सितंबर (आईएएनएस)। हर वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष भी सोमवार को धूमधाम से हिंदी दिवस मनाया गया। वैश्विक स्तर पर हिंदी, तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। हिंदी, सांस्कृतिक और जमीन से जुड़ी ऐसी भाषा है, जिसने कई स्थानीय भाषाओं को खुद में समाहित किया हुआ है। इस खास मौके पर आईएएनएस ने लेखक शैलेश भारतवासी से विशेष बातचीत की।

हिंदी से हिंग्लिश तक : लेखिका ने बताया- क्या यह क्षरण है या किसी जीवित भाषा का स्वाभाविक विकास

IANS | September 15, 2026 1:09 PM

नई दिल्ली, 15 सितंबर (आईएएनएस)। हिंदी सिर्फ एक भाषा नहीं है, बल्कि करोड़ों लोगों की स्मृतियों, भावनाओं, अनुभवों और रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है। समय के साथ समाज बदला, लोगों की जीवनशैली बदली, संचार के माध्यम बदले और उसके साथ हिंदी भी बदलती गई। कभी साहित्य और संस्कृतनिष्ठ शब्दावली से पहचानी जाने वाली हिंदी आज अंग्रेजी, उर्दू, फारसी, अरबी, स्थानीय बोलियों और इंटरनेट की भाषा के साथ कदमताल करती दिखाई देती है। ऐसे में यह सवाल उठना भी स्वाभाविक है कि क्या यह हिंदी का क्षरण है या फिर किसी जीवित भाषा का स्वाभाविक विकास?

जब दूसरी भाषाओं से शब्द उधार लेती रही है हिंदी, तो आखिर क्या है 'शुद्ध हिंदी'?

IANS | September 14, 2026 6:07 PM

नई दिल्ली, 14 सितंबर (आईएएनएस)। पहले 'शुद्ध' और 'सही' हिंदी की चाबी कुछ गिने-चुने संपादकों, आचार्यों और पाठ्यपुस्तक निर्माताओं के हाथ में थी। भाषा ऊपर से नीचे तय होती थी। आज नए शब्द और नई शब्दावली लोग सोशल मीडिया पर खुद गढ़ रहे हैं।

हिंदी से 'हिंग्लिश' तक, क्या हम एक 'नई हिंदी' के जन्म के दौर में हैं?

IANS | September 14, 2026 5:44 PM

नई दिल्ली, 14 सितंबर (आईएएनएस)। भाषा ही एक ऐसी कड़ी है, जो हमें अपनी मिट्टी, अपने इतिहास और अपनी संस्कृति से जोड़ती है। हर भाषा एक इतिहास, लोक परंपरा और जीवन-दृष्टि को लेकर चलती है, जो नई पीढ़ी के संस्कार को भी आगे बढ़ाती है। यही भाषाई बहुलता भारत की 'विविधता में एकता' की भावना को सशक्त बनाती है।

किसी भी दौर में भाषा नई होती जाती है, अगर ऐसा नहीं होगा तो वो मर जाएगी : नीलोत्पल मृणाल

IANS | September 14, 2026 5:03 PM

नई दिल्ली, 14 सितंबर (आईएएनएस)। हिंदी, सांस्कृतिक और जमीन से जुड़ी हुई ऐसी भाषा है, जिसने कई स्थानीय भाषाओं को खुद में समेटा है। हिंदी साहित्य ने ब्रज, अवधी, मैथिली, राजस्थानी और भोजपुरी जैसी समृद्ध लोक बोलियों की विरासत को अपने साथ जोड़ा, जिससे इसकी जड़ें गांवों और आम जन तक पहुंचीं। हिंदी दिवस के अवसर पर आईएएनएस ने लेखक और कवि नीलोत्पल मृणाल से खास बातचीत की।

हिंदी दिवस : बदलते दौर के साथ बदलने वाली 'हिंदी', आज 'उर्मिला-विषयक उदासीनता' की शिकार क्यों?

गंगेश ठाकुर | September 14, 2026 4:41 PM

नई दिल्ली, 14 सितंबर (आईएएनएस)। भाषा केवल प्रचार या प्रसार का विषय नहीं है, वह तो अभिव्यक्त करने की रचनाशीलता, संवाद करने, संवेदना जताने और संबंधों का सही रेखांकन करने का जरिया है।