भ्रम में न पड़ें, जो टीका उपलब्ध हो उसे लगवाएं

भ्रम में न पड़ें, जो टीका उपलब्ध हो उसे लगवाएं

लखनऊ, 15 मई (आईएएनएस)। कोरोना से लड़ने में टीकाकरण को मजबूत हथियार बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमण से बचने के लिए इस प्रक्रिया से सभी का गुजरना अनिवार्य है। संक्रमण रोकने में टीकाकरण ही भरोसेमंद है और टिकाऊ भी। लोग लगवा भी रहे हैं खासकर दूसरी लहर की व्यापकता के बाद टीकाकरण के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ी है, खासकर युवा पीढ़ी की।



दूसरे देशों में मिलने वाली सुविधाओं को अपने देश में ट्रांसफर कर सकेंगे मजदूर

दूसरे देशों में मिलने वाली सुविधाओं को अपने देश में ट्रांसफर कर सकेंगे मजदूर

नई दिल्ली, 13 मई(आईएएनएस)। ब्रिक्स देशों के रोजगार कार्यसमूह की बैठक में भारत ने बतौर अध्यक्ष भाग लेते हुए विभिन्न जरूरी मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान सामाजिक सुरक्षा समझौते पर चर्चा के दौरान कहा गया कि अंतर्राष्ट्रीय मजदूरों को बाहरी देशों में मिलने वाले लाभ को अपने देश में स्थानांतरित करने में सुविधा होगी। 11 और 12 मई को हुई इस पहली बैठक की श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के सचिव अपूर्व चंद्रा ने अध्यक्षता की। भारत ने इसी साल ब्रिक्स का अध्यक्ष पद संभाला है। इस दौरान ब्रिक्स देशों के बीच सामाजिक सुरक्षा समझौतों को प्रोत्साहन देने, श्रम बाजारों को आकार देने, श्रमशक्ति के रूप में महिलाओं की भागीदारी और श्रम बाजार में घंटे या पार्ट-टाइम के हिसाब से काम करने वालों तथा किसी संगठन से जुड़कर काम करने वालों के रोजगार के मुद्दों पर चर्चा हुई।

भाइयों का मिलन : कैसे अरविंद और अर्जुन ने हासिल किया रोइंग का ओलंपिक कोटा?

भाइयों का मिलन : कैसे अरविंद और अर्जुन ने हासिल किया रोइंग का ओलंपिक कोटा?

नई दिल्ली, 13 मई (आईएएनएस)। राजस्थान निवासी अर्जुन लाल जाट और उत्तर प्रदेश के अरविंद सिंह 2016 तक ओलंपिक खेलों से पूरी तरह अनजान थे। इसमें हिस्सा लेना तो दूर की बात है। आज रोइंग की यह भारतीय जोड़ी टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुकी है।

कोरोना पर जुनून ने दिलाई जीत

कोरोना पर जुनून ने दिलाई जीत

भोपाल, 10 मई (आईएएनएस)। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच हर रोज बड़ी संख्या में लोग दुनिया छोड़ रहे हैं, मगर ऐसे भी लोग हैं जिनमें जीत का जुनून है और वे कोरोना पर जीत भी हासिल कर रहे हैं। हर उम्र के लेागों के कोरोना पर जीत की आ रही खबरें अन्य लोगों का साहस बढ़ाने वाली है। कई बुजुर्ग तो ऐसे हैं जो अन्य मरीजों के लिए मोटीवेटर बन गए हैं।

बिहार: जीविका दीदियां कोरोना से बचने के लिए बना रही मास्क

बिहार: जीविका दीदियां कोरोना से बचने के लिए बना रही मास्क

पूर्णिया, 8 मई (आईएएनएस)। बिहार के गांवों में रहने वाले लोगों को कोरोना के संक्रमण से बचाने के लिए सरकार द्वारा सभी घरों में छह-छह मास्क का वितरण किया जा रहा है। ऐसे में इन मास्क के निर्माण की जिम्मेदारी जीविका की महिलाओं को दिया गया है। पूर्णिया जिले में 558 महिलाएं इस काम में जुड़ी हुई हैं।

बिहार: अपनों से दूर हुए रिश्तेदार, अनजान चेहरे बने मददगार

बिहार: अपनों से दूर हुए रिश्तेदार, अनजान चेहरे बने मददगार

पटना, 6 मई (आईएएनएस)। कोरोना के इस संक्रमण काल में संक्रमित परिवारों के लिए खून के रिश्ते जहां लाचार हो रहे हैं, वहीं अनजान चेहरे मददगार बन रहे हैं। इस दौर में 'अपने' जहां दूर रह रहकर कोई मदद नहीं कर पा रहे हैं, वहीं अनजान चेहरे फरिश्ते बन खून के रिश्ते पर भारी पड़ रहे हैं।

इंदौर में 92 वर्ष की धैर्यप्रभा ने इच्छाशक्ति के बल पर कोरोना को मात दी

इंदौर में 92 वर्ष की धैर्यप्रभा ने इच्छाशक्ति के बल पर कोरोना को मात दी

इंदौर, 5 मई (आईएएनएस)। कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव के साथ निराश करने वाली खबरों के बीच राहत देने वाली खबरें भी आ रही हैं, बेहतर चिकित्सा सुविधा और मरीज के मनोबल के चलते इस महामारी पर जीत भी हासिल हो रही है। इंदौर में 92 साल की धैर्यप्रभा देवी सोजतिया ने कोरोना को मात देने में सफलता पाई है। धैर्यप्रभा कहती हैं कि कोरोना से डरे नहीं लड़ने की क्षमता पैदा करें।

मप्र के एक गांव ने कोरोना को घुसने से रोका, पेश की मिसाल

मप्र के एक गांव ने कोरोना को घुसने से रोका, पेश की मिसाल

मुरैना, 5 मई (आईएएनएस)। देश के अन्य हिस्सों के साथ मध्य प्रदेश में भी कोरोना का संक्रमण बना हुआ है, शहरी इलाका हो या ग्रामीण हर तरफ से कोरोना से संक्रमित होने और मौतों का सिलसिला जारी रहने की खबरें आ रही हैं, मगर मुरैना जिले का लोलकी गांव ऐसा है जहां के लोगों ने अपनी सजगता और सावधानी की बदौलत इस महामारी को अपने गांव में प्रवेश करने से रोक रखा है।

कोरोनाकाल में खाकी पेश कर रही मानवता की मिसाल, शिकायत से घिरी रहने वाली खाकी अब दिल में बना रही जगह

कोरोनाकाल में खाकी पेश कर रही मानवता की मिसाल, शिकायत से घिरी रहने वाली खाकी अब दिल में बना रही जगह

लखनऊ, 4 मई (आईएएनएस)। कोरोनाकाल में ऐसे हालात बने हैं। हमेशा शिकायतों से घिरी रहने वाली खाकी लोगों के दिल में जगह बना रही है। कहीं अपात हालात में लोगों को सिलेंडर मुहैया करा रही है। तो कहीं संक्रमण के कारण दूर किए शवों का अंतिम संस्कार करवा रही है। यही नहीं कॉल आने पर जरूरी दवाएं और खाना पहुंचाने पर भी यूपी पुलिस पीछे नहीं है। कोरोनाकाल में शिकायत से घिरी रहने वाली खाकी अब दिल में जगह बना रही है।

कोरोना से टूटे परिवारों का कंधा बने पांच नौजवान

कोरोना से टूटे परिवारों का कंधा बने पांच नौजवान

लखनऊ, 3 मई (आईएएनएस)। कोरोनाकाल की इस आपदा में न अपने साथ हैं न पराए। बीमारी होने पर तो लोग दूर भाग ही रहे हैं। मरने के बाद शव भी इस इंतजार में उसे अन्तिम पड़ाव तक कौन पहुंचाएगा। शुक्र है लखनऊ के इन पांच नौजवानों का जिन्होंने इस जिम्मेदारी को अपने कंधे पर उठाया है। यह पांच युवक न केवल कोरोना संक्रमित शव को कंधा देकर श्मशान भूमि तक ले जा रहे बल्कि अंतिम संस्कार भी कर रहे हैं। इनमें गरीब लोगों का खर्च यह लोग अपनी जेब से आपस में मिल बांटकर कर रहे हैं।

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