जब नूतन पर लगा था बदसूरत होने का तमगा, मां की दी हिम्मत से बनी हिंदी सिनेमा का चमकता सितारा
मुंबई, 20 फरवरी (आईएएनएस)। "तुझे क्या सुनाऊं मैं दिलरुबा, तेरे सामने मेरा हाल है, तेरी इक निगाह की बात है, मेरी जिंदगी का सवाल है..." साल 1958 में रिलीज हुई फिल्म 'आखिरी दांव' में फिल्माए गए गाने में नूतन की मासूमियत ने दर्शकों को दिल हारने पर मजबूर कर दिया है।