पहलगाम हमले के एक साल पर विवेक रंजन बोले- कभी नहीं भूलेंगे, कभी माफ नहीं करेंगे

IANS | April 22, 2026 10:40 PM

मुंबई, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। फिल्म निर्माता-निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री ने पहलगाम हमले की बरसी पर सोशल मीडिया के जरिए पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने एक भावुक पोस्ट करते हुए लिखा, “पहलगाम हमले को एक साल, कभी नहीं भूलेंगे, कभी माफ नहीं करेंगे।”

एआई फोटो वायरल करने और धमकियों के आरोप में सिंगर ज्योति नूरा और पति के खिलाफ शिकायत दर्ज

IANS | April 22, 2026 9:59 PM

जालंधर, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। पंजाब के जालंधर में पंजाबी सिंगर ज्योति नूरा और उनके पति अभी उस्मान के खिलाफ बुधवार को थाना नंबर 5 में शिकायत दर्ज की गई है। यह शिकायत ज्योति नूरा की मां रेखा मीर ने दी है, जिसमें उन्होंने गंभीर आरोप लगाए हैं।

कीकू शारदा : संघर्ष के दिनों में छोटी-मोटी नौकरियां की, फिर ऐसे बदली किस्मत

IANS | April 22, 2026 9:51 PM

मुंबई, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। टीवी की दुनिया में जब भी कॉमेडी का नाम लिया जाता है, तो कीकू शारदा का चेहरा लोगों के सामने जरूर आता है। कभी 'पलक' बनकर तो कभी 'बंपर' और 'बच्चा यादव' के किरदार में उन्होंने दर्शकों को इतना हंसाया कि लोग उनके स्क्रीन पर आने का इंतजार करने लगे।

'मैं बंदर की तरह स्टेज पर कूदता था, लोग मुझे देखकर हंसते थे', आशा भोसले के पोते ने लाइव शो से जुड़ा बताया किस्सा

IANS | April 22, 2026 7:38 PM

मुंबई, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय संगीत की दिग्गज गायिका आशा भोसले का 12 अप्रैल को 92 साल की उम्र में निधन हो गया था। उनकी विरासत हमेशा से चर्चा में रही है। इस बीच, आशा भोसले के पोते चिंटू भोसले ने आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में अपने अनुभव, सोच और संगीत को लेकर बात की। उन्होंने बताया कि असली संगीत कैसे महसूस किया जाता है, और स्टेज परफॉर्मेंस का असली मतलब क्या होता है।

राम गोपाल वर्मा की तीन साल पुरानी तलाश मनोज बाजपेयी, पहली मुलाकात से बदली किस्मत

IANS | April 22, 2026 7:20 PM

मुंबई, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। हिंदी सिनेमा में कुछ कलाकार ऐसे होते हैं, जो अपने चेहरे से नहीं, बल्कि एक्टिंग से लोगों के दिलों में जगह बनाते हैं। मनोज बाजपेयी उन्हीं कलाकारों में से एक हैं। आज उन्हें बॉलीवुड का सबसे दमदार और बेहतरीन अभिनेता माना जाता है, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने का उनका सफर आसान नहीं था। एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें काम नहीं मिल रहा था। उसी दौर में एक ऐसी मुलाकात हुई, जिसने उनकी जिंदगी बदल दी।

मॉडलिंग की चमक-धमक और 'बाबूजी गर्ल' का टैग, आश्रम से मिला इंडस्ट्री का रास्ता

IANS | April 22, 2026 6:50 PM

मुंबई, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। फिल्मी दुनिया की चमक-दमक के बीच कई कलाकार ऐसे होते हैं, जो सफलता मिलने के बाद भी अंदर से खालीपन महसूस करते हैं और खुद को तलाशने की कोशिश में अलग रास्ता चुनते हैं। याना गुप्ता की कहानी भी कुछ ऐसी ही रही। यूरोप और जापान में मॉडलिंग की दुनिया में नाम कमाने के बाद जब लगातार काम और भागदौड़ से उनका मन थक गया, तब वह शांति और सुकून के लिए भारत के पुणे स्थित ओशो आश्रम आ गईं। शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अध्यात्म की खोज में भारत आई याना आगे चलकर बॉलीवुड की सबसे चर्चित आइटम गर्ल्स में से एक बन गईं।

दर्द महिलाओं तक सीमित नहीं, 'लव लॉटरी' फिल्म मानती है पुरुष भी पीड़ित हो सकते हैं : अक्षय ओबेरॉय

IANS | April 22, 2026 11:15 AM

नई दिल्ली, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। अभिनेता अक्षय ओबेरॉय अपनी अपकमिंग फिल्म 'लव लॉटरी' को लेकर काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह फिल्म जेंडर से जुड़ी पुरानी सोच को चुनौती देती है और इस महत्वपूर्ण सवाल को उठाती है कि दर्द, कमजोरी और भावनात्मक उलझनें सिर्फ एक जेंडर तक सीमित नहीं हैं।

बीआर चोपड़ा की 'साधना', जब फिल्म मेकर्स से लेकर डिस्ट्रीब्यूटर्स तक डर गए थे, लोगों ने कहा- चार फिल्में फ्लॉप हुईं, ये भी नहीं चलेगी...

IANS | April 22, 2026 9:38 AM

मुंबई, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। फिल्म निर्माता-निर्देशक बलदेव राज चोपड़ा यानी बीआर चोपड़ा भारतीय सिनेमा के उन दिग्गज फिल्मकारों में से एक थे, जिन्होंने मनोरंजन के साथ गंभीर सामाजिक मुद्दों को जोड़ा। उनका पूरा सिने करियर सामाजिक सरोकारों, सार्थक कहानियों और साहसिक विषयों से भरा रहा। भले ही वे इस दुनिया में नहीं रहे लेकिन उनकी फिल्में और टीवी सीरियल 'महाभारत' आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं।

जब ‘नया दौर’ की कहानी पर महबूब खान ने जताई थी आपत्ति, बीआर चोपड़ा से बोले- मत बनाओ तांगे वाले की फिल्म, लूट जाओगे

IANS | April 21, 2026 11:20 PM

मुंबई, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। हिंदी सिनेमा के यादगार फिल्म निर्माताओं की बात करें तो वह लिस्ट बीआर चोपड़ा के बिना अधूरी होगी। चोपड़ा साहब ने अपने करियर में कई यादगार फिल्में दीं, लेकिन उनकी 1957 में रिलीज फिल्म 'नया दौर' से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा आज भी चर्चा में रहता है। यह वही फिल्म है, जिसकी कहानी शुरुआत में कई बड़े फिल्मकारों को पसंद नहीं आई थी, जिनमें मशहूर निर्देशक महबूब खान भी शामिल थे।

बांग्ला सिनेमा की पहली सुपरस्टार कानन देवी, संघर्ष से स्टारडम तक की जानें अनकही कहानी

IANS | April 21, 2026 9:18 PM

मुंबई, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय सिनेमा के शुरुआती दौर में कई ऐसे कलाकार हुए, जिनकी कहानी खुद किसी फिल्म से कम नहीं थी। ऐसी ही एक शख्सियत थीं कानन देवी, जिन्होंने गरीबी, संघर्ष और समाज के विरोध के बावजूद अपनी एक अलग पहचान बनाई।