स्विस राष्ट्रपति को पीएम मोदी ने दिए खास तोहफे, भारत की समृद्ध विरासत और 'नई पहचान' की मिली झलक

IANS | October 5, 2026 6:04 PM

नई दिल्ली, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन को भारत की समृद्ध विरासत और नई पहचान को दर्शाते हुए दो बेहद खास तोहफे भेंट किए। इन तोहफों में भारत में बनी अवॉर्ड विनिंग चीज़ और कश्मीर की सदियों पुरानी काष्ठ शिल्प कला की झलक देखने को मिली।

औरंगाबाद के पुनपुन तट पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब, पितृ मोक्ष के लिए हजारों श्रद्धालुओं ने किया पिंडदान

IANS | September 30, 2026 3:20 PM

औरंगाबाद, 30 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार के औरंगाबाद जिले में स्थित ऐतिहासिक पुनपुन घाट पर इन दिनों आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। 15 दिवसीय पितृपक्ष मेले के अवसर पर देश-विदेश के कोने-कोने से हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन आदिगंगा के नाम से विख्यात पुनपुन नदी के तट पर पहुंच रहे हैं। यहां अपने पितरों की आत्मा की शांति और मोक्ष की प्राप्ति के लिए पिंडदान कर श्रद्धालु गया जी के लिए प्रस्थान कर रहे हैं।

पितृपक्ष विशेष: बोधगया में बुद्ध मंदिर परिसर में भी होता है पिंडदान, वर्षों पुरानी परंपरा आज भी कायम

IANS | September 27, 2026 10:24 PM

बोधगया, 27 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार के गया जिले में स्थित बोधगया दुनिया भर में भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली और यूनेस्को विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि बोधगया का पितृपक्ष और श्राद्धकर्म की परंपरा से भी गहरा संबंध है। सनातन परंपरा के अनुसार यहां पितृ तर्पण और पिंडदान का विशेष महत्व माना जाता है और पितृपक्ष के दौरान देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए यहां पहुंचते हैं।

गयाजी में इन प्रमुख स्थानों पर पिंडदान का है विशेष महत्व, अलग-अलग दोषों से मिलती है मुक्ति

IANS | September 27, 2026 4:52 PM

गयाजी, 27 सितंबर (आईएएनएस)। पितृपक्ष के दौरान बिहार का गयाजी दुनिया भर के सनातन श्रद्धालुओं की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बन जाता है। धार्मिक मान्यता है कि गयाजी में पिंडदान और तर्पण करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। यही वजह है कि हर साल देश-विदेश से लाखों लोग अपने पूर्वजों के निमित्त यहां पहुंचते हैं। शास्त्रों में गयाजी को पितृ कर्म के लिए सर्वोच्च तीर्थ बताया गयाजी है और कहा जाता है कि यहां विधि-विधान से पिंडदान करने पर सात पीढ़ियों तक के पितरों का उद्धार होता है।

पितृपक्ष : उज्जैन में पिंडदान का खास महत्व, माता पार्वती से जुड़ी है सिद्धवट की प्राचीन मान्यता

IANS | September 26, 2026 1:46 PM

नई दिल्ली, 26 सितंबर (आईएएनएस)। पितृ पक्ष में लोग अपने पूर्वजों को याद करते हैं। कोई घर पर श्राद्ध करता है, तो कोई पवित्र नदियों के किनारे जाकर तर्पण और पिंडदान करता है। मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन भी ऐसी ही जगहों में शामिल है, जहां पितरों के लिए किए जाने वाले इन कर्मों की पुरानी परंपरा रही है।

पितृपक्ष : काशी में विधि-विधान से श्राद्ध करने पर मिलती है प्रेत योनि से मुक्ति, पिशाचमोचन कुंड का है विशेष महत्व

IANS | September 26, 2026 1:15 PM

वाराणसी, 26 सितंबर (आईएएनएस)। पितृपक्ष शुरू होते ही लाखों श्रद्धालु अपने पितरों की मुक्ति के लिए गया, प्रयागराज और हरिद्वार की ओर रुख करते हैं, लेकिन काशी की धार्मिक परंपरा में एक मान्यता ऐसी है जो इसे सबसे अलग बनाती है। कहा जाता है कि यदि किसी की अकाल मृत्यु हुई हो तो गया जाने से पहले काशी में पिंडदान करना आवश्यक होता है। इसी वजह से काशी को पितरों के श्राद्ध का प्रथम द्वार भी कहा जाता है।

पितृपक्ष में कौवे को भोजन खिलाने से जुड़ी है ये पौराणिक कथा और मान्यता

IANS | September 26, 2026 1:06 PM

नई दिल्ली, 26 सितंबर (आईएएनएस)। पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने वाला पितृ पक्ष शनिवार से शुरू हो चुका है। भाद्रपद मास की पूर्णिमा से लेकर आश्विन मास की अमावस्या तक का समय श्राद्ध एवं पितृ पक्ष कहलाता है। पितृ पक्ष के दौरान पितरों की मृत्यु तिथि पर श्राद्ध पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। पितरों के श्राद्ध का भोजन कौवे को खिलाने की परंपरा है।

त्र्यंबकेश्वर : कुशावर्त कुंड में स्नान से मिलती है पितृ दोष से मुक्ति, दुनिया में सिर्फ यहीं होता है नारायण नागबलि अनुष्ठान

IANS | September 24, 2026 11:09 AM

नासिक, 24 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के नासिक से 28 किलोमीटर की दूरी पर सह्याद्रि पर्वतमाला और ब्रह्मगिरी की तलहटी में स्थित त्र्यंबकेश्वर केवल एक प्राचीन मंदिर नहीं बल्कि यह पीढ़ियों के मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक उपचार का एक जीवंत केंद्र है।

समुद्र मंथन से जुड़ी है अनंत चतुर्दशी की कथा, निभाई जाती है भगवान को खोजने की रस्म

IANS | September 22, 2026 11:52 PM

नई दिल्ली, 22 सितंबर (आईएएनएस)। अनंत चतुर्दशी का व्रत भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना के लिए समर्पित माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा कर सुख, शांति, धन और समृद्धि की कामना करते हैं। अनंत चतुर्दशी से जुड़ी कई परंपराएं सदियों से चली आ रही हैं, जिनमें पंचामृत में अनंत भगवान को खोजने की परंपरा भी शामिल है।

प्रधानमंत्री मोदी ने पेजावर मठ के श्री विश्वेश तीर्थ स्वामीजी की जन्म शताब्दी समारोह के लोगो का अनावरण किया (लीड-1)

IANS | September 22, 2026 10:29 PM

नई दिल्ली/बेंगलुरु, 22 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कर्नाटक के उडुपी स्थित श्री पेजावर अधोक्षजा मठ के श्री विश्वप्रसन्ना तीर्थ स्वामीजी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ पद्म विभूषण यतिकुल चक्रवर्ती श्री विश्वेश तीर्थ स्वामीजी की जन्म शताब्दी समारोह के लोगो का अनावरण किया।