एचडीएफसी बैंक की वित्तीय स्थिति मजबूत, चिंता की कोई बात नहीं: आरबीआई

एचडीएफसी बैंक की वित्तीय स्थिति मजबूत, चिंता की कोई बात नहीं: आरबीआई

नई दिल्ली, 19 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को कहा कि एचडीएफसी बैंक घरेलू स्तर पर प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण बैंक (डी-एसआईबी) बैंक है, जिसकी वित्तीय स्थिति मजबूत है और बैंक को पेशेवर बोर्ड और मजबूत मैनेजमेंट द्वारा चलाया जा रहा है।

केंद्रीय बैंक की ओर से यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब एचडीएफसी बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अतानु चक्रवर्ती ने 'नैतिक मतभेद' के चलते अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

केंद्रीय बैंक ने एक बयान में कहा कि उसने एचडीएफसी बैंक में हाल के घटनाक्रमों का संज्ञान लिया है।

आरबीआई ने कहा, “बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन के पद के संबंध में बैंक के अनुरोध के अनुसार ट्रांजिशन व्यवस्था को रिजर्व बैंक ने मंजूरी दे दी है।”

आरबीआई ने आगे कहा कि अपने आवधिक मूल्यांकन में उसे बैंक के आचरण या प्रशासन के संबंध में कोई महत्वपूर्ण चिंताजनक बात नहीं मिली है।

केंद्रीय बैंक ने बयान में कहा, “बैंक के पास पूंजी पर्याप्त है और वित्तीय स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, साथ ही पर्याप्त तरलता भी है। रिजर्व बैंक आगे की रणनीति पर बोर्ड और प्रबंधन के साथ बातचीत जारी रखेगा।”

इसके साथ, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंक के उस अनुरोध को मंजूरी दे दी है जिसमें केकी मिस्त्री को 19 मार्च से तीन महीने की अवधि के लिए अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त करने की बात कही गई थी।

चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद मिस्त्री ने निवेशकों और विश्लेषकों से कहा कि बैंक में कोई बड़ी समस्या नहीं हैं। हालांकि, बैंक के शेयरों में गिरावट देखी जा रही है।

कॉन्फ्रेंस कॉल पर बोलते हुए, मिस्त्री ने कहा कि अगर यह अंतरिम पद उनके मूल्यों और सिद्धांतों के अनुरूप नहीं होता, तो वे इसे स्वीकार नहीं करते। मिस्त्री ने कहा, "अगर यह मेरे मूल्यों और सिद्धांतों के अनुरूप नहीं होता, तो मैं 71 वर्ष की आयु में यह जिम्मेदारी नहीं लेता।"

उन्होंने आगे कहा कि आरबीआई बैंक में चल रही गतिविधियों से संतुष्ट है, यह इस बात से स्पष्ट होता है कि "उन्होंने थोड़े ही समय में तीन महीने के लिए मेरी नियुक्ति को मंजूरी दे दी।"

--आईएएनएस

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