1558 में बना नारायण का भव्य मंदिर, सबसे ऊंचे शिखर वाले देवालय के निर्माण के पीछे है भक्ति से भरी अद्भुत कथा

IANS | April 17, 2026 10:57 PM

ओरछा, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत को मंदिरों का देश भी कहा जाता है। भारत भूमि के कोने-कोने में भगवान की महिमा का बखान करते कई भव्य और अद्भुत देवालय हैं। ऐसा ही अद्भुत, खूबसूरत वास्तुकला वाला मंदिर मध्य प्रदेश के ओरछा में स्थित है, जहां मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीरामचंद्र भगवान नहीं बल्कि राजा के रूप में पूजे जाते हैं। मंदिर निर्माण के पीछे की कथा भी भक्ति से भरी पड़ी है।

भीमेश्वर मंदिर : प्रकृति और इतिहास का संगम, महाबली भीम ने स्वयं की थी स्थापना

IANS | April 17, 2026 5:54 PM

नई दिल्ली, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। दक्षिण भारत में कई ऐसे मंदिर हैं, जिस पर श्रद्धालुओं की बेहद आस्था होती है। हरे-भरे पश्चिमी घाटों में स्थित मंदिर भक्तों के साथ-साथ पर्यटन के आकर्षण का भी बड़ा केंद्र हैं। आज हम ऐसे मंदिर की जानकारी लेकर आए हैं, जिसका इतिहास महाभारत के पांडवों से जुड़ा है।

वैशाख अमावस्या : प्रयागराज में श्रद्धालुओं का तांता, गंगा में डुबकी लगा पितरों की शांति की कर रहे कामना

IANS | April 17, 2026 9:21 AM

प्रयागराज, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। हिंदू पंचांग के अनुसार आज का दिन बेहद खास है क्योंकि आज वैशाख अमावस्या है। वैशाख अमावस्या के दिन स्नान और दान का बहुत महत्व होता है।

1662 ईस्वी में बने भव्य देवालय के गर्भगृह में कोई भी प्रतिमा नहीं, बेजोड़ वास्तुकला और विरासत की दिखती है झलक

IANS | April 16, 2026 11:02 PM

ओरछा, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। कभी क्षय न होने वाली विशेष तिथि यानी अक्षय तृतीया का पर्व 19 अप्रैल को पड़ रहा है। इस दिन नारायण व माता लक्ष्मी की आराधना का विशेष विधान है। देश-दुनिया में लक्ष्मी नारायण को समर्पित कई मंदिर हैं। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल ओरछा में भी लक्ष्मी नारायण को समर्पित शानदार मंदिर है, जो अनोखी वास्तुकला और समृद्ध विरासत की छटा बिखेरती है।

महारानी की छतरियां: राजपूत वंश की महिलाओं को समर्पित, इतिहास और सुंदरता का अनूठा संगम

IANS | April 16, 2026 8:48 PM

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। राजस्थान का जयपुर, यानी पिंक सिटी, अपने नाम की तरह ही अनोखा है। यह स्थल सिर्फ सुंदरता का ही संगम नहीं है, बल्कि जयपुर की राजपूताना इतिहास को खुद में समेटे हुए है। आज हम आपके लिए ऐसे पर्यटक स्थल की जानकारी लेकर आए हैं, जो खास तौर पर राजपूत वंश से जुड़ी महिलाओं को समर्पित है।

बांके बिहारी के चरण दर्शन से जगन्नाथ रथ निर्माण शुरू तक, अक्षय तृतीया पर मंदिरों में होते हैं खास आयोजन

IANS | April 16, 2026 4:53 PM

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। सनातन धर्म में अक्षय तृतीया को सबसे पवित्र और शुभ तिथि में से एक माना जाता है। बैसाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि नारायण को समर्पित है। संस्कृत में ‘अक्षय’ शब्द का अर्थ है ‘जो कभी खत्म न हो’, इसलिए इस दिन किए गए दान, पुण्य, नए कार्य शुरू करना और घर-मंदिर का निर्माण हमेशा फलदायी माना जाता है। इस दिन पूरे 24 घंटे शुभ रहते हैं। किसी भी शुभ काम के लिए अलग से मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं पड़ती।

वरदराज पेरुमल मंदिर: यहां 40 साल के जलवास पर हैं भगवान विष्णु, साल 2059 में भक्तों को मिल पाएंगे दुर्लभ दर्शन

IANS | April 16, 2026 11:43 AM

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। दुनिया के सात सबसे पुराने शहरों में से एक तमिलनाडु का कांचीपुरम अपनी संस्कृति के साथ-साथ आस्था के लिए भी मशहूर है।

अक्षय तृतीया विशेष: 9 दशक में तैयार देवी गंगा का यह भव्य मंदिर, दक्षिण भारतीय, राजपूत और मुगल शैलियों का दिखता है संगम

IANS | April 15, 2026 11:36 PM

भरतपुर, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। बैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि यानी अक्षय तृतीया का सनातन धर्म में बेहद महत्व है। नारद पुराण के अनुसार, इस दिन माता गंगा भी धरती पर अवतरित हुई थीं। ऐसे में भारत में माता गंगा के कई मंदिर हैं, जो दिव्य अनुभूति देते हैं। ऐसा ही राजस्थान के भरतपुर शहर में माता गंगा का भव्य मंदिर है, जो वास्तुकला और आध्यात्मिकता का एक अनुपम नमूना है।

7वीं शताब्दी में निर्मित इस भव्य शिवालय में नहीं हैं नंदी, महादेव संग विराजमान हैं नारायण, माता सती से जुड़ी है कथा

IANS | April 15, 2026 8:23 PM

कोल्हापुर, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। देश-दुनिया में देवाधिदेव महादेव की चमत्कार और भक्ति से जुड़े कई शिवालय हैं, मगर महाराष्ट्र के कोल्हापुर में महादेव का एक ऐसा मंदिर है, जो उनके क्रोध से जुड़ा है। खास बात है कि इस शिवालय में महादेव के पास नंदी नहीं, बल्कि नारायण की प्रतिमा स्थापित है। मंदिर की कथा माता सती से जुड़ी है।

अक्षय तृतीया विशेष : सोना नहीं तो ये चीजें खरीदना होगा शुभ, बरकत के साथ घर में सुख-समृद्धि का होगा वास

IANS | April 15, 2026 4:34 PM

नई दिल्ली, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। सनातन धर्म में अक्षय तृतीया को बेहद शुभ और पवित्र दिन माना जाता है। इसे आखा तीज के नाम से भी जाना जाता है। यह बैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आता है। ‘अक्षय’ शब्द का अर्थ है ‘कभी कम न होने वाला’। इसलिए इस दिन किया गया कोई भी शुभ कार्य, दान, जप या यज्ञ का फल कभी समाप्त नहीं होता बल्कि सदैव बढ़ता रहता है।