नई दिल्ली, 20 फरवरी (आईएएनएस)। मनाली से लेकर गोवा तक में कई ऐसे साफ-सुथरे जलाशय हैं जो सुकून देने का काम करते हैं।
अगर आप एक साथ आस्था और सुखद पलों को जीना चाहते हैं, तो हम आपके लिए ऐसी जगह की जानकारी लेकर आए हैं जिसे देखकर आपका तन और मन दोनों ही खुश हो जाएंगे। हम बात कर रहे हैं नानक सागर डैम की। डैम का नाम सुनते ही जगह की खूबसूरती को कम आंकने की कोशिश मत कीजिएगा क्योंकि यहां प्रकृति और आस्था दोनों का अनूठा संगम देखने को मिलता है।
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में स्थित नानक सागर डैम सरयू (देवहा) नदी पर बना हुआ है, जो नानकमता की सुंदरता को बढ़ाता है। नानक सागर डैम आसपास के इलाकों को सिंचाई के लिए उपयुक्त बनाता है और उत्तर प्रदेश के कई जिलों को पानी की आपूर्ति भी करता है। खास बात यह है कि डैम के पास सागर के बीचोंबीच जाने के लिए एक रास्ता बनाया गया है, जो नानक सागर के अद्भुत नजारे को दिखाता है।
हर साल समंदर के खूबसूरत नजारे को देखने के लिए लाखों की संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। यहां पर्यटक शांत वातावरण और बोटिंग का मजा भी ले सकते हैं, और यहां प्रवेश की कोई फीस भी नहीं लगती। पर्यटक परिवार के साथ उत्तराखंड में गोवा जैसा मजा ले सकते हैं, जहां दूर-दूर तक सिर्फ विशाल समंदर मौजूद है।
नानक सागर डैम कई कारणों से प्रसिद्ध है क्योंकि यहां आने वाले पर्यटकों को मन की शांति भी मिलती है। डैम के पास प्रसिद्ध सिख तीर्थ स्थल नानकमता भी मौजूद है, जिसे गुरु नानक साहब की तीसरी यात्रा से जोड़कर देखा गया है। पौराणिक किंवदंती की मानें तो नानकमता वही जगह है, जहां गुरु नानक देव जी ने सिद्ध योगियों के बारे में बताया था। इसके साथ ही गुरुद्वारे में प्राचीन पीपल का पेड़ भी मौजूद है। कहा जाता है कि इसी पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर गुरु नानक देव और श्री गुरु हरगोविंद साहिब जी ने ध्यान किया था। जो भी श्रद्धालु सिख तीर्थ स्थल नानकमता के दर्शन के लिए आता है, वह डैम के पास घूमने जरूर जाता है।
--आईएएनएस
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